भारत के इन ऐतिहासिक स्थानों के बारे में पहले नहीं सुना होगा आपने

भारत के इन ऐतिहासिक स्थानों के बारे में पहले नहीं सुना होगा आपने

कुम्भलगढ़ किला, अरावली पहाडि़यों पर एक मेवाड़ किला है। यह एक विश्व धरोहर स्थल है जिसमें राजस्थान के कई पहाड़ी किले शामिल हैं। राणा कुंभा ने इसे 15 वीं शताब्दी के दौरान बनवाया और 19 वीं शताब्दी में इसमें विस्तार किया गया।

भारत का अपना एक समृद्ध इतिहास और संस्कृति है। यहां पर दिल्ली से आगरा और मुंबई में स्थापत्य स्मारकों और संग्रहालयों में एक अनोखी ताकत है जो यात्रियों को आकर्षित करती है। भारत में ऐतिहासिक स्थल और खूबसूरत स्मारकों की कोई कमी नहीं है। वैसे तो ताजमहल से लेकर कुतुब मीनार, स्वर्ण मंदिर और कई अन्य जैसे कुछ स्मारकों के बारे में हर कोई जानता है। लेकिन भारत में कुछ ऐसे ऐतिहासिक स्थान भी हैं, जिनके बारे में बहुत से लोगों को पता नहीं होता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे ही कुछ ऐतिहासिक स्थलों के बारे में बता रहे हैं−

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कुंभलगढ़− राजस्थान

कुम्भलगढ़ किला, अरावली पहाडि़यों पर एक मेवाड़ किला है। यह एक विश्व धरोहर स्थल है जिसमें राजस्थान के कई पहाड़ी किले शामिल हैं। राणा कुंभा ने इसे 15 वीं शताब्दी के दौरान बनवाया और 19 वीं शताब्दी में इसमें विस्तार किया गया, 19 वीं शताब्दी के अंत तक इस पर कब्जा कर लिया गया था, लेकिन अब यह किला जनता के लिए खुला है और प्रत्येक शाम कुछ मिनटों के लिए शानदार रोशनी करता है। किले में तीन सौ साठ मंदिर हैं। इसके अलावा, यहां पर कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य भी है।

रबडेनत्से− सिक्किम

रबडेनत्से कभी सिक्किम की राजधानी थी, रबडेनत्से खंडहर अब एक राष्ट्रीय स्मारक है। सिक्किम की खूबसूरत वादियों में छुपा हुआ रबडेनत्से एक ऐसा ही नगर है, जहां आप कई ऐतिहासिक और प्राचीन स्थलों को देख सकते हैं। यह शहर के खंडहर बौद्ध तीर्थयात्रा का एक हिस्सा हैं। खंडहर का स्थान बर्फ से ढके पहाड़ों और क्षेत्र के घने जंगल का मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है।

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मलूटी मंदिर− झारखंड

लगभग 72 प्राचीन मंदिरों को मलूटी गाँव द्वारा बसाया गया है और यही इसका महत्व है। आप यहां जहां पर भी नजर दौड़ाएंगे, आपको प्राचीन मंदिर ही मंदिर नजर आएंगे। कहा जाता है कि इन मंदिरों का निर्माण बाज बसंत राजवंशों द्वारा करवाया गया था। शुरूआत में 108 मंदिरों का निर्माण किया था, लेकिन अब यहां केवल 72 मंदिर ही शेष हैं। इन मंदिरों की खासियत यह है कि यहां मंदिर की दीवारों पर रामायण और महाभारत के महान महाकाव्य से दृश्य नजर आते हैं, जो इसकी वास्तुकला को और भी खास बनाते हैं।

मिताली जैन