Jaipal Malviya ने विश्व चैंपियनशिप में जीता सिल्वर, भारत को मिला पहला Olympic Quota

Jaipal Malviya ने विश्व चैंपियनशिप में जीता सिल्वर, भारत को मिला पहला Olympic Quota
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दोहा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जयपाल मालवीय ने 242.2 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए निशानेबाजी का पहला कोटा सुनिश्चित कर लिया। प्रतियोगिता में चीन के काई हू ने स्वर्ण और चेक गणराज्य के जिंद्रिच डुबोवी ने कांस्य पदक जीता।

दोहा, पांच नवंबर भारतीय निशानेबाज जयपाल मालवीय ने बृहस्पतिवार को यहां आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता और देश को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए निशानेबाजी में पहला कोटा दिलाया। मालवीय ने आठ निशानेबाजों के बीच हुए फाइनल में 242.2 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया और देश के लिए लॉस एंजिलिस ओलंपिक का पहला कोटा सुनिश्चित किया। चीन के काई हू ने 243.9 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चेक गणराज्य के जिंद्रिच डुबोवी ने 220.9 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले मालवीय ने क्वालिफिकेशन में छह सीरीज में कुल 585 अंक हासिल कर तीसरे स्थान के साथ पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी। मालवीय ने ऐतिहासिक पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘यहां का माहौल शानदार है। दर्शकों का उत्साह बहुत ज्यादा था और इससे मुझे प्रेरणा मिली।

मैं महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), ओजीक्यू, मध्य प्रदेश और भारत सरकार का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। समरेश जंग सर का भी शुक्रिया। मुझे खुशी है कि मैं देश के लिए ओलंपिक कोटा और पदक जीत सका।

’’ भारतीय निशानेबाज ने फाइनल की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ की। पहली पांच शॉट की सीरीज के दूसरे प्रयास में उन्होंने 9.2 अंक हासिल किए, लेकिन आखिरी शॉट पर 10.6 अंक के साथ वापसी की। पहली सीरीज के बाद उनके कुल 50.5 अंक थे और वह शीर्ष पर चल रहे हू के पीछे तीसरे स्थान पर थे।

मालवीय मुकाबले में बने रहे, लेकिन 10 शॉट की सीरीज पूरी करने के बाद 10.8 अंक हासिल करने के बावजूद चौथे स्थान पर खिसक गए। इस समय उनके कुल अंक 100.0 थे। चेक गणराज्य के डुबोवी 100.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए जबकि चीन के हू और यू शिए शीर्ष स्थानों के लिए चुनौती पेश कर रहे थे।

हालांकि मालवीय ने 10.7 अंक के साथ जोरदार वापसी की जिस पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। उनके साथ फाइनल में शामिल इस्लाम शामसुतदिनोव इस प्रदर्शन की बराबरी नहीं कर सके और बाहर हो गए। इसके बाद मालवीय ने 10.7 अंक हासिल किए जबकि हू को 10.9 अंक मिले।

इससे भारतीय निशानेबाज दूसरे स्थान पर पहुंच गए और वह चीनी निशानेबाज से केवल 0.5 अंक पीछे रह गए। इस प्रदर्शन के साथ ही भारत का 2028 ओलंपिक के लिए निशानेबाजी में पहला कोटा भी पक्का हो गया। इसके बाद मालवीय का पदक जीतना सुनिश्चित हो गया।

उस समय हू और उनके बीच केवल 0.1 अंक का अंतर था जबकि डुबोवी 1.8 अंक पीछे चल रहे थे। मालवीय के 9.7 अंक के एक शॉट ने उनकी चुनौती को झटका दिया और वह शीर्ष स्थान पर मौजूद हू से 0.9 अंक पीछे हो गए। हालांकि उन्होंने महत्वपूर्ण मौके पर 10.7 अंक हासिल कर वापसी की।

डुबोवी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा और उन्होंने भी ओलंपिक कोटा हासिल किया। मध्य प्रदेश के रहने वाले मालवीय भारतीय निशानेबाजी के उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। उन्होंने 2026 में नयी दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल के पहले मुकाबले में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।

क्वालीफिकेशन में सातवें स्थान पर रहने के बाद उन्होंने फाइनल में 245.6 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया था। वह 2026 में हांगझोउ में हुए आईएसएसएफ विश्व कप में भी नौवें स्थान पर रहे थे। क्वालीफिकेशन में 585 अंक हासिल करने के बावजूद वह मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए थे।

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