9/11 Remembrance Day 2026: 9/11 Twin Towers हमले के 25 साल, जानिए कैसे बदला Global Security Paradigm

11 सितंबर 2001 को दुनिया ने वह मंजर देखा, जिसने इतिहास की दिशा को बदलकर रख दिया। दरअसल, अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकवादियों ने चार वाणिज्यिक विमानों को हाईजैक कर लिया था।
11 सितंबर 2001 को दुनिया ने वह मंजर देखा, जिसने इतिहास की दिशा को बदलकर रख दिया। दरअसल, अल-कायदा से जुड़े 19 आतंकवादियों ने चार वाणिज्यिक विमानों को हाईजैक कर लिया था। जिनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिया था। वहीं तीसरे विमाने से अमेरिकी रक्षा विभाग मुख्यालय को निशाना बनाया था। वहीं जो चौछा विमान था वह यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93 वॉशिंगटन डीसी की तरफ बढ़ रहा था। लेकिन इस दौरान विमान में मौजूद यात्रियों की बहादुरी से वह विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
इतिहास का सबसे बड़ा आतंकी हमला
इस आतंकी हमले से न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया दहल उठी थी। यह आतंकवाद के इतिहास का सबसे भयावह घटना मानी जाती है। आज भी जब लोग 9/11 के हमले को याद करते हैं, तो रूह कांप उठती है। इस घटना में करीब 2,977 लोगों की मौत हो गई थी। चार विमानों में मौजूद 246 यात्री और क्रू मेंबर की मौत हो गई थी। वहीं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारतें गिरने के कारण 2,606 लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही पेंटागन पर हुए इस हमले में 125 लोगों की मौत हो गई थी।
क्यों खास है 9/11
इस आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने इसको सिर्फ एक दर्दनाक घटना न मानकर देशभक्ति और स्मरण दिवस के रूप में घोषित किया गया। वहीं अमेरिकी सरकार ने 18 दिसंबर 2001 को ऑफिशियल रूप से इसे 'पैट्रियट डे' के रूप में घोषित कर दिया। जिसके बाद हर साल 11 सितंबर को देशभर में स्मृति कार्यक्रम और मौन धारण किया जाता है। वहीं सुबह 08:46 मिनट का समय बेहद खास है, क्योंकि यह वही पल था, जब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तरी टावर से पहला विमान टकराया था।
हमले के पीछे कौन शामिल था
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस घटना की साजिश ओसामा बिन लादेन के नेतृत्व में अल-कायदा ने की थी। कुल 19 आतंकियों में से 15 सऊदी अरब से थे, वहीं 2 संयुक्त अरब अमीरात से और बाकी अन्य देशों से थे।
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