गन्ने की मशीन बुलडोजर पर उठा ले जाने के बाद अब हुआ कुछ ऐसा, जूस बेचने वाले ने मुख्यमंत्री योगी का किया शुक्रिया

गन्ने की  मशीन बुलडोजर पर उठा ले जाने के बाद अब हुआ कुछ ऐसा, जूस बेचने वाले ने मुख्यमंत्री योगी का किया शुक्रिया

नोएडा अथॉरिटी के द्वारा अब सतीश गुर्जर का एक और वीडियो साझा किया गया है, जिसमें सतीश गुर्जर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रिया कह रहे हैं। वीडियो में सतीश गुर्जर ने कहा कि मेरी गन्ने की मशीन वापस कर दी गई है और बिल्कुल सही सलामत है।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नोएडा के कुछ अधिकारी गन्ने का जूस बेचकर अपनी जिंदगी बसर करने वाले सतीश गुर्जर के गन्ने की मशीन को बुलडोजर पर ले जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर जब लोगों ने नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों की लानत मलामत की तो अब जाकर अधिकारियों ने सतीश गुर्जर की गन्ने की मशीन लौटा दी है।

नोएडा अथॉरिटी की ओर से यह जानकारी दी गई कि 23 मार्च को डीएससी रोड पर गैरकानूनी तरीके से नॉन वेंडिंग जोन में गन्ने की मशीन लगाने के बाद सतीश गुर्जर की जब्त की गई गन्ने की मशीन को लौटा दिया गया और उन्हें सेक्टर 50 के अधिकृत वेंडिंग जोन में स्थान दिया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया धन्यवाद

नोएडा अथॉरिटी के द्वारा अब सतीश गुर्जर का एक और वीडियो साझा किया गया है, जिसमें सतीश गुर्जर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रिया कह रहे हैं। वीडियो में सतीश गुर्जर ने कहा कि मेरी गन्ने की मशीन वापस कर दी गई है और बिल्कुल सही सलामत है। इसके साथ ही मुझे अथॉरिटी की ओर से सेक्टर 50 अधिकृत वेंडिंग जोन में स्थान भी दिया गया है।

सतीश गुर्जर ने मानी गलती

वीडियो में सतीश गुर्जर ने अपनी गलती बताते हुए कहा कि मैं बिना लाइसेंस के था और मैंने दादरी में गन्ने की मशीन लगाई थी। नोएडा अथॉरिटी ने इसे लेकर मुझे चेतावनी भी दी थी। लेकिन इसके बाद भी मैंने अपनी गन्ने की मशीन नहीं हटाई। इसी कारण नोएडा अथॉरिटी ने मेरी गन्ने की मशीन को जब्त कर ली थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें सतीश गुर्जर गन्ने का जूस बेचकर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करता है। नोएडा अथॉरिटी की कार्यवाही के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। वायरल वीडियो में सतीश गुर्जर अधिकारियों से इस बात की गुजारिश करता है कि वह उसकी गन्ने की मशीन को ना ले जाए क्योंकि क्योंकि वही उसकी आजीविका का एकमात्र साधन है। सतीश गुर्जर गिड़गिड़ाते रहा लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। जब अथॉरिटी के इस कदम की सोशल मीडिया लानत मलामत की गई तब अथॉरिटी की ओर से सतीश गुर्जर की गन्ने की मशीन लौटा दी गई।