Formula E: Tokyo में Nyck de Vries की ऐतिहासिक जीत, London Final से पहले Mahindra Racing की दमदार वापसी

फॉर्मूला ई विश्व चैंपियनशिप के टोक्यो दौर में महिंद्रा रेसिंग द्वारा अर्जित 38 अंकों ने टीम की चैंपियनशिप दावेदारी को नया जीवन दिया है। न्याक डी व्रीस की जीत और बेहतर टायर प्रबंधन की रणनीति ने यह साबित किया है कि टीम अब वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है। लंदन के अंतिम मुकाबले से पहले महिंद्रा रेसिंग के प्रदर्शन का यह विश्लेषण टीम के उभरते वर्चस्व की पुष्टि करता है।
महिंद्रा रेसिंग ने फॉर्मूला ई विश्व चैंपियनशिप के अंतिम दौर से पहले शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। टोक्यो में आयोजित दो मुकाबलों में टीम ने कुल 38 अंक हासिल किए, जिससे उसके हौसले काफी बढ़ गए हैं। अब लंदन में होने वाले अंतिम दौर से पहले महिंद्रा रेसिंग टीम अंक तालिका में आंद्रेट्टी से केवल एक अंक पीछे है और बेहतर स्थान हासिल करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार टोक्यो के दूसरे मुकाबले में न्याक डी व्रीस ने बारिश से प्रभावित रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। यह इस सत्र में महिंद्रा रेसिंग की दूसरी जीत रही। गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 के बाद यह पहला मौका है जब महिंद्रा रेसिंग ने एक ही सत्र में दो रेस अपने नाम की हैं। इस जीत के साथ टीम के कुल 210 अंक हो गए हैं और अब वह टीमों की अंक तालिका में आंद्रेट्टी से केवल एक अंक पीछे है।
व्यक्तिगत खिलाड़ियों की बात करें तो न्याक डी व्रीस अब चालक अंक तालिका में नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं एडोआर्डो मोर्तारा पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। टोक्यो में उनका प्रदर्शन भी बेहद प्रभावशाली रहा। रविवार को उन्होंने इस सत्र का अपना चौथा पोल स्थान हासिल किया और इसके साथ ही फॉर्मूला ई के एक सत्र में सबसे अधिक पोल स्थान हासिल करने के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
बता दें कि शनिवार के मुकाबले से पहले एडोआर्डो मोर्तारा ने दोनों अभ्यास सत्रों में सबसे तेज समय दर्ज किया था। इसके बाद उन्होंने शुरुआती रेस के लिए दूसरा स्थान हासिल किया और मुख्य मुकाबले में पांचवें स्थान पर रहे। दूसरी ओर न्याक डी व्रीस का शनिवार का मुकाबला ज्यादा सफल नहीं रहा। पहले ही चक्कर में उनके वाहन का टायर खराब हो गया, जिसके कारण उन्हें 17वें स्थान पर रहकर रेस समाप्त करनी पड़ी।
रविवार की रेस पूरी तरह अलग परिस्थितियों में हुई। लगातार बारिश के कारण शुरुआत सुरक्षा वाहन के पीछे से कराई गई। बदलते मौसम और फिसलन भरे ट्रैक ने सभी टीमों के लिए रणनीति को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया। महिंद्रा रेसिंग ने दोनों वाहनों के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाई। शुरुआत में न्याक डी व्रीस पीछे चले गए, लेकिन जैसे-जैसे ट्रैक सूखता गया, उनकी रणनीति कारगर साबित हुई और वह लगातार आगे बढ़ते गए।
वहीं एडोआर्डो मोर्तारा ने पोल स्थान से शुरुआत करते हुए शुरुआती बढ़त बनाए रखी। हालांकि एंतोनियो फेलिक्स दा कोस्टा ने अतिरिक्त शक्ति का उपयोग करते हुए उनसे बढ़त हासिल कर ली। बाद में रेस के दौरान एक दुर्घटना के कारण रेस रोकनी पड़ी, जिसमें मोर्तारा भी शामिल हो गए और उनकी चुनौती वहीं समाप्त हो गई।
उधर न्याक डी व्रीस ने अंतिम चरण में शानदार वापसी की। उन्होंने सही समय पर अतिरिक्त शक्ति का उपयोग करते हुए बढ़त बनाई। रेस दोबारा शुरू होने के बाद केवल एक चक्कर बचा था। इस दौरान निक कैसिडी और जेक डेनिस ने उन पर लगातार दबाव बनाया, लेकिन न्याक डी व्रीस ने संयम बनाए रखा और सबसे पहले लक्ष्य रेखा पार करते हुए अपने करियर की छठी फॉर्मूला ई जीत दर्ज की।
अब सभी की नजर लंदन में होने वाले अंतिम दौर पर है। महिंद्रा रेसिंग की कोशिश होगी कि वह इस शानदार लय को बरकरार रखते हुए टीम और चालक दोनों वर्गों में बेहतर स्थान हासिल करे। लगातार सुधरते प्रदर्शन को देखते हुए टीम के पास इस सत्र का समापन यादगार बनाने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।
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