गुजरात के पावागढ़ में घूमने के साथ- साथ बरसो पुराने इन मंदिरों के भी करें दर्शन

By सुषमा तिवारी | Publish Date: May 4 2019 6:24PM
गुजरात के पावागढ़ में घूमने के साथ- साथ बरसो पुराने इन मंदिरों के भी करें दर्शन
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नवलखा कोठार पावागढ़ के पास ही एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। ये हिल स्टेशन अपने एडवेंचर एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता हैं। यहां आकर कई तरह की मस्ती अपने परिवार और दोस्तों के साथ कर सकते हैं। आप नवलखा से कोठार के ऊपर ट्रेकिंग के लिए जा सकते हैं।

गुजरात भी घूमने वाले के लिए काफी अच्छी जगह है। यहां कई सारी चीजें है एक्सप्लोर करने के लिए जैसे ऐतिहासिक इमारतें, धार्मिक स्थल, समुद्र, जंगल, शेर आदि। गुजरात में एक बहुत ही खूबसूरत जगह है पावागढ़, जो वडोदरा से करीब 46 किलोमीटर दूर है। यहां आस-पास के लोग ज्यादा घूमने आते हैं। स्थानीय लोगों के अलावा यहां बाहरी पर्यटकों का भी जमावड़ा लगता हैं, क्योंकि यह घूमने के लिए काफी अच्छी डेस्टिनेशन है। आइये जानते हैं क्या है पावागढ़ में खास-


कालिका माता मंदिर
पावागढ़ पहाड़ी के शिखर पर बना कालिका माता मंदिर को लोगों पवित्र स्थल मानते हैं। यहा पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। यह स्थल एकमात्र पूर्ण एवं अपरिवर्तित इस्लामिक मुगल-पूर्व नगर है।
 
चांपानेर पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान
चंपानेर–पावागढ़ पुरातत्‍व पार्क को 16 शताब्दी में मेहमूद बेगड़ा ने बनवाया था। प्राचीन हिन्‍दु वास्‍तुकला के मंदिरों में ये मंदिर काफी विख्यात हैं। इस मंदिर की विशेषता इस मंदिर की जल संग्रहण प्रणाली हैं। चांपानेर हिंदू-मुस्लिम एकता की वास्तुकला का संपूर्ण मेंल दर्शाता हैं। ऐसा मुख्‍यत: विख्‍यात मस्जिद (जामी मस्जिद) में देखने को मिलता है जो भारत में बाद की मस्जिद वास्‍तुकला के लिए एक आदर्श थी। 


 
लीला गुंबाई की मस्जिद, चंपानेर
चंपानेर की यह मस्जिद एक ऊंचे आधार पर बनी है। इसमें लंबे धारीदार गुंबद बने हुए हैं। कालांतर में गुंबद का रंग और चमक काफी फीका पड़ गया है। मस्जिद के प्रार्थना कक्ष में एक केन्द्रीय कलश भी है। 
नवलखा कोठार
नवलखा कोठार पावागढ़ के पास ही एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। ये हिल स्टेशन अपने एडवेंचर एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता हैं। यहां आकर कई तरह की मस्ती अपने परिवार और दोस्तों के साथ कर सकते हैं। आप नवलखा से कोठार के ऊपर ट्रेकिंग के लिए जा सकते हैं। मुस्लिम राजाओं द्वारा बनाई गई इस जगह को बनाने का मकसद अनाज संग्रह था। इतिहास को जानने की इच्छा रखते हैं तो यहां जरूर आएं। 
 
- सुषमा तिवारी

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