सचिन तेंदुलकर ने बताया, इस युवा खिलाड़ी से करते थे सबसे ज्यादा बातचीत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 28, 2020   17:23
सचिन तेंदुलकर ने बताया, इस युवा खिलाड़ी से करते थे सबसे ज्यादा बातचीत

सचिन तेंदुलकर ने युवा बल्लेबाज पृथ्वी साव से बातचीत कर उनके करियर को सही दिशा में ले जाने में मदद की। तेंदुलकर ने कहा , ‘‘ हां, यह सच है। पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी (साव) से मेरी कई बार बात हुई है। वह बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और मैं उसकी मदद करके खुश हूं।

नयी दिल्ली। अपने क्रिकेट करियर के दौरान आदर्श खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने युवा बल्लेबाज पृथ्वी साव का उस समय मार्गदर्शन किया था जब वह खराब दौर से गुजर रहे थे। बीस साल के साव ने टेस्ट करियर का शानदार आगाज करते हुए पदार्पण मैच में शतक ठोका था। वह ऐसा करने वाले दूसरे सबसे युवा बल्लेबाज बने थे। टखने की चोट और डोप परीक्षण में नाकाम रहने के बाद उन्हें 16 महीने तक खेल के मैदान से दूर रहना पड़ा। भारतीय क्रिकेट जगत में उनमें अनुशासन की कमी को लेकर भी चर्चा थी। ऐसे में तेंदुलकर ने साव से बातचीत कर उनके करियर को सही दिशा में ले जाने में मदद की। तेंदुलकर ने कहा , ‘‘ हां, यह सच है। पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी (साव) से मेरी कई बार बात हुई है।

इसे भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने कहा, इस साल नहीं होना चाहिए T20 विश्‍व कप

वह बहुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और मैं उसकी मदद करके खुश हूं। मैंने उनसे क्रिकेट और इस खेल से बाहर की जिंदगी के बारे में बात की।’’ तेंदुलकर से जब पूछा गया कि उन्होंने साव को क्या बताया तो वह इस बारे में बात करने में सहज नहीं दिखे। इस महान खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ मेरा मानना ​​है कि अगर किसी युवा ने मुझसे संपर्क किया है और मार्गदर्शन मांगा है तो कम से कम मेरी ओर से गोपनीयता बरकरार रहना चाहिए। ऐसे में मैं आपको यह नहीं बताना चाहूंगा कि किस मुद्दे पर बातचीत हुई थी।’’ साव ने हालांकि बाद में बताया था कि उन्हें मुंबई के इस सीनियर खिलाड़ी का मार्गदर्शन मिला था। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘ठीक है, अगर पृथ्वी इसके बारे में बात करना चाहता है, तो यह उसकी मर्जी है।’’

इसे भी पढ़ें: ब्रेट ली का खुलासा- वॉर्न को अपने इशारों पर नचाता था तेंदुलकर

तेंदुलकर ने व्यक्तिगत स्तर पर कई युवा क्रिकेटरों का मार्गदर्शन किया है लेकिन उन्होंने कभी उसका खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने व्यक्तिगत स्तर पर बहुत सारे युवाओं से बात की है और उनका मार्गदर्शन किया है।अगर किसी को लगता है कि मैं उन्हें उनके खेल के बारे में मार्गदर्शन देने में मदद कर सकता हूं, तो मैं हमेशा तैयार रहता हूं।’’ साव के अलावा भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी बांग्लादेश के खिलाफ पिछले साल नवंबर में गुलाबी गेंद से खेले गये टेस्ट से पहले सुझाव लिया था। कोहली ने कहा था, ‘‘ मैंने पहले दिन के खेल के बाद सचिन पाजी से बात की और उन्होंने एक बहुत ही दिलचस्प बात कही।उन्होंने कहा था कि गुलाबी गेंद के साथ आपको दूसरे सत्र को सुबह के सत्र की तरह लेना चहिए। क्योंकि इस समय अंधेरा हो रहा होता है और गेंद स्विंग होने लगती है।’’ कोहली इस मैच में शतक लगाकर दिन-रात्रि टेस्ट में ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।