जानिए कैसे एक सैन्य योद्धा ने घुड़सवारी की पृष्ठभूमि से न होकर भी रचा इतिहास

जानिए कैसे एक सैन्य योद्धा ने घुड़सवारी की पृष्ठभूमि से न होकर भी रचा इतिहास

सूबेदार अजय अनंत सावंत ने पिछले कई वर्षों में अनेकों पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घुड़सवारी के खेल में भाग लेकर 2002 में अजय ने पहली बार विश्व स्तर पर जीत हासिल की। साल 2018 में भी विश्व कप में टीम के साथ खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता।

आज हम एक ऐसे योद्धा की कहानी आप से साझा करने जा रहे हैं जिसने सेना में शामिल होकर घुड़सवारी जैसे रोचक खेल में इतिहास रचते हुए अर्जुन अवॉर्ड जीता है। 

सेना की 61 कैलेवरी रेजिमेंट में सूबेदार का पद रखने वाले अजय अनंत सावंत ने टेंट पेगिंग के घुड़सवारी के खेल के जरिए अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त किया है। सूबेदार अजय अनंत सावंत के अर्जुन अवॉर्ड जीतने के खुशी सम्पूर्ण भारत को है। लेकिन अजय अनंत सावंत घुड़सवारी के खेल में जितने पारंगत हैं वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है, क्योंकि अजय अनंत सावंत घुड़सवारी के पृष्ठभूमि से नहीं आते हैं। 

अजय सावंत का पूरा परिवार सेनाओं की विभिन्न श्रेणियों में शामिल होकर देश की सेवा करते रहे इसका मतलब है कि सूबेदार रिसालदार अजय सावंत सैन्यकर्मियों के परिवार से आते हैं। 61 कैलेवरी रेजिमेंट सेना की सबसे सुसज्जित सेनाओं में से एक है, जिसमें अजय सावंत भी सबेदार रिसालदार हैं। साल 1993 में सेना में शामिल हुए अजय सावंत ने घुड़सवारी का खेल बिना किसी पृष्ठभूमि के खेलना शुरू किया।

सूबेदार अजय अनंत सावंत ने पिछले कई वर्षों में अनेकों पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घुड़सवारी के खेल में भाग लेकर 2002 में अजय ने पहली बार विश्व स्तर पर जीत हासिल की। साल 2018 में भी विश्व कप में टीम के साथ खेलते हुए सिल्वर मेडल जीता। 

सूबेदार अजय सावंत जिस 61 कैलेवरी रेजिमेंट की तरफ से खेलते हैं उस रेजिमेंट की बात करें तो अजय सावंत को मिलने वाला 'अर्जुन अवार्ड' इस रेजिमेंट के लिए 12वां अर्जुन अवार्ड है। साल 1963 में लेफ्टिनेंट कर्नल डीके सिंह ने अपनी 61 कैवेलरी रेजिमेंट में अर्जुन अवॉर्ड जीता था। 61 कैवेलरी रेजिमेंट में शामिल रहे पूर्व कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रवि राठौर ने साल 2018 में अर्जुन अवार्ड का पुरस्कार अपने नाम किया था। 

सूबेदार अजय अनंत सावंत की महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां

- 2002 में पहले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीत हासिल करना।

- 2008 में राष्ट्रीय खेल पदक से नवाजा जाना (टीम सिल्वर)।

- 2015 में यूएई में सम्पन्न विश्व कप क्वालीफायर के रूप में शामिल होना और व्यक्तिगत रजत पदक जीतना।

- 2016 में मिस्र में हुए विश्व कप में एक व्यक्तिगत सहित 3 स्वर्ण जीते।

- 2018 में विश्व कप क्वालीफायर कुल 4 स्वर्ण पदक में से 2 व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता।

- 2019 के वर्ल्ड कप में टीम के साथ सिल्वर जीता।

सूबेदार अजय अनंत सावंत का सैन्य परिवार

सूबेदार अजय सावंत के पिता नायक अनंत सावंत 2 मराठा लाइट इन्फेंट्री में सेवारत रहे और 1971 में युद्धभूमि में अपना जौहर भी बिखेरते हुए युद्ध का अनुभव रखने वाले थे। सूबेदार अजय सावंत के बड़े भाई गोविंद सावंत भी 1999 के करगिल युद्ध के अनुभवों से बखूबी परिचित थे। कारगिल युद्ध के दौरान सेना में आर्मी असिस्टेंट चिकित्सक के रूप में लेह सेक्टर में अजय सावंत के बड़े भाई गोविंद सावंत की महती भूमिका रही। अजय सावंत के चचेरे भाई भी मराठा लाइव इन्फेंट्री में ब्रिगेडियर की भूमिका में देश की सेवा करते रहे। 

सूबेदार अजय अनंत सावंत की पारिवारिक पृष्ठभूमि सैनी परिवार से आती है जिसकी वजह से अजय सावंत ने भी सेना में जाकर देश का नाम वैश्विक स्तर पर देश का गौरव प्रदान किया है।

- शुभम यादव