Messi के 'आखिरी मिशन' पर टिकी Argentina की उम्मीदें, World Cup 2026 में इतिहास दोहराने की बड़ी चुनौती।

लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना 2026 विश्व कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के ऐतिहासिक मिशन पर है, जहाँ टीम का दारोमदार जूलियन अल्वारेज और एंजो फर्नांडीज जैसे खिलाड़ियों पर भी होगा। टीम का अनुभवी कोर उसकी ताकत है, लेकिन 1962 के बाद किसी भी टीम का खिताब न बचा पाना इस राह की सबसे बड़ी चुनौती है।
विश्व कप 2026 की शुरुआत से पहले मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में गिनी जा रही है। हालांकि इस बार चर्चा केवल लियोनेल मेसी की नहीं, बल्कि उस टीम की भी हो रही है जो लगभग उसी स्वरूप में मैदान पर उतरने वाली है जिसने वर्ष 2022 में कतर में इतिहास रचा था। चार साल बाद भी अर्जेंटीना का भरोसा अपने अनुभवी खिलाड़ियों पर कायम है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत भी मानी जा रही है।
गौरतलब है कि कतर विश्व कप जीतने वाली अर्जेंटीना टीम के अधिकांश खिलाड़ी इस बार भी विश्व कप दल का हिस्सा हैं। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी अब भी टीम की कमान संभाल रहे हैं, जबकि कप्तान के रूप में लियोनेल मेसी एक बार फिर सबसे बड़ी उम्मीद बने हुए हैं। गोलपोस्ट की जिम्मेदारी एमिलियानो मार्टिनेज के पास है और रक्षापंक्ति व मध्यपंक्ति का बड़ा हिस्सा भी पहले जैसा ही नजर आ रहा है।
बता दें कि विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना ने वर्ष 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब भी अपने नाम किया था। यही कारण है कि टीम प्रबंधन ने सफल संयोजन को बरकरार रखने का फैसला किया है। हालांकि दूसरी ओर यह भी सच है कि चार वर्षों में खिलाड़ी उम्रदराज हुए हैं और लंबे टूर्नामेंट में इसका असर देखने को मिल सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार वर्तमान अर्जेंटीना दल में केवल तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी उम्र 25 वर्ष से कम है। इनमें कई खिलाड़ी पहली बार विश्व कप खेलेंगे। अनुभवी खिलाड़ियों पर अधिक निर्भरता को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं, लेकिन कोच स्कालोनी ने युवा जोश की जगह भरोसेमंद प्रदर्शन को प्राथमिकता दी है।
इस बार एलेजांद्रो गार्नाचो जैसे युवा खिलाड़ी को टीम में जगह नहीं मिली है। वहीं रियल मैड्रिड से जुड़े युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी फ्रांको मास्तांतुओनो भी अंतिम दल में शामिल नहीं किए गए हैं। 18 वर्षीय मास्तांतुओनो ने राष्ट्रीय टीम के लिए अवसर मिलने पर प्रभावित किया था और मेसी के साथ उनकी समझ भी अच्छी दिखाई दी थी, लेकिन अनुभव की कमी शायद उनके चयन में बाधा बनी है।
अर्जेंटीना की कहानी एक बार फिर लियोनेल मेसी के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी। हालांकि कतर विश्व कप ने यह भी साबित किया था कि केवल मेसी के दम पर खिताब नहीं जीता जा सकता। जब जूलियन अल्वारेज, लाउतारो मार्टिनेज और अन्य खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली, तभी टीम ने सफलता हासिल की थी।
26 वर्षीय जूलियन अल्वारेज और 28 वर्षीय लाउतारो मार्टिनेज अब विश्व कप विजेता खिलाड़ी हैं और इस बार उनसे बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है। मध्यपंक्ति में एंजो फर्नांडीज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर टीम की रचनात्मक शक्ति माने जा रहे हैं। वहीं रोड्रिगो डी पॉल और थियागो अल्मादा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों में जूलियानो सिमियोने पर भी नजरें रहेंगी। एटलेटिको मैड्रिड के लिए खेलने वाले जूलियानो अपने पिता डिएगो सिमियोने के मार्गदर्शन में खेलते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई है। इसके अलावा निको पाज और वैलेंटिन बार्को जैसे युवा खिलाड़ियों को भविष्य के सितारों के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि अर्जेंटीना को प्रारंभिक चरण में ऑस्ट्रिया, जॉर्डन और अल्जीरिया जैसी टीमों का सामना करना है। कागज पर यह समूह अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है, लेकिन असली चुनौती बाद के चरणों में सामने आ सकती है। ऐसे में टीम की रक्षा पंक्ति और गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतना आसान नहीं माना जाता है। वर्ष 1962 के बाद कोई भी टीम लगातार दो विश्व कप नहीं जीत सकी है। फिर भी अर्जेंटीना के पास अनुभव, संतुलन और मेसी जैसा महान खिलाड़ी मौजूद है। यही कारण है कि दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि क्या मेसी अपने शानदार करियर का एक और सुनहरा अध्याय लिख पाएंगे या नहीं।
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