Kerala Govt ने M Sreeshankar समेत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की

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केरल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के एथलीटों के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की है। इस फैसले के तहत एम श्रीशंकर, मोहम्मद बासिल, दिवी बिजेश और सैंड्रा मोल साबू को 20-20 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने वर्ष 2019 से बकाया पुरस्कार राशि के भुगतान के लिए पहले चरण में 1.5 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की। राज्य के खेल, युवा मामले एवं पंजीकरण मंत्री ओ जे जनीश ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले लंबी कूद के खिलाड़ी एम श्रीशंकर और पुरुष 100 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पैरा एथलीट मोहम्मद बासिल को 20-20 लाख रुपये दिए जाएंगे।

इसके अलावा अंडर-12 विश्व शतरंज चैंपियनशिप की विजेता दिवी बिजेश और अंडर-23 एशियाई खेलों की मिश्रित रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य सैंड्रा मोल साबू को भी 20-20 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। राष्ट्रमंडल खेलों में तैराकी स्पर्धा के फाइनल तक पहुंचे साजन प्रकाश और चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले के फाइनल में पहुंचे अंसा बाबू को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकारी बयान के अनुसार श्रीशंकर और मोहम्मद बासिल के कोच को भी दो-दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

सरकार ने कहा कि मौजूदा नकद पुरस्कार नीति खिलाड़ियों की उपलब्धियों के अनुरूप नहीं थी इसलिए पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला किया गया है। मौजूदा नियमों के अनुसार स्वर्ण पदक विजेता को पांच लाख रुपये, रजत पदक विजेता को तीन लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को एक लाख रुपये दिए जाते हैं। सरकार ने बताया कि एम श्रीशंकर को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर पहले ही 10 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।

इसके साथ ही सरकार वर्ष 2019 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लंबित नकद पुरस्कारों का भुगतान भी कर रही है। पहले चरण में इस उद्देश्य के लिए 1.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि शेष राशि का भुगतान भी अगले कुछ महीनों में करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार ने दोहराया कि उसकी नीति खेल क्षेत्र को खिलाड़ी-केंद्रित बनाना और खेलों में अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना है।

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