Women Health: Breast Cancer के जोखिम से बचाव के लिए 1 से 31 October तक चलेगा Awareness Campaign

Breast Cancer Awareness Month
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स्तन कैंसर के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए 1 से 31 अक्टूबर तक ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। स्तन में गांठ, आकार में बदलाव या असामान्य दर्द इसके प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रण और समय पर डॉक्टर से जांच कराकर इस गंभीर बीमारी के खतरे से बचा जा सकता है।

आज के समय में स्तन कैंसर एक गंभीर बीमारी बन चुका है। यह बीमारी महिलाओं में अधिक पाई जाती है। स्तन कैंसर के प्रति जागरुकता न होने के कारण स्तन कैंसर के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल 01 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। क्योंकि अगर स्तन कैंसर के लक्षणों के बारे में जानकारी होगी, तो इसको शुरूआत में ही रोका जा सकता है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व, थीम और स्तन कैंसर के लक्षण और उपाय आदि के बारे में...

क्यों मनाया जाता है यह महीना

हर साल अक्तूबर का महीना स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस पूरे महीने में स्तन कैंसर को लेकर तमाम तरह के जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। इस दौरान महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों, जोखिम कारकों, जांच और इलाज आदि के बारे में जानकारी दी जाती है।

ब्रेस्ट कैंसर के शुरूआती लक्षणों की पहचान होने पर समय पर इसका इलाज शुरू किया जा सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने शरीर में होने पर बदलावों में ध्यान देना चाहिए।

शुरुआती लक्षण

स्तन के बनावट या आकार में बदलाव होना।
निप्पल का अंदर की तरफ मुड़ना।
स्तन में गांठ महसूस होना।
स्तन की स्किन में गड्ढे या फिर सिकुड़न दिखाई देना
निप्पल से खून या फिर असामान्य तरल पदार्थ आना।
निप्पल या स्तन की स्किन में बदलाव होना।
स्तन में लगातार असहजता या असामान्य दर्द होना।
बगल में सूजन या गांठ महसूस होना।

क्यों बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने के साथ ही बढ़ सकता है। वहीं फैमिली में स्तन कैंसर की हिस्ट्री, ज्यादा वेट, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, हार्मोनल कारक, शराब का सेवन या अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियां भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं किसी महिला में जोखिम कारक न होने का मतलब यह है कि उनको ब्रेस्ट कैंसर नहीं हो सकता है।

क्यों जरूरी है स्तन कैंसर की जांच

ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ सबसे अहम कदमों में से एक शुरूआती पहचान है। महिलाओं को अपनी सेहत, उम्र और व्यक्तिगत जोखिम के हिसाब से डॉक्टर से उचित जांच के बारे में परामर्श लेना चाहिए। अगर ब्रेस्ट या बगल की स्किन में बदलाव, गांठ या निप्पल से असामान्य स्त्राव जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इनको नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए।

ब्रेस्ट कैंसर से कैसे करें बचाव

रोजाना फिजिकल एक्टिविटी करें।
संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना चाहिए।
वेट को कंट्रोल रखें।
शराब और तंबाकू आदि के सेवन से बचना चाहिए।
शरीर में होने वाली असामान्य बदलावों पर भी ध्यान रखना चाहिए।
अपनी उम्र और जोखिम के हिसाब से डॉक्टर से सलाह लें।

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