Russia ने ईरान को थमा दिया ब्रह्मास्त्र, पुतिन के चक्रव्यूह में कैसे फंस गए ट्रंप?
सबसे खतरनाक बात यह बताई जा रही है कि यह ड्रोन किसी रेडियो सिग्नल पर नहीं चलते। इन्हें एक बेहद पतली फाइबर ऑप्टिक केबल के जरिए कंट्रोल किया जाता है। इसका सीधा मतलब है कि अमेरिका के सबसे महंगे जैमर्स भी इन्हें रोक नहीं पाएंगे। यानी नो सिग्नल, नो जैमी। इन ड्रोंस में ऑपरेटर को बेहद क्लियर लाइव वीडियो मिलता है जिससे 40 किमी दूर बैठे दुश्मन पर भी सटीक हमला किया जा सकता है।



























































