ISSF विश्व चैंपियनशिप: निशानेबाजों के खराब प्रदर्शन पर Thomas Farnik और दीपाली देशपांडे में तकरार

दोहा में जारी आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में भारतीय राइफल निशानेबाजों के लचर प्रदर्शन के बाद कोचिंग स्टाफ में मतभेद उभर आए हैं। विदेशी कोच थॉमस फार्निक और राष्ट्रीय कोच दीपाली देशपांडे के बीच टीम समीक्षा बैठक में तीखी बहस हुई। फार्निक का आरोप है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और फैसलों में उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
नयी दिल्ली, आठ नवंबर भारतीय निशानेबाजों के दोहा में जारी आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में एयर राइफल स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद विदेशी राइफल कोच थॉमस फार्निक और राष्ट्रीय कोच दीपाली देशपांडे के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। ऑस्ट्रिया के फार्निक का मानना है कि भारतीय कोचिंग स्टाफ उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहा है और टीम की तैयारियों में उनकी भूमिका को अहमियत नहीं दी जा रही है। घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, फार्निक इस बात से नाराज हैं कि राष्ट्रीय कोच टीम के कामकाज में हावी हैं और उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इससे कोचिंग टीम के भीतर खींचतान की स्थिति पैदा हो गई है। सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘विदेशी कोच थॉमस फार्निक राइफल स्पर्धाओं में टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। उन्हें इस बात की भी शिकायत है कि दीपाली देशपांडे और अन्य राष्ट्रीय कोच उन्हें हर मामले में दरकिनार कर रहे हैं।
उन्होंने एक राइफल निशानेबाज से यह बात भी साझा की थी कि निशानेबाजों का प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने में उनकी राय तक नहीं ली जा रही है।’’ दोनों कोच के बीच मतभेद उस समय खुलकर सामने आ गए, जब टीम के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में फार्निक और देशपांडे के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों कोचों ने टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया। यह कहासुनी पूरे भारतीय दल के सामने हुई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब भारत के राइफल निशानेबाज 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कोटा स्थानों के लिए आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। चैंपियनशिप के पहले दिन पुरुष और महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में भारत के छह निशानेबाजों में से पांच व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। इलावेनिल वलारिवन फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय निशानेबाज रहीं।
उन्होंने छठा स्थान हासिल किया। मिश्रिम टीम स्पर्धा में भी भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। क्वालिफिकेशन दौर के बाद उपकरणों की जांच में निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने के कारण शांभवी क्षीरसागर को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
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