CCTV लगवाने से पहले जान तो लें 'ज़रूरी बातें', रात में भी होगी क्लियर रिकॉर्डिंग

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खासकर रात के समय सीसीटीवी कैमरे ठीक ढंग से रिकॉर्ड करने में सक्षम नहीं होते हैं, ऐसे में अस्पष्ट तस्वीर की वजह से काफी दिक्कत सामने आ जाती है। वैसे तो आजकल सीसीटीवी हर सेंसिटिव जगह पर लगा मिलता है, लेकिन अगर आप सावधानी से अपनी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन कराते हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी यानी क्लोज सर्किट टीवी कैमरे बड़ी क्रांति साबित हुए हैं। ऐसे अनेक मामले आए हैं, जब सीसीटीवी को देखकर पुलिस ने तमाम अपराधियों को पकड़ा है और उनके कारनामों को सबके सामने उजागर किया है। जाहिर तौर पर इससे अपराध में भी एक हद तक नियंत्रण आया है, परंतु जब बात करते हैं सीसीटीवी के फीचर की, तो जान लें कि आधुनिक समय में चोर/ अपराधी भी बेहद सजग हो गए हैं।

खासकर रात के समय सीसीटीवी कैमरे ठीक ढंग से रिकॉर्ड करने में सक्षम नहीं होते हैं, ऐसे में अस्पष्ट तस्वीर की वजह से काफी दिक्कत सामने आ जाती है। वैसे तो आजकल सीसीटीवी हर सेंसिटिव जगह पर लगा मिलता है, लेकिन अगर आप सावधानी से अपनी सीसीटीवी इंस्टॉलेशन कराते हैं, और सावधानी से कैमरे परचेज करते हैं, तो यकीन मानिए रात के समय रिकॉर्डिंग बेहद साफ़ होगी और आप पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगे। 

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सामान्यतः मार्केट में जब लोग सीसीटीवी खरीदने जाते हैं, तब बड़ी कंपनी का नाम देखते हैं, या फिर उसकी सस्ती प्राइस देखते हैं, किंतु आपको इन दोनों के अलावा उस फीचर के बारे में ध्यान देना पड़ेगा, जिसे इंफ्रारेड लाइट कहते हैं।

जी हां! अगर आपके सीसीटीवी में इंफ्रारेड लाइट लगी हुई है, तो आपकी नाइट फुटेज भी बेहद क्लियर आएगी। इंफ्रारेड लाइट कोई एक लाइट नहीं होती बल्कि सीसीटीवी में कई सारी लाइट्स होती हैं और इसी वजह से इस तरह के कैमरे रात में बेहतरीन रिकॉर्डिंग कर पाते हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिन कैमरों में इन्फ्रारेड लाइट्स होती हैं, वह नंगी आंखों से आपको दिखाई नहीं देती है। इस वजह से आप का कैमरा भी सुरक्षित रहता है और उसकी रिकॉर्डिंग भी बेहतरीन होती है।

वैसे अगर सीसीटीवी कैमरों की बात करें तो यह मुख्यतः तीन तरह के होते हैं जिसमें एनालॉग, आईपी कैमरा और वायरलेस कैमरा शामिल होता है। 

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एनालाग कैमरे, सामान्य कैमरे होते हैं, जो यहां वहां लगे होते हैं। इसमें फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए सामान्य रूप से डीवीआर, यानी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर का इस्तेमाल किया जाता है। इसे इंस्टाल करना आसान होता है, तो उसमें कास्ट भी अपेक्षाकृत कम होती है।

हालाँकि इसका नुकसान यह होता है कि इसकी वीडियो क्वालिटी बेहतरीन नहीं आती है और इसमें बहुत सारी तारें भी लगी रहती हैं।

दूसरे नंबर पर आईपी कैमरा आता है, जिसे हम डिजिटल कैमरा भी कहते हैं। चूंकि यह इंटरनेट प्रोटोकोल से जुड़ा होता है, इसलिए इन्हें आईपी कैमरा भी कहते हैं।

इसमें हमें डीवीआर की जरूरत नहीं पड़ती है, बल्कि सीधे आप अपने लैपटॉप या कंप्यूटर डिवाइसेज पर रन करा सकते हैं। इसमें फुटेज रिकार्ड करने के लिए एनवीआर इस्तेमाल करते हैं। अच्छी वीडियो क्वालिटी के साथ-साथ इसमें केबल इत्यादि भी बहुत कम होती है। 

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नुकसान की बात करें, तो इसकी प्राइस ज्यादा होती है और स्टोरेज इत्यादि के लिए भी यह काफी ज्यादा स्पेस लेते हैं।

तीसरा वायरलेस कैमरा है। जाहिर तौर पर इसको इंस्टॉल करने के लिए किसी तार की जरूरत नहीं होती है और यह वाईफाई पर काम करता है। हालांकि यह अपेक्षाकृत महंगा होता है, किंतु इसके फायदे यह होते हैं कि इसे कहीं भी एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है और इसकी रिकॉर्डिंग को क्लाउड इत्यादि पर भी स्टोर किया जा सकता है। हालाँकि, इससे आप बहुत दूर तक कवरेज नहीं कर पाते हैं और इन्हें आपको वाई फाई की रेंज के अंदर ही लगाना होता है।

अब आप जान चुके होंगे कि कौन सा सीसीटीवी आप के लिए बेहतर विकल्प है। वैसे आप शुरुआत में बताए टिप्स को मत भूलिएगा, जिसमें इंफ्रारेड लाइट लगाने की सलाह दी गई है। इससे आप के कैमरे में रात की बेहतरीन रिकॉर्डिंग आएगी, इस बात में कोई दो राय नहीं है।

- मिथिलेश कुमार सिंह

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