मोंटेनेग्रो युवा मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने हासिल किए पांच स्वर्ण पदक

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   15:22
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मोंटेनेग्रो युवा मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने हासिल किए पांच स्वर्ण पदक

मोंटेनेग्रो युवा मुक्केबाजी टूर्नामेंट में भारतीय महिला मुक्केबाजों को पांच स्वर्ण मिले।खेलो इंडिया खेलों की तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति ने रविवार को यूक्रेन की मेरियाना स्टोइको को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया।

नयी दिल्ली। बेबीरोजिसाना चानू (51 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (69 किग्रा) ने दो और स्वर्ण पदक जीते जिससे भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम मोंटेनेग्रो के बुदवा में चल रहे 30वें एड्रियाटिक पर्ल टूर्नामेंट में कुल पांच स्वर्ण के साथ शीर्ष पर रही। लकी राणा (64 किग्रा) को रजत पदक मिला। भारतीय महिला टीम ने कुल 10 पदक (पांच स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य) के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उज्बेकिस्तान दो स्वर्ण पदक जीतकर दूसरे जबकि एक स्वर्ण पदक जीतने वाला चेक गणराज्य तीसरे स्थान पर रहा। खेलो इंडिया खेलों की तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति ने रविवार को यूक्रेन की मेरियाना स्टोइको को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। चानू ने करीबी मुकाबले में उज्बेकिस्तान की एशियाई जूनियर चैंपियन सबीना बोबोकुलोवा को 3-2से शिकस्त दी।

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लकी को हालांकि फिनलैंड की मुक्केबाज लिया पुकिला के खिलाफ 0-5 की शिकस्त के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय महिला मुक्केबाजों में अल्फिया पठान (+81 किग्रा),विनका (60 किग्रा) और टी सनामाचा चानू (75 किग्रा) ने भी स्वर्ण पदक जीते। विनका को टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ महिला मुक्केबाज का पुरस्कार भी मिला। पुरुष वर्ग में दो पदक के साथ भारत की 19 सदस्यीय टीम ने अपने अभियान का अंत 12 पदक से ओवरआल दूसरे स्थान के साथ किया। ओवरआल तालिका में उज्बेकिस्तान शीर्ष जबकि यूक्रेन तीसरे स्थान पर रहा।





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भारत पर भारी पड़ा कोविड का मामला, तीन मुक्केबाज फाइनल से हटे

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   12:53
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भारत पर भारी पड़ा कोविड का मामला, तीन मुक्केबाज फाइनल से हटे

ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके आशीष कुमार (75 किग्रा) का वायरस के लिये परीक्षण पॉजीटिव आया है और इस कारण उनके साथ एक कमरे में रह रहे मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और सुमित सांगवान (81 किग्रा) को भी शनिवार को फाइनल मुकाबलों से हटना पड़ा।

नयी दिल्ली। भारत के एक खिलाड़ी के कोविड-19 के लिये पॉजीटिव पाये जाने के कारण उसके तीन मुक्केबाजों को स्पेन के कैस्टेलियोन में 35वें बोक्साम इंटरनेशनल टूर्नामेंट में फाइनल के अपने मुकाबलों से हटना पड़ा। ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर चुके आशीष कुमार (75 किग्रा) का वायरस के लिये परीक्षण पॉजीटिव आया है और इस कारण उनके साथ एक कमरे में रह रहे मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा) और सुमित सांगवान (81 किग्रा) को भी शनिवार को फाइनल मुकाबलों से हटना पड़ा। इन तीनों का स्वर्ण पदक पक्का माना जा रहा था लेकिन उन्हें इन विपरीत परिस्थितियों के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफोरमेन्स निदेशक सैंटियागो नीवा ने कैस्टलियोन से कहा, ‘‘जिस प्रतियोगिता की शुरुआत शानदार रही उसका अंत निराशाजनक रहा। ’’ आशीष में बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं और वह स्वस्थ हैं। वह भारत लौटने से पहले कैस्टेलियोन में दो सप्ताह तक पृथकवास पर रहेंगे। हुसामुद्दीन और सुमित का परीक्षण नेगेटिव आया है और वे टीम के साथ सोमवार को स्वदेश लौट जाएंगे। भारतीय टीम स्पेन से मुंबई पहुंचेगी। सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) भी बीमार होने के कारण फाइनल में भाग नहीं ले पाएंगे। इस तरह से मनीष कौशिक (65 किग्रा) भारत की तरफ से स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र मुक्केबाज रहे। 

उन्होंने फाइनल में डेनमार्क के निकोलेई टेरटेरयान को हराया। मनीष ने इस तरह से घुटने की चोट से उबरकर शानदार वापसी भी की। चोट के कारण वह एक साल तक बाहर रहे थे। महिलाओं में सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) को भी फाइनल से हटना पड़ा क्योंकि सेमीफाइनल की उनकी प्रतिद्वंद्वी प्यूर्टोरिको की किरिया टापिया का परीक्षण पॉजीटिव पाया गया था। भारतीय खिलाड़ी का परीक्षण हालांकि नेगेटिव आया था। भारतीय महिला मुक्केबाजी के हाई परफोरमेन्स निदेशक राफेल बरगामस्को ने कहा, ‘‘स्थानीय सरकार के नियमों के अनुसार वह प्रतिस्पर्धा में भाग नहीं ले सकती। ’’ विकास कृष्णन (69 किग्रा) शनिवार को फाइनल में रिंग पर उतरे लेकिन वह संघर्षपूर्ण मुकाबले में स्पेन के योउबा सिसोखो से हार गये। इस मुकाबले के दौरान भारतीय मुक्केबाज की दायीं आंख के ऊपर चोट लग गयी थी। महिला वर्ग में पूजा रानी (75 किग्रा) और जैसमीन (57 किग्रा) को भी रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत ने इस तरह से इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण, आठ रजत और एक कांस्य पदक जीता। छह बार की विश्व चैंपियन एम सी मैरीकोम को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। इस प्रतियोगिता में रूस, अमेरिका, इटली और कजाखस्तान सहित 17 देशों के मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। भारतीय मुक्केबाज अगले कुछ दिनों में पटियाला में शिविर में हिस्सा लेंगे।





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पीवी सिंधु ने स्विस ओपन के फाइनल में हासिल की जगह, लंबे समय बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में की एंट्री

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   18:32
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पीवी सिंधु ने स्विस ओपन के फाइनल में हासिल की जगह, लंबे समय बाद किसी टूर्नामेंट के फाइनल में की एंट्री

ओलंपिक रजत पदक विजेता पी वी सिंधु स्विस ओपन के फाइनल में पहुंच गई है।सिंधु 2019 में यहां विश्व चैम्पियनशिप के बाद पहले फाइनल में पहुंची हैं। पूर्व चैम्पियन किदाम्बी श्रीकांत शुक्रवार को पुरूष एकल सेमीफाइनल में पहुंच गए जबकि सात्विक साइराज रांकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने भी युगल वर्ग के अंतिम चार में जगह बनाई।

बासेल। ओलंपिक रजत पदक विजेता पी वी सिंधु ने शनिवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट के खिलाफ सीधे गेम में जीत दर्ज की और स्विस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में जगह बनायी। मौजूदा विश्व चैम्पियन सिंधु ने चौथी वरीयता प्राप्त मिया को 43 मिनट में 22-20 21-10 से शिकस्त दी और जनवरी में योनेक्स थाईलैंड ओपन में दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी से पहले दौर में मिली हार का बदला चुकता किया। सिंधु 2019 में यहां विश्व चैम्पियनशिप के बाद पहले फाइनल में पहुंची हैं। पूर्व चैम्पियन किदाम्बी श्रीकांत शुक्रवार को पुरूष एकल सेमीफाइनल में पहुंच गए जबकि सात्विक साइराज रांकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने भी युगल वर्ग के अंतिम चार में जगह बनाई। दुनिया की दसवें नंबर की जोड़ी सात्विक साइराज और चिराग ने जनवरी में टोयोटा थाईलैंड ओपन में भी सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

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चौथी वरीयता प्राप्त श्रीकांत ने थाईलैंड के केंटाफोन वांगचारोन को 44 मिनट में 21 . 19, 21 . 15 से हराया। वहीं दूसरी वरीयता प्राप्त चिराग और सात्विक ने पांचवीं वरीयता प्राप्त ओंग यू सिन और टियो ई यि को 12 . 21, 21 . 19, 21 . 12 से मात दी। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत इससे पहले नवंबर 2019 में हांगकांग सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। अब उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त और दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन से होगा। सात्विक और चिराग छठी वरीयता प्राप्त डेनमार्क के किम एस्ट्रूप और एंडर्स स्कार्प से खेलेंगे।





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भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार चौथी हार, जर्मनी दौरा हुआ समाप्त

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 5, 2021   11:43
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भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार चौथी हार, जर्मनी दौरा हुआ समाप्त

भारतीय महिला हॉकी टीम का जर्मनी का दौरा हार से समाप्त हो गया है।भारतीय टीम के लिये एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में किया। यह भारत की चौथे मैच में चौथी हार थी। बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई।जर्मनी ने शुरू में ही आक्रामकता बरती और 10वें मिनट में ही पेनल्टी कार्नर हासिल कर लिया।

डुसेलडोर्फ। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गुरूवार को यहां चौथा और अंतिम मैच 1-2 से गंवाने से जर्मनी के दौरे का समापन एक और हार से किया। दुनिया की तीसरे नंबर की जर्मनी की टीम के लिये नाओमी हेन (29वें) और चार्लोट स्टापेनहोर्स्ट (37वें) ने गोल दागे। भारतीय टीम के लिये एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में किया। यह भारत की चौथे मैच में चौथी हार थी। बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई। जर्मनी ने शुरू में ही आक्रामकता बरती और 10वें मिनट में ही पेनल्टी कार्नर हासिल कर लिया। सविता और उनकी रक्षात्मक पंक्ति ने विपक्षी टीम को दूर ही रखा। भारत को भी एक मिनट बाद एक पेनल्टी कार्नर मिला। लेकिन जर्मनी के मजबूत डिफेंस ने भी भारत को सफलता हासिल नहीं करने दी।

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दूसरे क्वार्टर के खत्म होने में एक मिनट बचा था कि हेन ने शानदार मैदानी गोल से मेजबानों को बढ़त दिला दी। जर्मनी ने पहले हाफ के बाद कोशिश करना जारी रखा और उन्हें दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला। भारत ने फिर अच्छे डिफेंस का नमूना पेश किया और जर्मनी के लगातार हमलों को रोका। लेकिन 37वें मिनट में स्टापेनहोर्स्ट ने स्कोर 2-0 कर दिया। भारतीय टीम ने चौथे क्वार्टर में प्रयास तेज कर दिये और लालरेमसियामी ने 51वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया। जर्मनी ने अंत तक बढ़त कायम रखी और दौरे पर लगातार चौथी जीत हासिल की।





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