• भारतीय महिला हॉकी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची, ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हराया

भारत को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए ब्रिटेन का जीतना जरूरी था। ऐसे में ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हरा दिया। जिसकी बदौलत भारत क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई।

तोक्यो। स्ट्राइकर वंदना कटारिया की ऐतिहासिक हैट्रिक के दम पर भारत ने ‘करो या मरो’ के मुकाबले में निचली रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका टीम को 4-3 से हराकर तोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश की उम्मीदों को बरकरार रखा था। इसके बाद भारत की नजर आयरलैंड और ब्रिटेन के मुकाबले पर थी। भारत को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए ब्रिटेन का जीतना जरूरी था। ऐसे में ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हरा दिया। जिसकी बदौलत भारत क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका

वंदना ने चौथे, 17वें और 49वें मिनट में गोल किया। वह ओलंपिक के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई। नेहा गोयल ने 32वें मिनट में एक गोलदागा। दक्षिण अफ्रीका के लिये टेरिन ग्लस्बी (15वां), कप्तान एरिन हंटर (30वां) और मेरिजेन मराइस (39वां मिनट) ने गोल दागे। भारत ने ग्रुप चरण में पहले तीन मैच हारने के बाद आखिरी दो मैचों में जीत दर्ज की। इससे भारत अब पूल ए में चौथे स्थान पर है लेकिन आयरलैंड के पास उसे नीचे धकेलने को मौका है। 

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भारतीय खेमे को अब दुआ करनी होगी कि ब्रिटेन ग्रुप ए के आखिरी पूल मैच में आयरलैंड को हरा दे या ड्रॉ खेले। हर पूल से शीर्ष चार टीमें नॉकआउट चरण खेलेंगी। भारत को स्पर्धा में बने रहने के लिये हर हालत में यह मैच जीतना था। भारतीयों ने पहले मिनट से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। मैच के पहले दो मिनट में भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर का खराब फॉर्म जारी रहा। 

भारतीय कप्तान रानी ने मैच के बाद कहा ,‘‘ आज का मैच बहुत कठिन था। दक्षिण अफ्रीका ने कड़ी चुनौती दी। उन्होंने अपने मौके भुनाये। हम डिफेंस में बेहतर प्रदर्शन कर सकत थे।’’ भारत के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा ,‘‘हमने काफी गोल दे दिये। हम इससे ज्यादा गोल कर सकते थे। हमें यह मैच हर हालत में जीतना था और हम जीते।’’ उन्होंने कहा ,‘‘इन हालात में खेलना आसान नहीं है। पिच पर 35 डिग्री से अधिक तापमान था और उमस भी।’’ 

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भारत का खाता चौथे मिनट में वंदना ने खोला। दाहिने फ्लैंक से नवनीत कौर के बनाये मूव पर करीब से गेंद लेकर उन्होंने यह गोल किया।इसके बाद भी भारतीयों ने दबाव बनाये रखा और दक्षिण अफ्रीका के गोल पर कई हमले बोले। पहले क्वार्टर के आखिरी पलों में हालांकि ग्लास्बी के गोल पर दक्षिण अफ्रीका ने बराबरी की। दूसरे क्वार्टर के दूसरे मिनट में वंदना ने फिर भारत को बढत दिलाई और पेनल्टीकॉर्नर पर गोल किया। भारत को इस क्वार्टर में तीन मौके और मिले लेकिन गोल नहीं हो सका। पहले क्वार्टर की ही तरह भारत ने हाफ टाइम से ठीक पहले बढत गंवा दी। हंटर ने अपनी टीम को मिले पहले पेनल्टी कॉर्नर पर बराबरी का गोल किया। दूसरे हाफ में नेहा ने दूसरे ही मिनट पर पेनल्टी कॉर्नर पर लिये गए वेरिएशन पर गोल दागा। एक बार फिर मराइस के गोल पर दक्षिण अफीका ने बराबरी की। भारत के लिये चौथा गोल 49वें मिनट में वंदना ने किया।

मारिन ने कहा ,‘प्रदर्शन में निरंतरता जरूरी है। कल हमने बहुत अच्छा खेला और फिर आज लगातार दूसरे दिन मैच खेलना था। हमारे बेसिक्स आज उतने सही नहीं थे जितने कि कल।’ कोच ने कहा कि टीम अगर क्वार्टर फाइनल में पहुंचती है तो वहां हालात एकदम अलग होंगे। उन्होंने कहा कि हम जीतने के लिये ही आये थे। क्वार्टर फाइनल से नयी शुरूआत होती है और पूल मैचों का प्रदर्शन मायने नहीं रखता। वहां अलग ही तरह का खेल होता है। अच्छी बात यह है कि हमारे लिये आखिरी दो मैच भी नॉकआउट की तरह ही थे।