थेक्कडी में मिलता है जंगली जानवरों के बीच झील में नाव सफारी करने का मौका

By सुषमा तिवारी | Publish Date: Aug 10 2019 11:54AM
थेक्कडी में मिलता है जंगली जानवरों के बीच झील में नाव सफारी करने का मौका
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भारत के केरल राज्य में एक अद्भुत जगह है जहां चारों ओर तो घना जंगल है, जंगल के बीचों-बीच एक शांत झील… जहां जंगल के जंगली और खतरनाक जानवर पानी पीने आते हैं, कई बार हाथियों का झुंड झील में नहाने निकलता है। ये पूरा दृश्य आपको केरल के थेक्कडी में देखने को मिलेगा।

आपने अकसर वाइल्डलाइफ फिल्मों में देखा होगा कि लोग किसी नदी के अंदर से अपनी नाव लेकर गुजर रहे होते हैं और नदी के किनारे जंगली जानवर पानी पीने आये हुए होते हैं… इस नजारे को देखकर वाइल्डलाइफ को पसंद करने वाले लोग जरूर ये सोचते होंगे की ये कौन सी जगह है? क्या ये शूटिंग भारत में हुई है या विदेश में… तो हम आपको बताना चाहते हैं कि भारत में कुछ ऐसी जगह है जहां की खूबसूरती को कैमरे में कैद करने के लिए लोग विदेशों से आते हैं। 


भारत के केरल राज्य में एक अद्भुत जगह है जहां चारों ओर तो घना जंगल है, जंगल के बीचों-बीच एक शांत झील… जहां जंगल के जंगली और खतरनाक जानवर पानी पीने आते हैं, कई बार हाथियों का झुंड झील में नहाने निकलता है। ये पूरा दृश्य आपको केरल के थेक्कडी में देखने को मिलेगा। 
 
केरल के सफर पर अगर आप आये हैं तो केरल के थेक्कडी को देखना बिलकुल न भूले, जंगल के बीच में बने रिजॉर्ट में रुके और सुबह नाव सफारी करें साथ ही प्रकृति की खूबसूरती को नजदीक से महसूस करें… यकीन मानिए आप इस एहसास को कभी नहीं भूल पाएंगे।
 
थेक्कडी में बसा पेरियार वन्यजीव अभ्यारण्य केरल का प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य है। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को देखने के लिए भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर से लोग आते हैं। हाथियों के लिए मशहूर ये सेंचुरी 777 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। 777 वर्ग में से 360 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा घने जंगलों से ढका हुआ है तो कुछ हिस्से में पानी है। मानसिक तनाव, मेट्रो सिटी की जिंदगी से बिलकुल हटकर प्रकृति से प्यार करने वालों को ये जगह अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सन् 1978 में पेरियार को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। 


कोची एयरपोर्ट से थेक्कडी की दूरी लगभग 145 किलोमीटर की दूरी है। अगर आप केरल के सफर पर हैं तो और मुनार में दो दिन ठहरने के बाद थेक्कडी आ सकते हैं। यहां आप अगर अक्टूबर से जून के बीच आते हैं तो काफी मजेदार सफर होता है। जंगल में नाव की सफारी करने के लिए आपको निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है। नाव सफारी की टिकट लेते समय निर्देशों को अच्छे से बता दिया जाता है, क्योंकि ये टाइगर रिसर्व जंगल है छोटी सी गलती भी कभी-कभी भारी पड़ सकती हैं।


 
राज्य – केरल
जगह- थेक्कडी (पेरियार वन्यजीव अभ्यारण्य)
एयरपोर्ट- कोचीन एयरपोर्ट
सीजन- अक्टूबर से जून
 
- सुषमा तिवारी
 

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