Indian Women Hockey टीम सेमीफाइनल से बाहर, ऑस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ पर थमा सफर

एम्सटेलवीन में 23 अगस्त को खेले गए विश्व कप मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच गोलरहित बराबरी पर समाप्त होने के बाद सेमीफाइनल की होड़ से बाहर हो गई। समान अंक और बराबर गोल औसत के बावजूद अधिक गोल दागने की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई टीम अंतिम चार में पहुंच गई। पूल ई से नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के आगे बढ़ने के बाद अब भारतीय टीम क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी।
(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 23 अगस्त विश्व कप में अब तक शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम बड़े मैच का दबाव नहीं झेल सकी और ‘करो या मरो’ के मुकाबले में आस्ट्रेलिया से गोलरहित बराबरी के बाद समान अंक होने के बावजूद गोलों की गिनती के आधार पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। भारत को सेमीफाइनल में जाने के लिये यह मैच हर हालत में जीतना था। पहले दौर में पूल डी में चीन से ड्रॅा का एक अंक भारत के पास था जबकि आस्ट्रेलिया भी एक अंक लेकर आई थी।
इसके बाद आकलन गोल औसत के आधार पर होना था जिसमें दोनों के माइनस दो गोल थे। आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये और पांच गंवाये थे जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये थे। औसत भी बराबर रहने के बाद गोल की गिनती में आस्ट्रेलिया एक गोल आगे था और सेमीफाइनल में पहुंच गया।
दूसरे चरण के पहले मैच में नीदरलैंड से दो गोल से हारने से पहले शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम आज लय में नजर नहीं आई। कई आसान मौके गंवाये और रैंकिंग में अपने से महज एक स्थान ऊपर काबिज आस्ट्रेलिया से गेंद पर कब्जा छीनने में भी नाकाम रही। भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने आखिरी पांच मिनट में गोलकीपर बिछू देवी को भी हटा दिया था लेकिन फिर भी भारतीय टीम खाता नहीं खोल सकी।
अब भारत क्लासीफिकेशन मैच खेलेगा जबकि नीदरलैंड और आस्ट्रेलिया पूल ई से सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। भारतीय खिलाड़ी पहले हाफ में वह तत्परता और तालमेल नहीं दिखा सके जो टूर्नामेंट में अब तक देखने को मिला था। पासिंग भी सटीक नहीं रही और मिडफील्ड में बार बार गेंद पर नियंत्रण खो दिया।
पहले क्वार्टर में आस्ट्रेलिया ने आक्रामक शुरूआत की और दूसरे ही मिनट में लगा कि करीब से लगाये गए शॉट पर उसने बढत बना ली है लेकिन भारत ने रेफरल लिया और टीवी अंपायर ने खतरनाक बॉल करार देकर गोल नहीं दिया। चौथे मिनट में कौर ने इशिका को गेंद सौंपी लेकिन उसने सर्कल के भीतर गेंद गंवा दी। दसवें मिनट में आस्ट्रेलिया फिर गोल करने के करीब पहुंचा जब एमी ल्यूटन ने दाहिने ओर से रिवर्स हिट लगाई जिसे भारतीय गोलकीपर सविता ने बखूबी बचा लिया।
फिर 13वें मिनट में नेहा ने सर्कल के भीतर गेंद गंवा दी। पहले पंद्रह मिनट में आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का दबदबा रहा हालांकि कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में आस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इंजेक्शन ही खराब रहा।
गेंद अभी भी भीतर थी जो भारतीय डिफेंडर की स्टिक से टकराकर बाहर निकल गई। इसके दो मिनट बाद ग्रेस यंग ने सर्कल पर से रिवर्स हिट लगाई जिसे बिछू देवी ने अपने दाहिने ओर लगभग डाइव लगाते हुए बाहर कर दिया। भारतीय मिडफील्डर इशिका को 26वें मिनट में चोट लगी और एक मिनट बाद लालरेम्सियामी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी से गेंद छीनने के प्रयास में घायल हो गई।
उन्हें करीब से घुटने पर गेंद लगी और फिजियो तथा अंपायर की मदद से वह मैदान से बाहर गई। भारत को हाफटाइम से ठीक पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला जब सलीमा आगे बढी लेकिन आस्ट्रेलियाई डिफेंडर के पैर से गेंद टकरा गई। उस समय दीपिका मैदान पर नहीं थी।
भारत ने वैरिएशन आजमाया और नवनीत ने सीधे स्लैप हिट लगाने की बजाय निक्की को स्क्वेयर पास दिया जो शॉट नहीं ले सकी और गेंद उसके पैर से टकराकर निकल गई। पहले हाफ तक स्कोर गोलरहित बराबरी पर था। आस्ट्रेलिया के पास 37वें मिनट में सुनहरा मौका था जब बायीं ओर से मिले क्रॉस पर स्टेफनी केरशॉ ने गोल के सामने से दमदार शॉट लगाया लेकिन गेंद साइड नेट से टकरा गई।
इसके दो मिनट बाद आस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला जब एलिस अर्नाट के शॉट पर गेंद साक्षी से टकराई। पेनल्टी कॉर्नर पर केरशॉ के शॉट पर गेंद डिफ्लैक्ट होकर भीतर गई और आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जश्न मनाने लगे लेकिन गेंद हवा में उछली और शिल्पी के शरीर से टकरा गई। अंपायर ने इसे खतरनाक गेंद करार दिया।
भारत को तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में गोल करने का मौका मिला जब सर्कल लाइन पर से नवनीत ने दाहिने ओर बलजीत को गेंद सौंपी जिसने दीपिका को क्रॉस दिया लेकिन उसकी स्टिक से लगकर गेंद हवा में चली गई। आस्ट्रेलिया को 46वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जब नेहा ने मिडफील्ड में गेंद गंवा दी और आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का शॉट सुशीला के पैर पर लगा। क्लेयर कोलविल की ड्रैग फ्लिक भारतीय डिफेंस ने रोक दी।
आस्ट्रेलिया को लगातार दूसरा पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन सलीमा ने रेफरल लिया जिसमें पता चला कि गेंद उनकी स्टिक से लगी थी। भारत को 48वें मिनट में फिर सुनहरा मौका मिला जब सलीमा ने दाहिने ओर से शानदार दौड़ लगाते हुए गेंद नवनीत को सौंपी लेकिन नवनीत और लालरेम्सियामी के बीच गलतफहमी से गेंद हाथ से निकल गई। आस्ट्रेलिया को 54वें मिनट में मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार किया।
भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने आखिरी पांच मिनट में गोलकीपर को हटा दिया जिससे भारत के पास एक अतिरिक्त खिलाड़ी हो गया। आस्ट्रेलिया को 59वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सलीमा की शानदार रशिंग से गोल नहीं हो सका।
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