Thomas Cup में भारत का धमाल, Chinese Taipei को 3-0 से रौंदकर Semi-Final में बनाई जगह।

डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने थॉमस कप में अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए चीनी ताइपे पर 3-0 की शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई और पदक सुनिश्चित किया। इस मुकाबले में लक्ष्य सेन ने विश्व नंबर 6 खिलाड़ी के खिलाफ वापसी करते हुए जीत दर्ज की, जिसके बाद सात्विक-चिराग और आयुष शेट्टी ने टीम को अजेय बढ़त दिलाई।
बैडमिंटन में भारत के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है, जहां भारतीय पुरुष टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए थॉमस कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराकर अपनी ताकत का दमदार प्रदर्शन किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस जीत के साथ भारत ने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। मुकाबले को निर्णायक अंदाज में आयुष शेट्टी ने खत्म किया, जिन्होंने लिन चुन यी के खिलाफ सीधे गेम में 21-16, 21-17 से जीत दर्ज की। बता दें कि आयुष पूरे मैच में संतुलित और आत्मविश्वास से भरे नजर आए और उन्होंने दबाव की स्थिति में भी बेहतरीन नियंत्रण बनाए रखा।
इससे पहले, भारत को शानदार शुरुआत लक्ष्य सेन ने दिलाई। गौरतलब है कि लक्ष्य सेन ने विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चाउ तिएन चेन के खिलाफ जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया है। करीब एक घंटे 28 मिनट तक चले इस मुकाबले में लक्ष्य ने 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दूसरे गेम में लक्ष्य सेन के सामने दो मैच प्वाइंट की चुनौती थी, लेकिन उन्होंने धैर्य और संयम दिखाते हुए दोनों को बचाया और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया है। तीसरे गेम में उन्होंने पूरी तरह नियंत्रण बनाते हुए भारत को अहम बढ़त दिलाई है।
इसके बाद युगल मुकाबले में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने टीम की बढ़त को और मजबूत किया है। इस जोड़ी ने कड़े मुकाबले में चिउ सियांग चीह और वांग ची लिन को 23-21, 19-21, 21-12 से हराया है। बता दें कि पहले गेम में करीबी जीत के बाद भारतीय जोड़ी ने निर्णायक गेम में आक्रामक खेल दिखाते हुए आसानी से मुकाबला अपने नाम किया है।
गौरतलब है कि इस जीत के साथ भारत ने 2022 के अपने खिताब की यादें ताजा कर दी हैं और एक बार फिर खिताब की दावेदारी मजबूत कर दी है। अब सेमीफाइनल में भारत का सामना जापान या फ्रांस में से किसी एक टीम से होगा।
इतिहास की बात करें तो भारत इससे पहले भी 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीत चुका है, जबकि 2022 में टीम ने स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा था। ऐसे में मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम एक बार फिर खिताब जीतने की ओर मजबूती से बढ़ती नजर आ रही है।
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