शाकाहार सबसे बेहतर भोजन, मांसाहार से मानसिक विकार पनपते हैं

  •  ललित गर्ग
  •  नवंबर 25, 2020   17:22
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शाकाहार सबसे बेहतर भोजन, मांसाहार से मानसिक विकार पनपते हैं

शाकाहार सबसे बेहतर भोजन है जिससे तमाम प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है, वहीं मांसाहारी भोजन ग्रहण करने से जहां मानसिक विकार पनपते हैं। कोरोना महामारी में भी शाकाहार को सबसे निरापद, उपयुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वीकार किया गया है।

प्रत्येक वर्ष 25 नवंबर को विश्व मांसाहार निषेध दिवस मनाया जाता है, इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जानवरों के प्रति हिंसा के बर्ताव के प्रति संवेदनशीलता लाना और शाकाहार के प्रति लोगों को प्रेरित करना, जिससे एक सभ्य, अहिंसक और बेहतर समाज का निर्माण हो सके। विश्व इतिहास से लेकर आज तक हमेशा से अहिंसक विचारधारा पर चलने वाले महापुरुषों को बड़े ही सम्मान की नजर से देखा जाता रहा है। भगवान महावीर, महात्मा बुद्ध और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों ने जहां भारत को अहिंसा के जरिए विश्व में अपनी पहचान बनाई, वहीं उन्होंने अहिंसा एवं शाकाहार जीवन पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक किया। फिर क्यों आज भी देश से दुनिया तक, शहर से लेकर गांव तक हर जगह मांसाहार पर लोगों का भोजन आधारित है, जिससे करोड़ों बेजुबान निर्दोष जानवर मानव के आहार का शिकार हो जाते हैं। विज्ञान भी यह कहता है कि शाकाहार सबसे बेहतर भोजन है जिससे तमाम प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है, वहीं मांसाहारी भोजन ग्रहण करने से जहां मानसिक विकार पनपते हैं। कोरोना महामारी में भी शाकाहार को सबसे निरापद, उपयुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वीकार किया गया है।

कोरोना महासंकट के समय इंसान के खुशहाल जीवन एवं निरोगता के लिये खानपान में बदलाव की स्वर दुनियाभर में सुनाई दे रहे हैं। मांसाहार को छोड़ने वालों की संख्या भारत ही नहीं, दुनिया में बढ़ती जा रही हैं। ग्लोबल रिसर्च कंपनी इप्सोस के हाल ही में कराये गये एक सर्वेक्षण के अनुसार अब 63 प्रतिशत भारतीय अपने भोजन में मांसाहार के स्थान पर शाकाहार को अपना रहे हैं। एक अन्य समाचार के अनुसार अमेरिका में डेढ़ करोड़ व्यक्ति शाकाहारी हैं। दस वर्ष पूर्व नीदरलैंड की डेढ़ प्रतिशत आबादी शाकाहारी थी जबकि वर्तमान में वहाँ पांच प्रतिशत लोग शाकाहारी हैं। सुप्रसिद्ध गैलप मतगणना के अनुसार इंग्लैंड में प्रति सप्ताह तीन हजार व्यक्ति शाकाहारी बन रहे हैं। वहाँ अब पच्चीस लाख से अधिक व्यक्ति शाकाहारी हैं। बढ़ती बीमारियों के कारण जीवन की कम होती सांसों ने इंसान को शाकाहार अपनाने के लिये विवश किया है, सत्य भी यही है कि शाकाहार एक उन्नत जीवनशैली है, निरापद खानपान है।

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विश्वभर के डॉक्टरों ने यह साबित कर दिया है कि शाकाहारी भोजन उत्तम स्वास्थ्य के लिए सर्वश्रेष्ठ है। फल-फूल, सब्जी, विभिन्न प्रकार की दालें, बीज एवं दूध से बने पदार्थों आदि से मिलकर बना हुआ संतुलित आहार भोजन में कोई भी जहरीले तत्व नहीं पैदा करता। इसका प्रमुख कारण यह है कि जब कोई जानवर मारा जाता है तो वह मृत-पदार्थ बनता है। यह बात सब्जी के साथ लागू नहीं होती। यदि किसी सब्जी को आधा काट दिया जाए और आधा काटकर जमीन में गाड़ दिया जाए तो वह पुनः सब्जी के पेड़ के रूप में उत्पन्न हो जाएगी। क्योंकि वह एक जीवित पदार्थ है। लेकिन यह बात एक भेड़, मेमने या मुरगे के लिए नहीं कही जा सकती। अन्य विशिष्ट खोजों के द्वारा यह भी पता चला है कि जब किसी जानवर को मारा जाता है तब वह इतना भयभीत हो जाता है कि भय से उत्पन्न जहरीले तत्व उसके सारे शरीर में फैल जाते हैं और वे जहरीले तत्व मांस के रूप में उन व्यक्तियों के शरीर में पहुँचते हैं, जो उन्हें खाते हैं। हमारा शरीर उन जहरीले तत्वों को पूर्णतया निकालने में सामर्थ्यवान नहीं हैं। नतीजा यह होता है कि उच्च रक्तचाप, दिल व गुरदे आदि की बीमारी मांसाहारियों को जल्दी आक्रांत करती है। इसलिए यह नितांत आवश्यक है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से हम मांसाहार का निषेध करते हुए पूर्णतया शाकाहारी रहें। प्रकृति ने मनुष्य को स्वभाव से ही शाकाहारी बनाया है। कोई भी श्रमजीवी मांसाहार नहीं करता, चाहे वह घोड़ा हो या ऊँट, बैल हो या हाथी। फिर मनुष्य ही अपने स्वभाव के विपरीत मांसाहार कर संसार भर की बीमारियां और विकृतियां क्यों मोल लेता है? केवल जिव्हा के स्वाद के लिए मांस भक्षण करना हिंसा ही नहीं अपितु परपीड़न की पराकाष्ठा भी है। सुश्रुत संहिता, में लिखा है कि भोजन पकाना यज्ञ की तरह एक पवित्र कार्य है। मांसाहार से तामसी वृतियां पैदा होती हैं जो इंसान को क्रूर और हिंसक बनाता है, उसके शरीर की रोग-निरोधक क्षमता को कम कर उसे रक्तचाप तथा हृदय रोग जैसी दुसाध्य बीमारी से ग्रस्त करता है, उसके श्वास और पसीने को दुगुर्ण युक्त बनाता है। उसके मन में काम, क्रोध और प्रमाद जैसे दुगुर्ण उत्पन्न करता है। कहा भी है जैसा खाए अन्न, वैसा होए मन।

महात्मा गांधी कहते थे कि स्वाद पदार्थ में नहीं, अपितु मनुष्य की अपनी जिव्हा में होता है। नीम की चटनी से जीभ के स्वाद पर नियंत्रण कर लेने वाले गांधी के देश में आज मांसाहार का विरोध तो दूर, उल्टे कुछ क्षेत्रों में मांसाहार को बल दिया जाना, चिन्तनीय है, अहिंसा के उपासक देश के लिए लज्जास्पद भी। मांसाहार को प्रोत्साहित करने एवं उसके प्रचार करने के लिए मांस उद्योग तरह-तरह के हथकण्डे अपनाता रहा है। भारत में भी इस तरह की कुचेष्टाएं होती रही हैं। व्यावसायिक लोगों के द्वारा अपने लाभ के लिये एवं सरकारें भी मांसाहार एवं अण्डे के प्रचार एवं प्रयोग के लिये इस तरह के तथाकथित क्रूर एवं धार्मिक आस्थाओं को कुचलने वाले उपक्रम करती रही हैं। हमारे यहां अण्डे को ‘शाकाहार’’ और ‘निर्जीव’’ के रूप में प्रचारित करके पौल्ट्री उद्योग ने अपना व्यावसायिक जाल फैलाने की कुटिल कोशिश की। लेकिन यह शुभ संवाद है कि अब भारत में शाकाहार को बल देने की शुरूआत हुई है, जिसको जन-जन की जीवनशैली बनाना अहिंसा के पक्षधर प्रत्येक प्रबुद्ध नागरिक का नैतिक दायित्व है तथा मुख सुख के लिए निरीह प्राणियों और अजन्मे अंकुरों की निर्मम हत्या के विरुद्ध जनमानस तैयार करना सबका प्रथम कर्तव्य है।

भारत में शाकाहार को बल देने के प्रयत्न होते रहे हैं, न केवल भारत बल्कि संसार के महान बुद्धिजीवी, उदाहरणार्थ अरस्तू, प्लेटो, लियोनार्दो दविंची, शेक्सपीयर, डारविन, पी.एच. हक्सले, इमर्सन, आइन्सटीन, जार्ज बर्नार्ड शा, एच.जी. वेल्स, सर जूलियन हक्सले, लियो टॉलस्टॉय, शैली, रूसो आदि सभी शाकाहारी ही थे। मनुष्य की संरचना की दृष्टि से भी हम देखेंगे कि शाकाहारी भोजन हमारा स्वाभाविक भोजन है। अमेरिका के विश्व विख्यात पोषण विशेषज्ञ डॉ. माइकेल क्लेपर का कहना है कि अंडे का पीला भाग विश्व में कोलस्ट्रोल एवं जमी चिकनाई का सबसे बड़ा स्रोत है जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।

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आज विश्व में सबसे बड़ी समस्या है, विश्व शांति की और बढ़ती हुई हिंसा को रोकने की। चारों ओर हिंसा एवं आतंकवाद के बादल उमड़ रहे हैं। उन्हें यदि रोका जा सकता हैं तो केवल मनुष्य के स्वभाव को अहिंसा और शाकाहार की ओर प्रवृत्त करने से ही। भारतीय संविधान की धारा 51 ए (जी) के अंतर्गत भी हमारा यह कर्तव्य है कि हम सभी जीवों पर दया करें और इस बात को याद रखें कि हम किसी को जीवन प्रदान नहीं कर सकते तो उसका जीवन लेने का भी हमें कोई हक नहीं हैं। प्रश्न है कि फिर हमारे यहां बूचड़खानों का विकास एवं उनको प्रोत्साहन देने के व्यापक उपक्रम क्यों होते रहे हैं? आखिर हम इतने असंवेदनशील क्यों हो गये हैं?

पिछले कुछ सालों में जब से नए शोधों ने यह साबित कर दिया कि शाकाहार इंसान के लिए मांसाहार से अधिक सुरक्षित और निरापद है तब से पश्चिमी देशों में शाकाहारियों की एक बड़ी तादाद देखने में आ रही है। इतना ही नहीं लोगों को यह भी समझ में बखूबी आने लगा है कि मांसाहार महज बीमारियों की वजह नहीं है बल्कि अहिंसा, शांति, पर्यावरण, कृषि, नैतिकता और मानव-मूल्यों के विपरीत है। यह अर्थव्यवस्था के लिए भी नकारात्मक है। पश्चिम में शाकाहारी होना आधुनिकता पर्याय बन गया है। आए दिन लोग खुद को शाकाहारी घोषित कर इस नए चलन के अगुवा बताने में गर्व अनुभव करते देखे जा सकते हैं। पश्चिमी दर्शनों की विचारधारा, जो कभी मांसाहार को सबसे मुफीद मानती थी वही दर्शनों की धारा अब शाकाहार की ओर रुख करने लगी है। यह कई नजरिए से शाकाहार के हक में एक अच्छा संकेत कहा जाना चाहिए। मांसाहार कई समस्याओं का कारण है और इससे कृषि-संस्कृति को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है। आयुर्वेद में मांसाहार को विपत्तियों का घर कहा गया है। कृषि-संस्कृति का ध्वजवाहक देश अहिंसा और प्रेम जैसे अनेक मूल्यों का हमेशा से संवाहक रहा है। जरूरी है कि केंद्र और राज्य सरकारें बूचड़खानों को बंद करके देश की जहां खाद्यान्न समस्या का हल निकाल सकती हैं वहीं पर पानी, पर्यावरण, घटते पशुधन, दूध, घी और उर्वरक की समस्या का हल भी निकाल सकते हैं। रोजगार जो करोड़ों लोगों को मिलेगा वह अलग। शाकाहार को प्रोत्साहन देने का अर्थ उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्नत अर्थ-व्यवस्था एवं प्रगतिशील जीवनशैली है। हम आने वाली पीढ़ियों को शाकाहार के प्रति जागरूक करते हुए उसके फायदे के बारे में लोगों को बताते हुए मांसाहार रहित भोजन ग्रहण करने की नसीहत दे सकें तो विश्व मांसाहार निषेध दिवस मनाने की सच्ची सार्थकता होगी।

-ललित गर्ग

(पत्रकार, स्तंभकार, लेखक)







आतिशबाजियों के साथ Google दे रहा है Indian Cricket Team को ऐतिहासिक जीत की बधाई, देखें एमिनेशन

  •  रेनू तिवारी
  •  जनवरी 23, 2021   13:49
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आतिशबाजियों के साथ Google दे रहा है Indian Cricket Team को ऐतिहासिक जीत की बधाई, देखें एमिनेशन

गूगल आज हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है। अधिकतर लोग गूगल सर्च इंजन पर ही काम करते हैं और तमाम तरह की जानकारी भी प्राप्त करके हैं। किसी महान सख्स की जयंती हो या पुणयतिथि, गूगल अपने सिंबल में डूगल बना कर उन्हें श्रद्धांजलि देता है।

गूगल आज हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है। अधिकतर लोग गूगल सर्च इंजन पर ही काम करते हैं और तमाम तरह की जानकारी भी प्राप्त करके हैं। किसी महान सख्स की जयंती हो या पुणयतिथि, गूगल अपने सिंबल में डूगल बना कर उन्हें श्रद्धांजलि देता है। इसके अलावा भी कई फनी एनिमेशन के साथ यूजर्स को खास दिन का एहसास करवाता है। 

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हॉलीवुड प्रोडक्शन हाउस मार्वल की सुपरहिट सीरीज एवेंजर की आखिरी कड़ी एवेजर्स एंड गेम जब पूरी दुनिया में धूमम मचा रही थी तब गूगल ने एक एमिमेशन 'Thanos' नाम के कीवर्ड पर सेट किया था। जब भी लोग गूगल पर थेनोस सर्ज कर रहे थे तब एक चुटकी का रिजल्ट भी रिजल्ट में आता था। उस पर क्लिक करते ही यूजर्स की संख्या आधी शो होने लगती थी। लोग इस ऐमिनेशन को काफी पसंद कर रहे थे। इस फिल्म में भी थेनोस ने एक चुटकी बजाकर पूरी दुनिया के आधे इंसानों को मार दिया था। 

अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत का जश्न भी गूगल कुछ नये अंदाज में मना रहा है। हाल ही में  भारत ने गाबा की सरजमीन पर ऑस्ट्रेलिया की बादशादत को खत्म करते हुए जीत का तिरंगा गाड़ दिया। इस जीत का यूजर्स को एहसास दिलाने के लिए एक बार फिर गूगल ने एक शानदार एनिमेशन भारतीय क्रिकेट टीम के कीवर्ड पर डाला है। अगर आप गूगल पर भारतीय क्रिकेट टीम लिखकर सर्च करते है तो पहले पेज पर आपको भारत-ऑस्ट्रेलिया के गाबा मैच की जानकारी मिलेगी और उसके बाद गूगल पटाखों की आतिशबाजियां शुरू कर देगा। ये काफी मजेदार है। इस तरह का का एनिमेशन एक्टिवेट करके टी इंडिया को बधाई दे रहा है।

 

 

आपको बता दें कि अपने दो युवा बल्लेबाजों शुभमन गिल और ऋषभ पंत की आकर्षक अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारत ने चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करके श्रृंखला अपने नाम करने के साथ आस्ट्रेलिया की गाबा में 32 वर्षों से चली आ रही बादशाहत भी खत्म कर दी। भारत ने एडीलेड में पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद शानदार वापसी की और आस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर लगातार दूसरी बार श्रृंखला में 2-1 से हराकर बोर्डर-गावस्कर ट्राफी अपने पास बरकरार रखी। भारत ने यह जीत तब दर्ज की जबकि उसके कई शीर्ष खिलाड़ी चोटिल होने या अन्य कारणों से टीम में नहीं थे। शुभमन गिल शतक से चूक गये लेकिन उन्होंने 91 रन की प्रवाहमय पारी खेली जबकि पंत ने आक्रामकता और रक्षण की अच्छी मिसाल पेश करके नाबाद 89 रन बनाये।

 







Unlock-5 का 114वां दिन: देश में 10 लाख से अधिक लोगों को लगाए गए कोविड-19 के टीके

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 22, 2021   20:19
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Unlock-5 का 114वां दिन: देश में 10 लाख से अधिक लोगों को लगाए गए कोविड-19 के टीके

संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

नयी दिल्ली। देश भर में कोविड​​-19 टीकाकरण अभियान के तहत अब तक लगभग 10.5 लाख लोगों को कोरोना वायरस-रोधी ठीके लगाए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे की अवधि में देश में आयोजित 4,049 सत्रों में 2,37,050 लोगों को टीके लगाये गये। अब तक कुल 18,167 सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। संक्रमण की जांच के मोर्चे पर भी भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि जांच संबंधी बुनियादी ढांचे के विस्तार ने वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई को और मजबूत किया है। देश भर में अब तक कुल जांच की संख्या 19 करोड़ से अधिक हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के कुल 8,00,242 नमूनों की जांच की गई, जिससे भारत में अब तक हुई कुल जांच की संख्या बढ़कर 19,01,48,024 हो गई है। मंत्रालय ने कहा, निरंतर आधार पर विस्तृत और व्यापक जांच के परिणामस्वरूप संक्रमण दर में कमी आई है। कुल संक्रमण दर वर्तमान में 5.59 प्रतिशत है।

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पिछले कुछ हफ्तों से देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर अब कुल मामलों का 1.78 प्रतिशत रह गयी है। भारत में वर्तमान में 1,88,688 मरीजों का इलाज चल रहा है। 24 घंटे के अंतराल में कुल 18,002 लोग ठीक हुए। इससे कुल इलाजरत मरीजों की संख्या में एक दिन में 3,620की कमी आई है। देश में ठीक हुए कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 1,02,83,708 तक पहुंच गई है। मंत्रालय ने कहा कि ठीक होने वाले नए लोगों में से 84.70 प्रतिशत लोग दस राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के है। केरल में 6,229 लोग बीमारी से ठीक हुए। महाराष्ट्र और कर्नाटक ने क्रमशः 3,980 और 815 नए मरीज ठीक हुए। 24 घंटे के अंतराल में संक्रमण के कुल 14,545 नए मामले सामने आए हैं। नए मामलों में 84.14 प्रतिशत मामले आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आए हैं। केरल में 24 घंटे के अंतराल में 6,334 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र में 2,886 नए मामले सामने आए, जबकि कर्नाटक में 674 नए मामले सामने आए। पिछले 24 घंटों में हुईं 163 मौतों में से 82 प्रतिशत मौतें नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुई हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 52 मौतें हुई हैं। केरल में 21 मौतें हुई हैं।

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 266 नये मामले सामने आये

दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 266 नये मामले सामने आये और इस महामारी के कारण सात और मरीजों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के मामलों की संख्या 6,33,542 से अधिक हो गई है और मृतकों की संख्या 10,789 पर पहुंच गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार शहर में इस समय 2,060 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि संक्रमण की दर बढ़कर 0.37 प्रतिशत हो गई। बृहस्पतिवार को संक्रमण की दर 0.28 प्रतिशत थी।

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कोविड-19 के कारण यूपीएससी परीक्षा से वंचित छात्रों को एक और मौका देने के पक्ष में नहीं केंद्र

केंद्र ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह पिछले साल महामारी के कारण यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल नहीं होने से अपना आखिरी मौका गंवा देने वाले अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने के पक्ष में नहीं है। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर के नेतृत्व वाली पीठ ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू के निवेदन का संज्ञान लिया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से कहा, ‘‘हम एक और अवसर देने को तैयार नहीं है। मुझे हलफनामा दाखिल करने का समय दीजिए...कल (बृहस्पतिवार) रात मुझे निर्देश मिला है कि हम इस पर तैयार नहीं हैं।’’ पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी भी थे। पीठ ने सिविल सेवा की अभ्यर्थी रचना सिंह की याचिका को 25 जनवरी के लिए सूचीबद्ध किया है और केंद्र से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इससे पहले, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया था कि सिविल सर्विसेज के ऐसे अभ्यर्थियों को सरकार एक और मौका देने पर विचार कर रही है। शीर्ष अदालत ने पिछले साल 30 सितंबर को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करने से इनकार कर दिया था। देश में कोविड-19 महामारी और कई हिस्सों में बाढ़ के कारण परीक्षा को टालने का अनुरोध किया गया था।

देश में कोविड-19 के 14,545 नए मामले, 163 और लोगों की मौत

भारत में कोविड-19 के 14,545 नए मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,25,428 हो गई, जिनमें से 1,02,83,708 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 163 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,53,032 हो गई। आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,83,708 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 96.78 प्रतिशत हो गई है। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार तीन दिन से दो लाख से कम बनी हुई है। अभी 1,88,688 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.78 प्रतिशत है। भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे।

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कोविड-19 टीका लगने के बाद गुरुग्राम में स्वास्थ्यकर्मी की मौत, अधिकारियों ने कहा टीके से कोई लेना-देना नहीं

हरियाणा के गुरुग्राम में हाल ही में कोविड-19 का टीका लगवाने वाली एक महिला स्वास्थ्यकर्मी की शुक्रवार को मृत्यु हो गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक टीके से इसका संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। 55 वर्षीय महिला स्वास्थ्यकर्मी की मौत गुरुग्राम स्थित उसके आवास पर हुई। गुरुग्राम के मुख्य चिकित्सा अधिकारी विरेन्द्र यादव ने फोन पर बताया, ‘‘उन्हें 16 जनवरी को टीका लगा था। उनके परिवार ने आज अचानक उनकी मृत्यु होने की सूचना दी, लेकिन अभी तक ऐसा कोई तथ्य नहीं है जो मौत और टीके के बीच संबंध साबित कर सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनका विसरा जांच के लिए भेजा है और रिपोर्ट आने पर ही जानकारी मिलेगी।’’ हरियाणा में कोविड-19 टीकाकरण शनिवार को शुरू हुआ और कोरोना योद्धाओं को टीका लगाया जा रहा है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के 110 नए मामले

उत्तराखंड में शुक्रवार को 110 नए मरीजों में कोविड -19 की पुष्टि हुई जबकि तीन अन्य संक्रमितों ने महामारी से दम तोड दिया। एक बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है। इस बीच, प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान में शुक्रवार को 35 जगहों पर 2308 लाभार्थियों को टीका लगाया गया। सोलह जनवरी को शुरू हुए अभियान में अब तक 10514 लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 110 नए मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढकर 95464 हो गयी है। ताजा मामलों में सर्वाधिक 54 देहरादून जिले में सामने आए जबकि नैनीताल में 29, और हरिद्वार में 13 मरीज मिले। शुक्रवार को प्रदेश में तीन और कोविड मरीजों ने दम तोड दिया। महामारी से अब तक प्रदेश में 1629 मरीज जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में शुक्रवार को 183 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। अब तक कुल 90730 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 1795 है। प्रदेश में कोविड 19 के 1310 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं।

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आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के 137 नये मामले सामने आये

आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को सुबह नौ बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 137 नये मामले सामने आये। इन्हें मिला कर राज्य में कोरोना वायरस के उपचाराधीन मामलों की संख्या 1,488 है। एक नवीनतम बुलेटिन में कहा गया है कि 167 मरीज ठीक हुए और इस अवधि के दौरान चार और मरीजों की मौत हो गई। इसमें कहा गया है कि संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 8,86,694, ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 8,78,060 और मृतक संख्या बढ़कर 7,146 हो गई है।

जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के 88 नए मामले, चार मरीजों की मौत

जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 88 नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में अब तक संक्रमण के कुल 1,23,852 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, इसी अवधि में चार और मरीजों की मौत के साथ ही अब तक 1,928 लोग इस घातक वायरस के चलते जान गंवा चुके हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए मामलों में से 42 जम्मू संभाग में जबकि 46 कश्मीर संभाग में दर्ज किए गए। अधिकारियों ने कहा कि शोपियां, कठुआ, सांबा, किश्तवाड, रियासी और रामबन जिलों में संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया जबकि 12 अन्य जिलों में एकल संख्या में नए मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 1,098 मरीज उपचाराधीन हैं और अब तक 1,20,826 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू एवं कश्मीर दोनों ही क्षेत्रों में दो-दो कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई।





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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   20:36
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Unlock-5 का 113वां दिन: कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट, अब तक 9,99,065 लोगों का हुआ टीकाकरण

मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है।

नयी दिल्ली। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,92,308 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 1.81 प्रतिशत है। देश के कुल उपचाराधीन मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि अब तक, कुल 9,99,065 लोगों को कोविड-19 के टीके लगाए गए हैं। अब तक कुल 18,159 सत्र आयोजित किए गए हैं। बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़ने और संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आने से उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कमी आई है। एक दिन में कुल उपचाराधीन मामलों में 4,893 मामलों की गिरावट दर्ज की गई है।

मंत्रालय ने कहा, उपचाराधीन मामलों में लगातार गिरावट के राष्ट्रीय परिदृश्य में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रति दस लाख जनसंख्या पर ये मामले राष्ट्रीय औसत से भी कम है। भारत में प्रति दस लाख जनसंख्या पर 7,689 मामले हैं। देश के कुल इलाजरत मामलों में से 73 प्रतिशत मामले केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हैं। मंत्रालय ने कहा कि 24 घंटे के अंतराल में कुल 19,965 लोग ठीक हुए हैं। देश में संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,02,65,706 हो गई है। ठीक होने वाले मरीजों में से 87.06 फीसदी 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के हैं। केरल में एक दिन में सबसे अधिक 7,364 मरीज ठीक हुए। महाराष्ट्र में 4,589 मरीज ठीक हुए। संक्रमण के नए मामलों में से 83 फीसदी मामले आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में आए हैं। केरल में पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 6,815 नए मामले सामने आए। महाराष्ट्र में 3,015 नए मामले आए जबकि छत्तीसगढ़ में 594 नए मामले सामने आए हैं। 24 घंटे के अंतराल में देश में हुईं 151 मौतों में से 83.44 प्रतिशत मौतें आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में हुई हैं। महाराष्ट्र में 59 मौतें हुईं। केरल में 18 और छत्तीसगढ़ में 10 लोगों की मौत हुई है।

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टीकाकरण: अगले चरण में 50 साल से ऊपर के जनप्रतिनिधियों को लग सकता है टीका

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रहे टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को टीका लगाए जाने की संभावना है। टीकाकरण अभियान के पहले चरण में तीन करोड़ से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर्मियों को टीका लग रहा है। टीकाकरण के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के जन प्रतिनिधियों को टीका लगाया जा सकता है। इस आयु वर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के ज्यादातर सदस्य, अधिकतर राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के प्रमुख नेता आते हैं। एक सरकारी सूत्र ने कहा कि शीर्ष नेताओं के टीकाकरण को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि नेता अभी प्रतीक्षा करें क्योंकि पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीका लगना है। सरकार ने टीकाकरण अभियान को लेकर कोई समयसीमा नहीं दी है, हालांकि मोदी ने 11 जनवरी को कहा था कि अगले कुछ महीनों के भीतर 50 साल से अधिक उम्र के 30 करोड़ लोगों को टीका लग जाएगा। देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरुआत गत 16 जनवरी को हुई थी।

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ओडिशा में कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले

ओडिशा में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 143 नये मामले सामने आये जिसके बाद प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,33,866 पर पहुंच गयी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी कजानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण से एक और व्यक्ति की मौत हो गयी जिसके बाद मरने वालों की संख्या 1,903 हो गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 30 में से 23 जिलों में नये मामलेसामने आये हैं। इनमें से 84 मामले विभिन्न पृथक-वास केंद्रों से आये हैं जबकि शेष मामलों का पता संपर्कों का पता लगाने के दौरान चला है। अधिकारी ने बताया कि कटक जिले में संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। अधिकारी ने बताया कि 53 अन्य कोरोना संक्रमितों की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुयी है। उन्होंने बताया कि ओड़िशा में फिलहाल 1589 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि प्रदेश में अब तक 3,30,321 मरीज संक्रमण मुक्त हुये हैं। प्रदेश में अब तक 74.77 लाख नमूनों की जांच की गयी है और संक्रमण दर 4.46 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बिजय कुमार पाणिग्रही ने बताया कि बुधवार तक पिछले चार दिनों में प्रदेश में अब तक 68743 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।

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आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण से दूसरे दिन भी कोई मौत नहीं

आंध्र प्रदेश में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस संक्रमण से कोई मौत नहीं हुयी। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 139 नये मामले सामने आये हैं जबकि 254 लोग संक्रमण मुक्त हुये हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में इसकी जानकारी दी गयी है। प्रदेश में अब तककुल 1.27 करोड़ नमूनों की जांच की गयी है जिनमें से कुल 8,86,557 लोग संक्रमित पाये गये हैं। बुलेटिन में कहा गया है कि प्रदेश में अब भी 1522 मरीजों का उपचार चल रहा है और कुल 8,77,893 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में 7,142 लोगों की मौत हो चुकी है।

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भारत ने बांग्लादेश, नेपाल को कोविड-19 के टीके की खेप भेजी

भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहतबृहस्पतिवार को कोविड-19 के टीके की खेप बांग्लादेश और नेपाल को भेजी। इससे एक दिन पहले भूटान और मालदीव को कोविड टीके की खेप भेजी गई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टीके की खेप पहुंचने का चित्र ट्विटर पर साझा किया। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ टीका मैत्री बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों की उच्च प्राथमिकता की पुष्टि करते हैं। ’’ उन्होंने कहा कि नेपाल को भारतीय टीका प्राप्त हुआ, पड़ोस प्रथम और लोक प्रथम को वरियता। कोविशिल्ड टीके की 20 लाख खुराक बांग्लादेश और 10 लाख खुराक नेपाल को भेजी गई है। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया कि भारत के लोगों और सरकार की तरफ से बांग्लादेश के लोगों और सरकार को ‘मेड इन इंडिया’ कोविड-19 के टीके की 20 लाख खुराक सौंपी गई। भारतीय उच्चायुक्त वी दुरईस्वामी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री डा. ए के अब्दुल मोमिन और स्वास्थ्य मंत्री जाहिद मलिक को सौंपी। वहीं, नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने ट्वीट किया, ‘‘ भारत की पड़ोस प्रथम नीति के अनुरूप आज प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओलीको भारतीय टीके की 10 लाख खुराक सौंपकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम मिलकर इस स्थित उबर जायेंगे। ’’ इससे पहले बुधवार को भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड टीके की 1,50,000 खुराक भूटान को जबकि 1,00,000 खुराक मालदीव को भेजी थी। जयशंकर ने कहा था, ‘‘टीका मैत्री प्रारंभ। भूटान पहुंची इसकी खेप। पड़ोस प्रथम नीति का एक और उदाहरण। ’’ 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 35 नए मामले, कुल मामले 38, 772 हुए

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 35 नए मामले सामने आए, जिससे संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशक एस मोहन कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चार क्षेत्रों-पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में बीमारी से कोई नई मौत नहीं हुई। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में मृतकों की संख्या 643 है। उन्होंने बताया कि 3,710 नमूनों की जांच के बाद 35 नए मामले सामने आए, जिससे कुल मामले बढ़कर 38,772 हो गए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान अस्पतालों से 32 मरीजों को छुट्टी दी गई। केंद्र शासित प्रदेश में कोविड-19से मृत्यु दर 1.66 प्रतिशत और मरीजों के ठीक होने की दर 97.57 प्रतिशत है। मोहन कुमार ने कहा कि अब तक 5.46 लाख नमूनों की जांच हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 299 है, जबकि 37,830 मरीज ठीक हो चुके हैं।

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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये

जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण एक और मरीज की मौत हो गयी जिसके बाद प्रदेश में इससे मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,924 हो गयी है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संघ शासित क्षेत्र में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 117 नये मामले सामने आये जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 1,23,764 हो गयी है। उन्होंने बताया कि नये मामलों में से 42 जम्मू क्षेत्र में जबकि 75 कश्मीर क्षेत्र में मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 1111 मरीजों का उपचार चल रहा है जबकि1,20,729 संक्रमित अब तक यहां संक्रमण मुक्त हुये हैं।





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