AI की जंग में China की 'ड्रैगन' छलांग, Alibaba के मॉडल से America में खलबली।

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चीन की दिग्गज कंपनी अलीबाबा और मूनशॉट एआई ने Qwen3-Max-Thinking और Kimi K2.5 नामक दो शक्तिशाली एआई मॉडल लॉन्च किए हैं, जो गूगल जेमिनी और ओपनएआई के लिए सीधी चुनौती पेश कर रहे हैं। ये मॉडल एक ट्रिलियन से ज्यादा पैरामीटर्स के साथ जटिल कार्यों को हल करने और कोडिंग को आसान बनाने की क्षमता रखते हैं, जिससे वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।

एआई की रेस में अब और भी कमाल हो गई है। चीन की दो धांसू कंपनियां, Alibaba और  Moonshot AI ने अपने नए फ्लैगशिप मॉडल्स पेश करें और यह साबित किया है कि वे तकनीकी के मामले में अमेरिका से पीछे नहीं हैं। बता दें कि, ये नए मॉडल्स न सिर्फ स्मार्ट हैं, बल्कि इंसानी काम को और भी आसान बनाने में मदद करते हैं। 

अलीबाबा ने पेश किया नया एआई मॉडल

अलीबाबा क्लाउड ने अपने अब तक के सबसे बड़े मॉडल 'Qwen3-Max-Thinking' को दुनिया के समक्ष पेश किया है। कंपनी ने बताया है कि यह मॉडल मुश्किल कामों को मिनटों में सुलझाने और टूल्स का इस्तेमाल करने में माहिर है। अलीबाबा के रिसर्चर झेंग चुजी के मुताबिक, उन्होंने इसे असल दुनिया के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत से तैयार किया है। 

इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर एजेंटिक क्षमता है। इसमें 1 ट्रिलियन से भी ज्यादा पैरामीटर्स हैं। आसान भाषा में कहें तो, जितने अधिक पैरामीटर्स, उतना ही बुद्धिमान एआई। कंपनी ने टेस्टिंग के दौरान पाया है कि यह एआई मॉडल गूगल के Gemini 3 Pro और एंथ्रोपिक के Claude जैसे बड़े तगड़ी टक्कर देगा।

Moonshot ने पेश किया ओपन-सोर्स एआई मॉडल

इतना ही नहीं, अलीबाबा के निवेश वाली स्टार्टअप कंपनी मूनशॉट एआई ने अपना नया मॉडल Kimi K2.5 लॉन्च किया है। इसे दुनिया का सबसे ताकतवार ओपन-सोर्स मॉडल बताया जा रहा है। इसकी सबसे अनोखी खूबी एजेंट स्वार्म है। यह फीचर डेवलपर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह एक साथ 100 छोटे एआई एजेंट्स को काम पर लगा सकता है, जिससे कोडिंग जैसे जटिल काम पलक झपकते ही हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, अब Kimi केवल टेक्सट ही नहीं, बल्कि वीडियो और फोटो प्रोसेस कर सकेगा।

चुनौतियां और भविष्य की राह

आपको बताते चलें कि, चीन की ये कंपनियां 10 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाले मॉडल्स बनाने का सपना देख रही हैं। लेकिन राह इतनी आसान भी नहीं है। क्यूवेन (Qwen) टीम के लीडर लिन जुनयांग ने इशारा किया कि कंप्यूटिंग पावर और संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि रिसर्च के साथ ही रोजमर्रा की सर्विस को बनाए रखना काफी मुश्किल होता है। इसके बाद भी, चीन के ये नए कदम से पता चलता है कि आने वाले समय में एआई की बादशाहत के लिए मुकाबला और भी कड़ा होने वाला है।

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