बंगाल की हिंसा है लोकतंत्र पर धब्बा और बड़ी चुनौती
यह विडंबना है कि भारत, जिसने विश्व को अहिंसा, करुणा और “वसुधैव कुटुम्बकम्” का मंत्र दिया, आज वही देश राजनीतिक हिंसा के कारण अपनी छवि धूमिल करता दिखाई देता है। महात्मा गांधी ने राजनीति को नैतिकता और सेवा से जोड़ा था, लेकिन आज राजनीति सत्ता, प्रतिशोध और भय का माध्यम बनती जा रही है।



























































