भोजशाला और ज्ञानवापी का नजराना देकर नजीर पेश करे मुस्लिम समाज
परमार वंश के महान राजा भोज द्वारा वर्ष 1034 में निर्मित यह संस्कृत पाठशाला और वाग्देवी मंदिर भारतीय ज्ञान परंपरा का एक अनुपम केंद्र था। हाल ही में उच्च न्यायालय के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इस स्थान के मूल स्वरूप को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।



























































