USA ने तोड़ा FIFA World Cup का सपना, घर लौटे Omar Artan का हुआ हीरो जैसा ग्रैंड वेलकम

Omar Artan
प्रतिरूप फोटो
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Ankit Jaiswal । Jun 11 2026 10:13PM

फीफा विश्व कप 2026 के लिए चयनित सोमाली रेफरी उमर आर्टन को वीजा होने के बावजूद अमेरिका में प्रवेश नहीं मिला, जिससे उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में विवाद पैदा कर दिया है, हालांकि अपने देश सोमालिया में उनका एक नायक की तरह स्वागत किया गया।

फुटबॉल विश्व कप 2026 के दौरान एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने खेल जगत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा छेड़ दी है। सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन, जो विश्व कप में मैच अधिकारियों की सूची में शामिल किए गए थे, उन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ ने उन्हें टूर्नामेंट के रेफरी पैनल से हटा दिया।

मौजूद जानकारी के अनुसार उमर आर्टन विश्व कप के इतिहास में सोमालिया के पहले रेफरी बनने वाले थे, जिन्हें इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मैच संचालित करने का अवसर मिलने जा रहा था। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी फुटबॉल में अपनी पहचान बनाई है और वर्ष 2025 में उन्हें अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रेफरी भी चुना गया था।

गौरतलब है कि विश्व कप 2026 की तैयारियों के तहत उमर आर्टन को अमेरिका के मियामी शहर पहुंचना था, जहां विश्व कप के अन्य रेफरी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा ले रहे थे। हालांकि 6 जून को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। अमेरिकी सीमा और सीमा शुल्क सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि यह फैसला "सुरक्षा जांच संबंधी चिंताओं" के आधार पर लिया गया, लेकिन इन चिंताओं का कोई प्रमुख कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।

बता दें कि इससे कुछ ही दिन पहले उमर आर्टन को अमेरिका की यात्रा के लिए वीजा जारी किया गया था। केन्या स्थित सोमालिया दूतावास ने उनके वीजा की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बावजूद अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे खेल जगत में हैरानी और नाराजगी दोनों देखने को मिली।

मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको इस विश्व कप की संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं। ऐसे में किसी विश्व कप मैच अधिकारी को मेजबान देश में प्रवेश न मिलने की घटना को बेहद असामान्य माना जा रहा है। कई फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।

अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलने के बाद उमर आर्टन अपने देश सोमालिया लौट गए। राजधानी मोगादिशु के अदन अदे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सैकड़ों समर्थक राष्ट्रीय ध्वज लेकर उनके स्वागत के लिए पहुंचे थे। उनके आगमन पर लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाया और राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर सम्मानित किया।

गौरतलब है कि स्वागत समारोह में सोमालिया के युवा और खेल मंत्री, सोमालिया फुटबॉल महासंघ के अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। इस दौरान उमर आर्टन ने भावुक संदेश देते हुए कहा कि वे हार नहीं मानेंगे और भविष्य में विश्व कप का हिस्सा बनने का सपना पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि देश का सम्मान और पहचान हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से निराश न होने और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील भी की। उमर आर्टन ने कहा कि यदि ईश्वर ने चाहा तो वह अगले विश्व कप में जरूर हिस्सा लेंगे।

बता दें कि सोमालिया लंबे समय से संघर्ष, हिंसा और अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे माहौल में उमर आर्टन की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही थी। हालांकि उनका विश्व कप से बाहर होना निराशाजनक रहा, लेकिन कई लोगों का मानना है कि उन्होंने अपने देश का नाम पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस ने भी उमर आर्टन के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि विश्व कप में चयनित होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है और इससे उन्होंने अपने देश की नई पीढ़ी को प्रेरित किया है। उनके अनुसार मैदान पर उतरने का अवसर न मिलना उनकी उपलब्धियों और योगदान को कम नहीं कर सकता है।

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