शतरंज जगत में भूचाल: पूर्व World Champion Vladimir Kramnik पर FIDE का बड़ा एक्शन, एक साल के लिए बैन

अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) ने पूर्व विश्व चैम्पियन ब्लादीमिर क्रामनिक को साथी खिलाड़ियों पर बिना सबूत के धोखाधड़ी का आरोप लगाने के कारण निलंबित कर दिया है। महासंघ ने इसे 'साइबर बुलिंग' के खिलाफ नियमों का उल्लंघन बताया, जबकि क्रामनिक ने इस फैसले को अवैध बताते हुए इसे कानूनी चुनौती देने की बात कही है।
अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) ने पूर्व विश्व चैम्पियन ब्लादीमिर क्रामनिक को कम से कम एक साल के लिये निलंबित कर दिया है जिन्होंने डेनियल नारोदित्स्की समेत साथी खिलाड़ियों पर धोखेबाजी के आरोप लगाये थे जो साबित नहीं हुए। नारोदित्स्की का पिछले साल 29 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। क्रामनिक ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए इसे सोशल मीडिया पर भी साझा किया था। अमेरिकी ग्रैंडमास्टर नारोदित्सकी ने शिक्षाप्रद यूट्यूब वीडियो और लाइवस्ट्रीम के जरिये खेल के आनलाइन दौर को लाने में मदद की थी।
उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया था। क्रामनिक ने एपी को भेजे ईमेल में कहा कि वह इस निलंबन को चुनौती देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा ,‘‘ मुझे पूरा विश्वास है कि यह अवैध फैसला बदला जायेगा। मैं न्याय और खासकर अपनी प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को आखिर तक आगे बढ़ाने का इरादा रखता हूं।’’ शतरंज महासंघ ने कहा कि क्रामनिक ने बिना पर्याप्त सबूतों के सार्वजनिक रूप से धोखाधड़ी का आरोप लगाया जो ‘साइबर बुलिंग’ के खिलाफ उनके नियमों का उल्लंघन है।
महासंघ ने कहा कि धोखाधड़ी से निपटना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है लेकिन आरोपों पर उनकी प्रक्रियाओं के जरिए ही कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें उचित सबूतों का समर्थन मिलना चाहिए। नारोदित्स्की ने कहा था कि क्रामनिक के आरोपों का उन पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने कहा ,‘‘ क्रामनिक के आरोपों के बाद से मुझे लगने लगा है कि अगर मैं अच्छा खेला तो लोगों को गलत ही लगेगा। इसका मुझ पर काफी असर पड़ा है।
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