Mexico vs South Africa: फुटबॉल कम, Red Cards का ड्रामा ज्यादा, FIFA के नए टूर्नामेंट पर उठे सवाल

मेक्सिको ने विश्व कप 2026 में जीत से शुरुआत की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह मुकाबला याया सिथोले के खराब प्रदर्शन और कुल तीन लाल कार्डों के लिए याद किया जाएगा। इस ऐतिहासिक और विवादास्पद मैच ने न केवल 2006 के रेड कार्ड रिकॉर्ड के टूटने की संभावना जताई है, बल्कि 48 टीमों के टूर्नामेंट में एकतरफा मैचों की प्रवृत्ति का भी संकेत दिया है।
विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला खत्म होने के बाद फुटबॉल जगत में केवल मेक्सिको की जीत की चर्चा नहीं हो रही है, बल्कि मैदान पर दिखे लाल कार्ड, एकतरफा खेल और कई ऐतिहासिक घटनाएं भी सुर्खियों में हैं। मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, लेकिन यह मुकाबला कई ऐसे रिकॉर्ड छोड़ गया जिसने टूर्नामेंट की दिशा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका के मिडफील्डर याया सिथोले के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। विश्व कप में अपने करियर का पहला मैच खेल रहे सिथोले ने पहले एक ऐसी गलती की जिससे मेक्सिको को शुरुआती बढ़त मिल गई और बाद में उन्हें लाल कार्ड भी देखना पड़ा।
मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के गोलरक्षक रोनवेन विलियम्स के एक कमजोर पास के बाद याया सिथोले गेंद पर नियंत्रण नहीं रख सके। मेक्सिको के एरिक लीरा ने तुरंत गेंद छीन ली और इसके बाद जूलियन किन्योनेस ने गोल कर मेक्सिको को बढ़त दिला दी। गौरतलब है कि इसके कुछ समय बाद सिथोले ने गोल की ओर बढ़ रहे ब्रायन गुटियरेज को रोकने की कोशिश में फाउल किया, जिसके चलते उन्हें सीधे मैदान से बाहर भेज दिया गया।
बता दें कि विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में लाल कार्ड देखने की घटना बेहद दुर्लभ रही है। इससे पहले वर्ष 1994 में बोलीविया के मार्को एचेवेरी को जर्मनी के खिलाफ उद्घाटन मुकाबले में लाल कार्ड दिखाया गया था। वहीं सिथोले विश्व कप इतिहास में ऐसे चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही मुकाबले में गोल कराने वाली गलती भी की और लाल कार्ड भी देखा।
दक्षिण अफ्रीका की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी थेम्बा ज्वाने को भी वीडियो समीक्षा के बाद हिंसक व्यवहार का दोषी मानते हुए मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद अतिरिक्त समय में मेक्सिको के सेसर मोंटेस को भी लाल कार्ड दिखाया गया। इस तरह मुकाबले में कुल तीन लाल कार्ड देखने को मिले।
गौरतलब है कि विश्व कप 2022 के पूरे टूर्नामेंट में केवल चार लाल कार्ड दिखाए गए थे, जबकि विश्व कप 2026 के पहले ही मुकाबले में तीन खिलाड़ियों को मैदान छोड़ना पड़ा। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस बार लाल कार्ड के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक लाल कार्ड वर्ष 2006 के संस्करण में देखने को मिले थे। उस प्रतियोगिता में कुल 28 खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भेजा गया था। वहीं पुर्तगाल और नीदरलैंड के बीच खेले गए मुकाबले में चार लाल कार्ड दिखाए गए थे, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
मैदान पर खेल की बात करें तो मेक्सिको पूरी तरह हावी नजर आया। दक्षिण अफ्रीका पूरे मुकाबले में केवल तीन बार गोल की कोशिश कर सका और प्रभावी आक्रमण करने में विफल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि 48 टीमों वाले इस विस्तारित विश्व कप में ऐसे एकतरफा मुकाबले और भी देखने को मिल सकते हैं।
इस मुकाबले की एक और खास बात युवा खिलाड़ी गिल्बर्टो मोरा रहे। वह दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे और विश्व कप में मेक्सिको के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उनकी उम्र महान खिलाड़ी पेले के विश्व कप पदार्पण के समय की उम्र से केवल कुछ दिन अधिक बताई जा रही है।
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