AFI ने जल्द ही डोपिंग के सबसे अधिक जोखिम वाले वर्ग से बाहर निकलने का वादा किया

भारत को डोपिंग के ‘बेहद अधिक’ जोखिम वाले देश की श्रेणी में रखने से शर्मिंदा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मंगलवार को कहा कि वह राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और खेल मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेगा जिससे कि डोपिंग के सबसे बड़े दोषियों के वर्ग से जल्द से जल्द बाहर निकला जा सके।
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) द्वारा भारत को डोपिंग के ‘बेहद अधिक’ जोखिम वाले देश की श्रेणी में रखने से शर्मिंदा भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मंगलवार को कहा कि वह राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और खेल मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेगा जिससे कि डोपिंग के सबसे बड़े दोषियों के वर्ग से जल्द से जल्द बाहर निकला जा सके।
द्वारा स्थापित स्वतंत्र निगरानी संस्था एआईयू ने पिछले दो वर्ष में सबसे अधिक पॉजिटिव मामले दर्ज होने के बाद सोमवार को भारत को डोपिंग के सबसे अधिक जोखिम वाले वर्ग में डाल दिया था। एआईयू बोर्ड द्वारा हाल ही में किए गए एक फैसले में एएफआई को विश्व एथलेटिक्स के डोपिंग रोधी नियमों के नियम 15 के तहत वर्ग बी से वर्ग ए डाला गया है। इसके बाद भारतीय एथलीटों को और भी अधिक सख्त डोपिंग रोधी नियमों का पालन करना होगा।
एएफआई ने एआईयू के फैसले को स्वीकार किया और कहा कि वह वर्ग ए से बाहर निकलने की दिशा में काम करेगा। एएफआई ने कहा, ‘‘एआईयू, नाडा और युवा मामले तथा खेल मंत्रालय के साथ लगातार सहयोग से एएफआई को विश्वास है कि भारत इस चुनौती से पार पा लेगा और जल्द ही वर्ग ए से हटा दिया जाएगा।’’
विश्व एथलेटिक्स के डोपिंग रोधी नियमों के तहत एआईयू बोर्ड सभी सदस्य संघों को खेल में डोपिंग के जोखिम के आधार पर वर्गीकृत करता है। श्रेणी ए में उन सदस्य देश को रखा जाता है जहां डोपिंग का जोखिम सर्वाधिक होता है। इन देशों के प्रति डोपिंग के मामले में अधिक कड़ा रवैया अपनाया जाता है। श्रेणी बी के सदस्य देशों में डोपिंग का जोखिम मध्यम स्तर का होता है जबकि श्रेणी सी में शामिल देशों में डोपिंग का जोखिम कम होता है।
भारत 2022 और 2025 के बीच एथलेटिक्स में डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघनों (एडीआरवी) के मामले में शीर्ष दो देशों में शामिल रहा है। एआईयू के अनुसार भारत में 2022 में 48 एडीआरवी (दूसरा स्थान), 2023 में 63 (दूसरा स्थान), 2024 में 71 (पहला स्थान) और 2025 (अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार) में 30 एडीआरवी (पहला स्थान) दर्ज किए गए।
एआईयू की हाल में जारी की गई सूची में डोपिंग में दोषी पाए गए व्यक्तियों की सूची में कीनिया को पीछे छोड़कर भारत पहले स्थान पर पहुंच गया है। भरत के 148 एथलीट और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को डोपिंग उल्लंघन के कारण निलंबित किया गया है। एएफआई ने कहा कि उसने लगातार यह बात दोहराई है कि डोपिंग भारत में एथलेटिक्स के विकास को कमजोर करती है।
एएफआई ने कहा, ‘‘महासंघ ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की डोपिंग रोधी संस्थाओं के साथ सक्रिय रूप से सहयोग किया है जिससे कि शिक्षा को मजबूत किया जा सके, परीक्षण को बेहतर बनाया जा सके और जांच में मदद की जा सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एएफआई ने डोपिंग के लिए जिम्मेदार लोगों को अपराधी घोषित करने की भी वकालत की है विशेषकर जमीनी स्तर पर जिससे कि युवा खिलाड़ियों को शोषण से बचाया जा सके।’’
महासंघ ने कहा कि एआईयू ने भी भारत में सार्थक डोपिंग रोधी सुधारों के लिए एएफआई के प्रयासों को सराहा है और कहा कि वह हर स्तर पर डोपिंग से निपटने के लिए एआईयू और नाडा के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अन्य न्यूज़














