उदयपुर के ऐतिहासिक स्थलों की बात ही कुछ और है, आकर तो देखिये

By सुषमा तिवारी | Publish Date: Aug 10 2018 4:35PM
उदयपुर के ऐतिहासिक स्थलों की बात ही कुछ और है, आकर तो देखिये
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राजस्थान, महाराजाओं की भूमि, अपनी बहुमूल्य संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिम में बसा हुआ राज्य है। राज्य में पर्यटकों का मुख्य आकर्षण विशाल थार रेगिस्तान और दुनिया की प्राचीनतम स्मारक रेंज, अरावली है।

 राजस्थान, महाराजाओं की भूमि, अपनी बहुमूल्य संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिम में बसा हुआ राज्य है। राज्य में पर्यटकों का मुख्य आकर्षण विशाल थार रेगिस्तान और दुनिया की प्राचीनतम स्मारक रेंज, अरावली है। यहाँ के मंदिरों, किलों और महलों में दिखने वाली राजपुताना विरासत की स्थापना राजपूत राजा जैसे बाप्पा रावल, राणा कुम्भा, राणा सांगा और राणा प्रताप ने की है। वैसे तो  राजस्थान काफी बड़ा है। यहां कई शहर भी हैं उन्हीं में एक है राजस्थान का शहर उदयपुर। इसे बेहद आकर्षक शहर माना जाता है और यहां की कलात्मक शैली विश्व प्रसिद्ध है। उदयपुर को 'झीलों का शहर' भी कहा जाता है। यहां ऐसे कई ऐतिहासिक महल देखने को मिलते हैं जो आश्चर्यचकित करने वाले हैं। आईए जानें उदयपुर की ऐसी ऐतिहासिक और आकर्षक जगहें।

लेक पैलेस
 
लेक पैलेस उदयपुर, राजस्थान की प्रमुख और शानदार इमारतों में से एक है। यह ख़ूबसूरत संरचना 'पिछोला झील' के बीच 'जग निवास द्वीप' पर स्थित है। महाराणा जगत सिंह ने वर्ष 1743 में एक ग्रीष्मकालीन निवास के रूप में इस महल का निर्माण करवाया था। वर्तमान समय में अब यह शानदार महल एक पाँच सितारा होटल में बदल गया है। लेक पैलेस इमारत की शानदार वास्तुकला जटिल शिल्प कौशल का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह ख़ूबसूरत इमारत दुनिया में सबसे उत्तम महलों में गिनी जाती है।
 


फतेह सागर झील
 
फतेह सागर एक सुंदर नाशपाती के आकार की कृत्रिम झील है जिसे महाराणा फतेह सिंह द्वारा वर्ष 1678 में विकसित किया गया था। यह उदयपुर की चार झीलों में से एक है, और इसे शहर का गौरव माना जाता है। अपनी सुंदर नीले पानी और हरे भरे परिवेश की वजह से जगह को 'दूसरा कश्मीर' के रूप में जाना जाता है। यहाँ झील के बीच में तीन छोटे द्वीप स्थित हैं।
 
महाराणा प्रताप स्मारक
 


महाराणा प्रताप स्मारक फतेह सागर झील के पास ही स्थित है। ये भी उदयपुर के दर्शनीय स्थलों में से एक है। महाराणा प्रताप स्मारक मोती मगरी या पर्ल हिल की चोटी पर फतेह सागर झील के किनारे पर स्थित है। यह महान भारतीय लड़ाकू महाराणा प्रताप और उनके वफादार घोड़े चेतक को समर्पित है।
 
सहेलियों की बाड़ी
 
सहेलियों की बाड़ी ऐसा गार्डन है जिससे कई पीढ़ियों की हसीन यादें जुड़ी हैं। सहेलियों की बाड़ी राजस्थान के ख़ूबसूरत शहर उदयपुर में स्थित एक बाग़ है। इस बाग़ में कमल के तालाब, फ़व्वारे, संगमरमर के हाथी और 'कियोस्क' बने हुए हैं। इस उद्यान का मुख्य आकर्षण यहाँ के फ़व्वारे हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इन्हें इंग्लैण्ड से मंगवाया गया था। श्रावण मास की अमावस्या के अवसर पर इस बाड़ी में नगर निवासियों का एक बड़ा मेला भी लगता है।


 
एकलिंगजी मंदिर
 
एकलिंगजी मंदिर राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। एकलिंगजी (कैलाशपुरी) के शहर में स्थित है इस जगह को भी मंदिर से ही अपना लोकप्रिय नाम मिला। एकलिंगजी मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 पर उदयपुर के उत्तर में 22 किमी की दूरी पर स्थित है। एकलिंगनाथ मंदिर हिंदू धर्म के भगवान शिव को समर्पित है। शुरू में मंदिर 734 ए.डी. में बप्पा रावल ने बनाया था। 
 
-सुषमा तिवारी

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