Neeraj Chopra ने मुश्किलों से उबरकर राष्ट्रमंडल खेलों में जीता रजत पदक

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दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने चोटों से उबरते हुए ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में 85.83 मीटर भाला फेंककर रजत पदक अपने नाम किया। इंस्टाग्राम पर अपना वीडियो साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 10 महीने उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और कई शारीरिक समस्याओं के कारण उन्हें कठिन दौर से गुजरना पड़ा। इस दौरान नीरज ने अपनी वापसी में सहयोग देने के लिए अपने फिजियो ईशान मारवाहा, कोच जय चौधरी और परिवार के प्रति आभार प्रकट किया।

(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, पांच अगस्त फिटनेस से जुड़ी परेशानियों से करीब एक साल तक जूझने के बाद भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने कहा कि पिछले 10 महीने उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और उन्होंने ऐसे दौर का सामना किया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता 28 साल के इस खिलाड़ी ने पिछले सप्ताह राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर अपने पदकों के संग्रह में एक और उपलब्धि जोड़ी। वह मुख्य रूप से जांघ की मांसपेशियों की चोट और कुछ अन्य शारीरिक परेशानियों से प्रभावित रहे थे।

चोट के कारण नीरज का सत्र देर से शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ अपनी लय हासिल कर ली। नीरज ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘कुछ भाले लंबी दूरी तय करते हैं और कुछ पल पूरी यात्रा का भार अपने साथ लेकर आते हैं। पिछले 10 महीने ने मेरी ऐसी परीक्षा ली, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को दोबारा मजबूत बनाना, फिर से लय हासिल करना और उस समय धैर्य रखना जब मैं केवल प्रतियोगिता में उतरना चाहता था।

मैं हर दिन अभ्यास कर रहा था, लेकिन यह भी नहीं पता था कि इस साल मुझे खेलने का मौका मिलेगा या नहीं।’’ नीरज ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन चोट के कारण 2022 के सत्र में हिस्सा नहीं ले सके थे। पिछले साल सितंबर में विश्व चैंपियनशिप से ठीक पहले उन्हें कमर के निचले हिस्से में चोट लगी थी और राष्ट्रमंडल खेलों से पहले उन्होंने केवल एक प्रतियोगिता में भाग लिया था। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में खराब मौसम के कारण मुश्किल परिस्थितियों के बीच नीरज को श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराजे 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पीछे छोड़ा।

पथिराजे मौजूदा सत्र में सबसे अधिक दूरी तक भाला फेंकने वाले खिलाड़ी है। पूर्व विश्व चैंपियन नीरज ने अपनी वापसी में मदद करने वाले सहयोगी दल के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर दोबारा प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लग रहा है। यह सब कुछ अकेले संभव नहीं था।

मैं उन लोगों का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने हमेशा मेरा विश्वास बनाए रखा। उन्होंने अपने फिजियो ईशान मारवाहा और कोच जय चौधरी का विशेष रूप से धन्यवाद किया। नीरज ने कहा, ईशान जी चोट से उबरने के दौरान हर कदम पर मेरे साथ रहे और मुझे फिर से वह करने में मदद की, जिसे मैं सबसे ज्यादा पसंद करता हूं।

मेरे कोच जय चौधरी उस समय से मेरे साथ हैं, जब मैंने पहली बार भाला उठाया था। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा परिवार हर परिस्थिति में मेरे साथ मजबूती से खड़ा रहा। सत्र अभी जारी है और मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा हूं।

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