PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर है

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भारत में 17 साल बाद आयोजित हो रही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू अपने छठे पदक के लिए अभियान शुरू करेंगी। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी भी इस घरेलू टूर्नामेंट में पोडियम तक पहुंचने के लिए दावेदारी पेश करेगी। भारत ने इससे पहले साल 2009 में हैदराबाद में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी की थी।

(सौमोज्योति एस चौधरी) नयी दिल्ली, 16 अगस्त दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू सोमवार से यहां शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों के सामने अपने नए आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। भारत 17 साल बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है सिंधू सहित भारतीय खिलाड़ी इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच बार पदक जीत चुकी हैं और वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। सिंधू के अलावाचीन के लिन डैन (पांच पुरुष एकल स्वर्ण पदक) और उनकी हमवतन झाओ युनलेई (तीन मिश्रित युगल और दो महिला युगल खिताब) ने ही विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने से सिंधू का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा, जिससे वह चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी।

नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू को अच्छा ड्रॉ मिला है। वह आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू का सामना प्री-क्वार्टरफाइनल में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी और क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से हो सकता है, जबकि शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन आन से यंग उनके और फाइनल के बीच संभावित बाधा बन सकती हैं।

पिछले महीने जापान ओपन सुपर 750 जीतने वाली पहली भारतीय बनी सिंधू ने कहा, ‘‘मैं विश्व चैंपियनशिप के लिए उत्सुक हूं।यह भारत में हो रही है, इसलिए मैं बेहद उत्साहित हूं। उम्मीद है कि जापान ओपन जीतने से मिला आत्मविश्वास बरकरार रहेगा और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मुझे भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद है और आशा है कि मैं यहां पदक जीतूंगी।’’ भारत के महिला एकल अभियान में उन्नति हुडा भी शामिल हैं जो पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेलेगी।

उनका पहला मैच म्यांमार की थेत हतार थुजार से होगा। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी का लक्ष्य फिर से पोडियम पर पहुंचना होगा। यह जोड़ी पहले ही दो बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी है।

उन्होंने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है और वे दूसरे दौर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्हें क्वार्टरफाइनल में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग तथा सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन की जोड़ी का सामना करना पड़ सकता है।

लेकिन सबसे बड़ी चिंता सात्विक की कंधे की बार-बार होने वाली समस्या होगी जिसके कारण वह कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनन की दूसरी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी भी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेगी। वे आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।

पुरुष एकल वर्ग में आयुष शेट्टी के प्रदर्शन पर भी नजर होगी। 21 वर्षीय आयुष का पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन और विश्व में नंबर एक शी यु ची से होगा। आयुष को चीनी खिलाड़ी से अपने पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।

14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने 2021 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वह अपने इस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।

महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद स्पेन की पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिगेज के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेंगी। विश्व चैंपियनशिप में पहली बार भाग ले रही सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम की महिला युगल जोड़ी पहले दौर में स्पेन की निकोल कारुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज का सामना करेगी। मिश्रित युगल में 15वीं वरीयता प्राप्त ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो को पहले दौर में बाई मिली है और वे प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन के गुओ शिनवा और चेन फांगहुई की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी का सामना कर सकते हैं।

रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे का पहला मैच कनाडा के जोनाथन लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ होगा। दूसरे दौर में उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग से हो सकता है। भारत ने इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की थी।

भारत के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल की शुरुआत में इंडिया ओपन में वायु गुणवत्ता, आयोजन स्थल की स्वच्छता, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। यह मामला तब काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय बैडमिंटन संघ और अन्य विभागों ने विश्व चैंपियनशिप के सुचारू रूप से आयोजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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