इस मुस्लिम दोस्त ने भारत को दिया बड़ा धोखा, चीन के साथ बढ़ा रहा अपनी नजदीकियां
चीन ने साल 2025 में इस अभ्यास के लिए अपने हल्के जेट इन जेट भेजे थे। लेकिन इस बार अपने सबसे भारी और उन्नत J16 को भेजकर उसने यह साफ किया कि वह पश्चिमी प्लेटफॉर्म्स खासकर राफेल के रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम को करीब से आंकना चाहता है।



























































