बम भोले के जयकारों के साथ 4,000 श्रद्धालुओं का जत्था जम्मू से अमरनाथ रवाना

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जुलाई 20, 2019   14:52
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बम भोले के जयकारों के साथ 4,000 श्रद्धालुओं का जत्था जम्मू से अमरनाथ रवाना

अधिकारियों ने बताया कि 175 वाहनों में श्रद्धालुओं का यह जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तड़के रवाना हुआ। उनमें 20 बच्चे भी शामिल हैं।

जम्मू। अमरनाथ तीर्थयात्रियों का नया जत्था शनिवार को यहां भगवती नगर आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र गुफा के लिये रवाना हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस जत्थे में 955 महिलाओं और 144 साधु समेत 4,094 श्रद्धालु शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि एक जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक 2.43 लाख तीर्थयात्री बर्फानी बाबा के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि 175 वाहनों में श्रद्धालुओं का यह जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तड़के रवाना हुआ। उनमें 20 बच्चे भी शामिल हैं। ये श्रद्धालु यहां से अनंतनाग के पहलगाम और गंदेरबल के बालटाल आधार शिविर पहुंचेंगे।

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यह यात्रा परंपरागत पहलगाम और बालटाल से बिना किसी रूकावट के संपन्न हो रही है। बालटाल वाले रास्ते पर शुक्रवार को मौसम खराब होने से यात्रा रोक दी गई थी और शनिवार को इसे दोबारा शुरू कर दिया गया। यात्रा का समापन 15 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन होगा। बीते साल कुल 2,85,006 श्रद्धालु यहां पहुंचे थे जबकि 2015 में इनकी संख्या 3,52,771, 2016 में 3,20,490 और 2017 में कुल 2,60,003 तीर्थयात्रियों ने हिमलिंग के दर्शन किए थे। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बीते चार दिनों में छह श्रद्धालुओं की विभिन्न कारणों से मौत हो गई जिससे इस यात्रा के शुरू होने के बाद से यहां आकर मरने वाले कुल लोगों की संख्या 22 पहुंच गई है। इनमें 18 श्रद्धालु, दो सेवादार और दो सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।





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Unlock-5 का 108वां दिन: कोरोना के खिलाफ भारत में शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 16, 2021   20:10
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Unlock-5 का 108वां दिन: कोरोना के खिलाफ भारत में शुरू हुआ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

महाराष्ट्र में शनिवार को देश के शेष भाग के साथ ही टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। मुंबई में जेजे अस्पातल के डीन डॉक्टर रंजीत मानकेश्वर तथा जालना सिविल अस्पताल की डॉक्टर पद्मजा सराफ सबसे पहले टीका लगवाने वालों में शामिल रहे।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत शनिवार को पहले चरण में भारत में अग्रिम मोर्चों पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई। इसके साथ ही 10 महीनों में लाखों जिंदगियों और रोजगार को लील लेने वाली इस महामारी के खात्मे की उम्मीद जगी है। भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1.5 लाख लोगों की मौत के बाद भारत ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके के साथ महामारी को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण अभियान का पहला दिन सफल रहा। अब तक टीकाकरण के बाद अस्पताल में भर्ती होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। आज शाम 5:30 बजे तक पूरे देश में 1,65,714 लोगों को कोविड वैक्सीन का टीका लगाया गया था। आज देश में 3351 सत्र में वैक्सीनेशन का कार्यक्रम किया गया। वैक्सीनेशन ड्राइव में 2 तरह के वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। COVISHIELD सभी राज्यों को दिया गया है। COVAXIN को 12 राज्यों को दिया है।

स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई। पॉल कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं। अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री कहा कि टीके की दो खुराक लेनी बहुत जरूरी है और इन दोनों के बीच लगभग एक महीने का अंतर होना चाहिए। उन्होंने टीका लेने के बाद भी लोगों से कोरोना संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया और ‘‘दवाई भी, कड़ाई भी’’ का मंत्र दिया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। मोदी ने कहा कि टीका देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत सुनिश्चित करेगा। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने कोरोना संक्रमण काल के दौरान लोगों को हुई तकलीफों, अपने प्रियजनों को खोने और यहां तक कि उनके अंतिम संस्कार तक में शामिल ना हो पाने के दर्द का जिक्र किया। रूंधे गले से प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों और संक्रमण के जोखिम की आशंका वाले मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों की कुर्बानियों को याद किया जिनमें से सैकड़ों की संक्रमण की वजह से मौत हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा टीकाकरण कार्यक्रम मानवता की चिंता से प्रेरित है, जिन लोगों को सबसे अधिक खतरा है उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।’’ प्रधानमंत्री ने भरोसा व्यक्त करते हुए कहा कि सामान्य तौर पर टीका विकसित करने में वर्षों लग जाते हैं लेकिन भारत ने दो‘मेड इन इंडिया’ टीके तैयार किए और तेजी से अन्य टीकों पर भी काम कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पूरे भारत में बड़े पैमाने पर टीकाकरण का रास्ता साफ करते हुए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने इस महीने की शुरुआत में ऑक्सफोर्ड /एस्ट्रेजेनेका द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड एवं भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापित 3006 केंद्रों पर पहले दिन करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा और प्रत्येक सत्र में 100 लोगों को टीका दिया जाएगा। कोविड-19 से बचाव के लिए टीके की खुराक सबसे पहले अनुमानित एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को और इसके बाद दो करोड़ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों को दी जाएगी, इसके बाद 50 साल से अधिक उम्र वालों एवं अन्य बीमारियों से ग्रस्त 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की योजना है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर अस्पताल के एक सफाई कर्मी मनीष कुमार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की उपस्थिति में कोविड​​-19 का पहला टीका लगाया गया। इसके साथ ही मनीष देश की राजधानी में टीका लगवाने वाले पहले शख्स बन गए। हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों टीके- भारत बायोटेक के स्वदेशी कोवैक्सीन और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड, इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक संजीवनी हैं। टीका अभियान की शुरुआत के बाद हर्षवर्धन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ये टीके महामारी के खिलाफलड़ाई में हमारी संजीवनी हैं। हमने पोलियो के खिलाफ लड़ाई जीती है और अब हम कोविड के खिलाफ युद्ध जीतने के निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। मैं इस अवसर पर सभी फ्रंटलाइन कर्मियों को बधाई देता हूं। पूरे देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत पर उत्सव जैसा माहौल था, कई अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। कई स्थानों पर टीकाकरण से पहले प्रार्थना की गई। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित एक निजी अस्पताल की डॉक्टर बिपाशा सेठ ने कहा, ‘‘ यह मानवता के लिए महान दिन है, सबसे पहले टीके की खुराक मिलने से विशेष तौर पर गर्वित महसूस कर रही हूं।’’ बता दें कि उन्हें यहां सबसे पहले खुराक दी गई। शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम ने कहा, ‘‘आज हमारे लिए एक बड़ा दिन है। ऐसा लगता है कि हम धीरे-धीरे महामारी से बाहर आ रहे हैं, जिसने इतने सारे लोगों की जान ली है। हम पिछले एक साल से संकट की स्थिति में थे। आज से, हम फिर से अपना नया जीवन शुरू करेंगे।’’ गुजरात के 161 केन्द्रों में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है।सबसे पहले राजकोट के एक मेडिकल वाहन चालक तथा कुछ डॉक्टरों को टीके की खुराक दी गई। राजकोट में मेडिकल वैन चलाने वाले और कोविड-19 से बचाव के लिए टीके की पहली खुराक पाने वालों में शामिल अशोक भाई ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि राजकोट के इस केंद्र में मुझे टीके की पहली खुराक देने के लिए चुना गया। मुझे कोई आशंका नहीं है।’’ भारतीय चिकित्सा संस्थान (एमसीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर केतन देसाई अहमदाबाद में सिविल अस्पताल में टीका लगवाने वाले दूसरे व्यक्ति बने। उन्होंने कहा, ‘‘ किसी को टीके के दुष्प्रभाव के बारे में भयभीत नहीं होना चाहिए क्योंकि यह कई परीक्षण से गुजरने और विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित करने के बाद दी जा रही है।’’ अहमदाबाद सिविल अस्पताल में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी तथा उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल की मौजूदगी में डॉक्टरों को टीकों की पहली खुराकें दी गईं। 

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महाराष्ट्र में शनिवार को देश के शेष भाग के साथ ही टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। मुंबई में जेजे अस्पातल के डीन डॉक्टर रंजीत मानकेश्वर तथा जालना सिविल अस्पताल की डॉक्टर पद्मजा सराफ सबसे पहले टीका लगवाने वालों में शामिल रहे। एक अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के 285 केन्द्रों में टीके लगाए जा रहे हैं, जहां एक दिन में100 स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर दिनभर में 28,500 कर्मियों को टीके की खुराक दी जाएगी। गोवा में जीएमसीएच के एक कर्मचारी रंगनाथ भोज्जे को शनिवार को सबसे पहले कोरोना वायरस टीका लगाया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर तथा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उस समय जीएमसीएच अस्पताल में मौजूद थे, जब भोज्जे को टीका लगाया गया। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सबसे पहले एक स्वच्छताकर्मी को टीका लगा कर प्रदेश में इसकी शुरूआत की गयी। प्रदेश में टीकाकरण केन्द्र पर टीका लगवाने वालों का जहां फूलों से स्वागत किया गया वहीं ग्वालियर में डॉक्टरों ने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर इसकी शुरुआत की। छत्तीसगढ़ में 51 वर्षीय सफाई कर्मी तुलसा टांडी राज्य मेंकोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाले पहले व्यक्ति बने। राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक प्रियंका शुक्ला ने बताया, ‘‘ तुलसा टांडी रायपुर स्थित डॉ.बीआर अंबेडकर स्मारक अस्पताल में वर्ष 2008 से सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत हैं और वह पहले व्यक्ति बने जिन्हें राज्य में कोविड-19 टीके की खुराक दी गई है।’’ तमिलनाडु में भी 166 केंद्रों पर टीकाकरण चल रहा है और यहां के सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर राज्य में कोविड-19 का टीका प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बने। तेलंगाना में हैदराबाद स्थित अस्पताल में महिला सफाई कर्मी कोविड-19 से बचाव का टीका लगवाने वाली पहली व्यक्ति बनी, उन्हें तालियों की गड़गड़ाहट के बीच टीका लगाया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंदर ने यहां गांधी अस्पताल में औपचारिक रूप से टीकाकरण की शुरुआत की। केरल में भी 133 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू हुआ है और टीका प्राप्त करने वालों में प्रमुख सरकारी डॉक्टर और अग्रिम मोर्चे पर कार्य करने वाले कर्मी रहे। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कि एक दिन में 13,300 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण होगा। कर्नाटक में भी 243 स्थानों पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई जिनमें से 10 केंद्र बेंगलुरु में हैं। बेंगलुरु स्थित विक्टोरिया अस्पताल में कार्यरत वार्ड अटेंडेंट 28 वर्षीय नागरत्न राज्य में कोविड-19 से बचाव का टीका लगाने वाले पहले व्यक्ति बने। इस मौके पर मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर बेंगलोर मेडिकल कॉलेज में मौजूद रहे। गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मियों के टीकाकरण पर आने वाले खर्च को केंद्र सरकार वहन करेगी।

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कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लाभार्थियों ने लोगों से अफवाहों में नहीं आने की अपील की

देशभर में कोविड-19 टीकाकरण अभियान शनिवार को शुरू होने के साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में पहला टीका लेने वाली नर्स बिजी टॉमी ने कहा कि ‘‘मैं गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा हूं।’’ इसी तरह की भावना दिल्ली में टीकाकरण अभियान के पहले दिन उन स्वास्थ्यकर्मियों ने जतायी जिन्हें 81 स्थलों पर टीका दिये जाने के लिए चुना गया था। राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रमुख विकास डोगरा ने टीका लगवाया और उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया। उन्होंने पीटीआई-से कहा, ‘‘मैंने टीका लगाने के बाद कुछ भी महसूस नहीं किया। जो लोग यह अफवाह फैला रहे हैं कि टीका सुरक्षित नहीं है, मैं कहना चाहता हूं कि वे विशेषज्ञ नहीं हैं। यह निराधार बात है और मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि उन्हें अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।’’ एक अन्य लाभार्थी एवं यहां बीएलके सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में श्वसन चिकित्सा विभाग के प्रमुख संदीप नायर ने इसी तरह की भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी को सलाह दूंगा कि वे अपनी बारी आने पर टीका लगवायें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। टीके सुरक्षित हैं।’’ कोविड-19 टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय राजधानी में चल रहा है। सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाये जा रहे हैं जो महामारी के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे थे।

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कोविड-19 टीकों के बारे में अफवाह फैलने वालों से सावधान रहें: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को लोगों को कोविड-19 टीके के बारे में अफवाह फैलाने वालोंसे सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि केन्द्र शासित प्रदेश में सफल टीकाकरण अभियान सुनिश्चित करने के लिये प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जम्मू-कश्मीर में 40 केन्द्रों में शनिवार को कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान शुरू हो गया, जिसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीके लगाए जा रहे हैं। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पुणे स्थित भारतीय सीरम संस्थान की ओर से कोविशील्ड टीके की पहली खेप में 1,46,500 खुराकें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 79 हजार टीके कश्मीर में जबकि 67,500 टीके जम्मू क्षेत्र में लगाए जाएंगे। सिन्हा ने यहां राजकीय चिकित्सा कॉलेज अस्पताल में टीकाकरणअभियान की शुरुआत करते हुए कहा, कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में आज का दिन निर्णायक है...यह हमारे देश के लिये गर्व की बात है लेकिन हमें टीकों के बारे में अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहना है। उन्होंने लोगों से टीके की प्रभावकारिता से संबंधित अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध करते हुए प्रशासन से इस बारे मेंप्रचार अभियान शुरू करने को कहा।

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भारत में कोविड-19 के नये प्रकार से 116 लोग संक्रमित: सरकार

ब्रिटेन में सार्स-सीओवी-2 के नये प्रकार से देश में संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 116 हो गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया, ‘‘ब्रिटेन में सामने आये नये प्रकार से संक्रमित लोगों की संख्या 116 है।’’ मंत्रालय ने इससे पहले बताया था कि इन सभी लोगों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों के एकल कक्ष में पृथक-वास में रखा गया है। उसने बताया कि संक्रमितों के करीबी संपर्क में आये लोगों को भी पृथक-वास में रखा गया है। सह-यात्रियों, पारिवारिक संपर्कों और अन्य का भी पता लगाया जा रहा है। ब्रिटेन में सामने आये कोविड-19 के नये प्रकार के मामले डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर समेत कई देशों में पता चले है।

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सात महीने बाद में आंध्रप्रदेश में कोविड-19 के उपचाररत मरीज घटकर 2000 के नीचे पहुंचे

आंध्र प्रदेश में शनिवार को सात महीने बाद पहली बार कोरोना वायरस के उपचाररत मरीजों की संख्या 2000 के नीचे 1,987 तक आयी। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार राज्य में सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में इस महामारी के 114 नए मामले सामने आए। इस दौरान राज्य में 326 मरीज ठीक हुए। पिछले 24 घंटे में 25,542 नमूनों की जांच की गयी जो संयोग से कई महीनों के दौरान एक दिन में सबसे कम परीक्षण है। वैसे संक्राति के चलते परीक्षण कम हुए। राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,85,824 हो गयी है। अब तक 8,76,372 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वैसे पिछले 24 घंटे में इस महामारी से किसी की भी मौत नहीं हुई।राज्य में अबतक कोविड-19 के 7,139 मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। राज्य में संक्रमणदर घटकर 7.09 फीसद रह गयी है। अबतक सवा करोड़ लोग कोविड-19 जांच करवा चुके हैं।

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ओडिशा में कोविड-19 के 178 नए मामले, एक मरीज की मौत

ओडिशा में शनिवार को कोविड-19 के 178 नए मामले आए जिन्हें मिलाकर राज्य में अब तक कुल 3,33,127 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति की कोविड-19 की वजह से मौत हुई है। इसके साथ ही राज्य में महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 1,899 तक पहुंच गई है। अधिकारी ने बताया कि नए मामलों में 103 संक्रमित विभिन्न पृथकवास केंद्रों के है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक 30 संक्रमित सुंदरगढ़ में मिले हैं जबकि संबलपुर और झारसुगुडा में क्रमश: 24 और 23 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। अधिकारी ने बताया कि आठ जिलों- बौद्ध, ढेंकनाल, जगतसिंहपुर, कंधमाल, केंद्रपाड़ा, क्योंझर, नयागढ़ और नबरंगपुर- में संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से मौत का एकमात्र ताजा मामला सुंदरगढ़ से आया है। अधिकारी ने बताया कि राज्य में इस समय 2,087 उपचाराधीन मरीज हैं जबकि 3,29,088 मरीज महामारी को मात दे चुके हैं। ओडिशा में संक्रमण की दर 4.53 प्रतिशत है।

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गोवा में कोरोना वायरस संक्रमण के 83 नये मामले, तीन और लोगों की मौत

गोवा में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 83 नये मामले सामने आने के साथ राज्य में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 52,345 हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के तीन और मरीजों की मौत हो गयी है। अधिकारी ने बताया कि गोवा में इस महामारी से अब तक कुल 756 लोगों की मौत हुई है, जबकि 50,712 मरीज इस रोग से स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, 877मरीज अभी उपचाराधीन हैं। अधिकारी ने बताया कि शनिवार को 670 नमूनों की जांच की गई। इस तरह,गोवा में अबतक कुल 4,26,703 नमूनों की जांच की गई है।

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पंजाब और हरियाणा के करीब 100 स्थानों पर किया गया कोविड-19 टीकाकरण

कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की शुरूआत होने पर शनिवार को पंजाब और हरियाणा के करीब 100 स्थानों पर वरिष्ठ चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को प्राधिकारों ने पंजाब में 59 और हरियाणा में 77 स्थान टीकाकरण के लिए निर्धारित किये थे। टीकों के प्रति लोगों में विश्वास को मजबूत करने और टीके के बारे में किसी भी संदेह को दूर करने की कोशिश के तहत कई स्थानों पर सबसे पहले वरिष्ठ चिकित्सकों ने टीका लगवाया। केंद्र से पंजाब और हरियाणा को कोविड-19 के टीके की क्रमश: 2.04 लाख व 2.41 लाख खुराक प्राप्त हुई है। हरियाणा स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक सूरजभान कम्बोज ने भी कोविड-19 का टीका लगवाया और कहा, ‘‘टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और अधिक से अधिक लोगों कोटीका लगवाना चाहिए।’’ पंजाब के मोहाली से टीकाकारण अभियान की शुरुआत करने वाले राज्य के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि वैज्ञानिक टीकों के सुरक्षित होने को लेकर आश्वस्त नहीं होते तो इन्हें मंजूरी नहीं दी गई होती। पटियाला के सिविल सर्जन सतिंदर सिंह ने बताया कि अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ उन्होंने भी टीका लगवाया है, ताकि लोगों में टीकाकरण के प्रति विश्वास का भाव पैदा किया जा सके। लुधियाना के सिविल हॉस्पटिल के डॉक्टर ने कहा कि उन्हें गर्व है कि टीके की पहली खुराक उन्हें लेने का मौका मिला। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे टीके को लेकर भयभीत नहीं हों। उन्होंने कहा कि मेरे वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी टीका लगवाया है और यह शत प्रतिशत सुरक्षित है तथा लोगों को इसपर भरोसा करना चाहिए।

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उत्तराखंड में सामने आये कोरोना वायरस संक्रमण के 226 नए मामले

उत्तराखंड में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 226 नए मामले सामने आए जबकि चार और मरीजों मौत हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 226 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 94,691 हो गयी है जबकि चार और मरीजों की जान चले जाने से मृतकों की संख्या 1606 हो गयी है। बुलेटिन के मुताबिक नैनीताल में 40, हरिद्वार में 31, उधमसिंह नगर में 18, अल्मोड़ा में 14, टेहरी में नौ, पिथौरागढ़ में आठ, चमोली में छह , बागेश्वर, पौड़ी, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में दो दो नये मरीज सामने आये हैं। शनिवार को राज्य में चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया। महामारी से अब तक राज्य में 1606 मरीज जान गंवा चुके हैं। राज्य में अब तक कुल 89,454मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 1282 मरीज राज्य से बाहर चले गये। फिलहाल उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,349 है।





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Unlock-5 का 107वां दिन: टीकाकरण अभियान की सभी तैयारियां पूरी, अबतक 114 व्यक्ति नए स्वरूप से संक्रमित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 15, 2021   19:59
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Unlock-5 का 107वां दिन: टीकाकरण अभियान की सभी तैयारियां पूरी, अबतक 114 व्यक्ति नए स्वरूप से संक्रमित

मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राज्यों को नियमित परामर्श जारी किया जा रहा है। इसने कहा कि देश में कोरोना वायरस के ब्रिटेन में मिले नए स्वरूप से संक्रमित लोगों की कुल संख्या इस समय 114 है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस के ब्रिटेन में मिले नए स्वरूप से संक्रमित लोगों की संख्या 114 हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राज्यों को नियमित परामर्श जारी किया जा रहा है। इसने कहा कि देश में कोरोना वायरस के ब्रिटेन में मिले नए स्वरूप से संक्रमित लोगों की कुल संख्या इस समय 114 है। मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि इन सभी लोगों को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा तय स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में एकल कक्ष पृथक-वास में रखा गया है। इसने कहा कि इन लोगों के करीबी संपर्क में आए लोगों को भी पृथक रखा जा रहा है और इनके संपर्क में आए सभी लोगों का पता लगाया जा रहा है जिनमें सह-यात्री, परिवार के सदस्य तथा अन्य शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसके साथ ही अन्य नमूनों की भी ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ जारी है। इसने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और निगरानी, रोकथाम तथा जांच के सिलसिले में राज्यों को नियमित रूप से परामर्श जारी किया जा रहा है और नमूने ‘इंडियन सार्स-कोव2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम’ प्रयोगशालाओं में भेज जा रहे हैं।

दिल्ली में कोविड-19 के 295 नए मामले

दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 संक्रमण के 295 नये मामले सामने आये, जो कि लगभग आठ महीनों में सबसे कम हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि संक्रमण की दर घटकर 0.44 प्रतिशत पर आ गई है। यह बारहवीं बार है जब जनवरी में प्रतिदिन मामलों की संख्या 500 से कम और 10 जनवरी के बाद से लगातार छठे दिन यह आंकड़ा 400 से कम बना हुआ हैं। जैन ने ट्वीट किया, ‘‘नौ मई, 2020 के बाद सबसे कम मामले दर्ज किये गये। दिल्ली में संक्रमण की दर घटकर 0.44 प्रतिशत पर आ गई है। मास्क पहनें और अपने तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सामाजिक दूरी का पालन करें।’’ अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में इस महामारी के मामलों की संख्या 6.31 लाख से अधिक हो गई जबकि दस और लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 10,732 पर पहुंच गई। आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, दिल्ली में 26 अप्रैल को कोरोना वायरस के 293 मामले दर्ज किये गये थे। राष्ट्रीय राजधानी में उपचाराधीन मरीजों की संख्या पिछले दिन के मुकाबले कम होकर 2,795 पर आ गई। पिछले दिन उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,937 थी। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार गत दिवस 66,921 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 295 नये मामले सामने आये हैं। शुक्रवार के बुलेटिन के अनुसार, कोविड अस्पतालों में कुल 11,950 बिस्तरों में से 10,779 बिस्तर खाली है। इसके अनुसार अब तक 6,18,357 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें या तो अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है या फिर वे शहर से बाहर चले गये है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में निरूद्ध क्षेत्रों की संख्या कम होकर शुक्रवार को 2,451 पर आ गई जबकि पिछले दिन यह संख्या 2,501 थी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को घरों में पृथक-वास में रहने वाले लोगों की संख्या गिरकर 1,275 पर पहुंच गई जबकि गत दिवस यह संख्या 1,311 थी। 

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नगालैंड में कोविड-19 के चार नए मामले  

नगालैंड में शुक्रवार को कोविड-19 के चार नये मामले सामने आए जबकि दो और मरीजों की मौत हो गयी। इसी के साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या 12,039 हो गयी जबकि अब तक 88 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री एस पांग्न्यू फोम ने यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि शुक्रवार को कोविड-19 के 22 मरीज स्वस्थ हुए जिसके साथ ही राज्य में अबतक 11,707 रोगी ठीक हो चुके हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ आज कोविड-19 के चार नये मरीजों का पता चला। कोहिमा और दीमापुर में दो दो नये मरीज सामने आये। (कोरोना वायरस के) 22 मरीज स्वस्थ भी हुए। दामापुर में 21 और मोन में एक मरीज संक्रमणमुक्त हुआ। ’’ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशक डॉ. डेनिस हांगसिंग ने कहा कि नगालैंड में अब इस महामारी के 104 मरीज उपचाररत हैं जबकि 140 मरीज अन्य राज्यों में चले गये। राज्य में अबतक 1.22 लाख से अधिक कोविड-19 रोगियों के परीक्षण किये गये हैं।

गोवा में सामने आए कोरोना के 80 नए मामले  

गोवा में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 80नये मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 52,262 हो गयी जबकि इस दौरान एक मरीज की मौत हो गयी एवं 61 मरीज स्वस्थ हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोवा में अब तक 753 मरीजों की जान जा चुकी है जबकि50,643 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं एवं फिलहाल 866 मरीज उपचाररत हैं। अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को 1705 नमूनों की जांच के बाद 80 नये मरीज सामने आये और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 52,262 हो गयी। गोवा में अबतक 4,25,033 कोविड-19 परीक्षण हो चुके हैं।

राजस्थान में कोविड-19 का टीकाकरण शनिवार से

राजस्थान में कोविड-19 का टीकाकरण अभियान शनिवार से शुरू होगा और इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी जिलों के टीकाकरण केंद्रों के लिए टीके पहुंच चुके हैं। राजस्थान में पहला टीका जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा सुधीर भंडारी को लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शनिवार को अपने आवास से टीकाकरण कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करेंगे। चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा ने बताया कि राज्य में 161 स्थलों के अतिरिक्त जयपुर जिले के छह स्थलों पर भी टीकाकरण होगा। इनमें से ज्यादातर स्थानों पर टीके की खेप पहुंच चुकी है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि 13 जनवरी तक राजस्थान को टीके की दो कंपनियों से करीब 5 लाख 63 हजार खुराक प्राप्त हुए हैं, जिसमें कोविशील्‍ड के 4,43,000 और कोवैक्सीन के 20,000 खुराक शामिल हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए कोविन सॉफ्टवेयर में राज्य के छह लाख से अधिक लाभार्थियों का डेटा 14 जनवरी 2020 की शाम तक अपलोड किया जा चुका है। 

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आंध्र प्रदेश में कोरोना के 94 नए मामले

आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को सात महीने बाद पहली बार कोरोना वायरस संक्रमण के 100 से कम मामले सामने आये। राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8,85,710 हो गयी है। एक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। बुलेटिन के अनुसार राज्य में सुबह नौ बजे तक पिछले 24 घंटे में 31,696 नमूनों की जांच के बाद इस महामारी के 94 नए मामले सामने आए। पिछले साल मई के बाद राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है जब राज्य में कोविड-19 के नये मामलों की संख्या 100 से कम है जबकि सितंबर में प्रतिदिन 10,000 से अधिक नये मामले सामने आ रहे थे। बुलेटिन के अनुसार राज्य में 232 और लोग ठीक हुए हैं। इस महामारी से अब तक 8,76,372 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अनुसार पिछले 24 घंटे में इस महामारी से एक और मरीज की मौत हुई जिसके साथ ही मृतकों की संख्या 7,139 हो गई है। बुलेटिन के मुताबिक राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 2,199 है।

पंजाब, हरियाणा में कोविड-19 टीकाकरण के लिए किए गए सारे इंतजाम

पंजाब और हरियाणा में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण के लिए सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की खुराक दी जाएगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बारे में बताया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों में डॉक्टर, नर्स, पारामेडिकल कर्मी और सफाई कर्मचारी शामिल होंगे। टीकाकरण अभियान के लिए पंजाब में 59 और हरियाणा में 77 स्थान निर्धारित किए गए हैं। एक सत्र में 100 लोगों को टीके की खुराक दी जाएगी। पंजाब को कोविड-19 टीके की 2.04 लाख खुराक जबकि हरियाणा को 2.41 लाख खुराकों की खेप दी गयी है। टीकों को दोनों राज्यों के संबंधित जिलों तक पहुंचा दिया गया है। पंजाब के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) हुसन लाल ने बताया, ‘‘स्वास्थ्यकर्मियों में अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला के तकनीकी कर्मी, पारामेडिकल कर्मी, सफाई कर्मचारी होंगे। अनुबंधित और स्थायी, दोनों तरह के कर्मचारी इसमें होंगे।’’ उन्होंने कहा कि पंजाब में करीब 1.74 लाख स्वास्थ्यकर्मी हैं। हफ्ते में चार दिन टीके दिए जाएंगे। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि ‘कोविन’ साइट पर जिन लोगों का नाम होगा, उन्हें ही टीके की खुराक दी जाएगी। हरियाणा स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक सूरज भान कंबोज ने बताया कि राज्य में शनिवार को 77 स्थानों पर टीकाकरण होगा। राज्य में करीब दो लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की खुराक दी जाएगी। चंडीगढ़ में चार स्थानों पर टीकाकरण होगा। चंडीगढ़ को टीके की 12,000 खुराकों की खेप मिल गयी है।





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Unlock-5 का 106वां दिन: PM मोदी 16 जनवरी को करेंगे टीकाकरण अभियान की शुरुआत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   20:33
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Unlock-5 का 106वां दिन: PM मोदी 16 जनवरी को करेंगे टीकाकरण अभियान की शुरुआत

अनुसंधाकर्ताओं ने कहा कि व्यापक जांच से पता चला है कि अमेरिका में वितरण के लिये मंजूर किये गए टीके मजबूत प्रतिरोधक प्रतिक्रिया पैदा करने के मामले में बेहद कारगर है। हर किसी को तत्काल इसका पूरा फायदा नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे और इसके मद्देनजर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में टीकों की पर्याप्त खुराकें भेज दी गई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 जनवरी को सुबह 10.30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा।’’ इस कार्यक्रम से सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के 3006 स्थान डिजिटल माध्यम से जुडेंगे और हर केंद्र पर 100 लाभार्थियों का टीकाकरण होगा। बयान में कहा गया कि यह टीकाकरण अभियान जन भागीदारी के सिद्धांत के तहत प्राथमिकता के आधार पर चलाया जाएगा जिसमें पहले चरण के तहत सरकारी व निजी क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों और आईसीडीएस कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा। बयान के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में टीकों की पर्याप्त खुराकें भेजी गई हैं तथा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने इन्हें सभी जिलों में भेज दिया है। टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से चलाने और टीका वितरण कार्यक्रम की निगरानी के लिए को-विन (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क) नामक एक डिजिटल मंच भी तैयार किया गया है। सरकार की ओर से कोविड-19 महामारी, टीकाकरण और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित सवालों के समाधान के लिए 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाले कॉल सेंटर और हेल्पलाइन 1075 स्थापित की गई है। इससे इतर, सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ संवाद भी कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि वे दोतरफा संवाद के लिए आवश्यक सभी इंतजाम के साथ तैयार हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा। इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रपति कार्यालय से विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है कि पोलियो टीकाकरण दिवस, जिसे ’पोलियो रविवार’ के रूप में मनाया जाता है, को बदलकर 31 जनवरी कर दिया जाए।’’ देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के पहले दिन 16 जनवरी को करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को 2,934 केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में अधिकतम 100 लाभार्थी होंगे। सरकार द्वारा खरीदे गए कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके की 1.65 करोड़ खुराकें उनके स्वास्थ्यकर्मियों के आंकडों के अनुसार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसलिए किसी भी राज्य से भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है। यह आरंभिक स्तर पर दी गई खुराक है। इसलिए कम आपूर्ति किए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताए निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं।’’ राज्यों को सलाह दी गई है कि वे 10 फीसदी आरक्षित/बर्बाद खुराकों और रोजाना प्रत्येक सत्र में औसतन 100 टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें। राज्यों से यह भी कहा गया है कि प्रत्येक टीका केंद्र पर हड़बड़ी में तय सीमा से ज्यादा संख्या में लोगों को न बुलाएं। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को टीकाकरण सत्र स्थलों को बढ़ाने की सलाह दी है और उनके रोजाना संचालन की बात कही है ताकि टीकाकरण प्रक्रिया स्थिर हो सके और आगे सुचारू रूप से बढ़ सके। ज्ञात हो कि पहले चरण में तीन करोड़ लोगों का टीकाकरण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमेंस्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी शामिल हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश में विकसित टीके ‘कोवैक्सीन’ को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिये भारत के औषधि नियामक की ओर से पिछले दिनों मंजूरी दी गई थी। भारत में टीकाकरण अभियान के लिए 2360 लोगों को राष्ट्रीय स्‍तर के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें राज्‍य टीकाकरण अधिकारी, प्रशीतन श्रृंखला अधिकारी, आईईसी अधिकारी तथा अन्‍य भागीदार शामिल हैं। इसके अलावा 61 हजार से ज्‍यादा कार्यक्रम प्रबंधन, दो लाख टीकाकरण कर्मी तथा तीन लाख 70 हजार अन्‍य कर्मियों को राज्‍य, जिला और खण्‍ड स्‍तर पर प्रशिक्षित किया जा चुका है।  

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वैज्ञानिकों का कहना है कि अवसाद, तनाव और अकेलापन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करके कोविड-19 टीके समेत विभिन्न टीकों की प्रभावकारिता को कम कर सकता है। पर्सपेक्टिव ऑन साइकोलॉजिकल साइंस में प्रकाशित होने के लिये स्वीकार की गई एक रिपोर्ट के अनुसार व्यायाम और टीका लगवाने से 24 घंटे पहले रात में अच्छी नींद लेने समेत साधारण कोशिशों से टीके की प्रारंभिक प्रभावकारिता बढ़ सकती है। अनुसंधाकर्ताओं ने कहा कि व्यापक जांच से पता चला है कि अमेरिका में वितरण के लिये मंजूर किये गए टीके मजबूत प्रतिरोधक प्रतिक्रिया पैदा करने के मामले में बेहद कारगर है। हर किसी को तत्काल इसका पूरा फायदा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण कारक, व्यक्तिगत अनुवांशिकी तथा शारीरिक एवं मानसिक परेशानियां शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती हैं, जिससे टीके का असर धीमा पड़ सकता है। अमेरिका के ओहायो विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ता एनेलीज मेडिसन ने कहा, कोविड-19 महामारी से शारीरिक दिक्कतों के साथ-साथ मानसिक दिक्कतें भी पेश आई हैं, जिसके चलते तनाव, अवसाद, और अन्य संबंधित परेशानियां पैदा हुई हैं। इस तरह के भावनात्मक तनाव पैदा करने वाली परेशानियां किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इस रिपोर्ट में टीके की प्रभावकारिता और इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि किस तरह स्वास्थ्य हालात और भावनात्मक तनाव पैदा करने वाली परेशानियां प्रतिरोधक प्रतिक्रिया विकसित करने की शरीर की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। टीका प्रतिरोधक प्रणाली को चुनौती देते हुए अपना काम करता है, लिहाजा टीके की प्रभावकारिता काफी हद तक प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करती है।

कोविड टीकाकरण पर सभी तैयारियां पूरी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने 16 जनवरी से कोरोना वायरस का टीका लगाए जाने की मुहिम की शुरुआत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और शहर में हर निर्धारित दिन पर 8,000 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार को केंद्र से अब तक टीके की 2.74 लाख खुराक मिल चुकी हैं, जो 1.2 लाख स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त होंगी। उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक व्यक्ति को दो खुराक दी जायेगी। केन्द्र ने टीके की शीशी टूटने या अन्य कारण से उसके खराब होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 10 प्रतिशत अतिरिक्त खुराक मुहैया करायी है। दिल्ली में कुल 2.4 लाख स्वास्थ्यकर्मियों ने टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराया है और जल्दी ही और खुराक मिलने की संभावना है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में शनिवार को 81 केन्द्रों पर टीकाकरण शुरू होगा और कुछ दिनों बाद इनकी संख्या बढ़कर 175 और अंतत: 1,000 केन्द्रों तक पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि टीके सप्ताह के चार दिन- सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को लगाए जाएंगे। कोविड के टीके रविवार और सप्ताह के दो अन्य दिन नहीं लगाए जाएंगे। इन दिनों में सामान्य टीकाकरण जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि रोजाना 100 लोगों को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने आशा जतायी कि पिछले कई महीने से मुश्किलें झेलने के बाद लोगों को अंतत: इस वायरस से निजात मिलेगी। मीडिया के साथ बातचीत से पहले केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के टीकाकरण अभियान की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्थिति की समीक्षा की है और सभी टीमें और दिल्ली के लोग भी कोविड टीकाकरण के लिए तैयार हैं। केजरीवाल ने कहा, ‘‘पिछले एक साल से लोग कोरोना के कारण तकलीफ में हैं और मैं आशा करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिल्ली, देश और दुनिया भर के लोगों को टीका आने के बाद समस्याओं से निजात मिले।’’ सूत्रों ने पहले बताया था कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सादे समारोह में 16 जनवरी को एलएनजेपी अस्पताल से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। अधिकारियों ने दिन में बताया था कि ऑक्सफोर्ड कोविशील्ड टीके के 2.64 लाख खुराक की पहली खेप दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के केन्द्रीय भंडारण गृह में कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को पहुंची। 

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पुडुचेरी में कोविड-19 के 43 नए मामले

केन्द्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 43 नए मामले आने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 38,567 हो गई है। संक्रमण से और एक व्यक्ति की मौत होने के साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 640 पहुंच गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निदेशक एस. मोहन कुमार ने बताया कि जेआईपीएमईआर में 84 वर्षीय महिला की और हुई। उन्हें अन्य बीमारियां भी थीं। प्रदेश में 2,992 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 43 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। केन्द्र शासित प्रदेश में मृत्युदर 1.66 प्रतिशत और रिकवरी दर 97.57 प्रतिशत है। निदेशक ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोविड-19 का 298 लोगों का इलाज चल रहा है।

ओडिशा में कोविड-19 के 222 नए मामले

ओडिशा में कोविड-19 के 222 नए मामले आने से बृहस्पतिवार को संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,32,763 हो गयी। राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि संक्रमण के कारण एक और व्यक्ति की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़ कर अब 1896 हो गयी। कोरोना वायरस के संक्रमण के 127 मामले पृथक-वास केंद्रों से आए जबकि संक्रमितों के संपर्क का पता लगाए जाने के दौरान 95 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि राज्य के अंगुल जिले से सबसे ज्यादा 28 नए मामले आए। सुंदरगढ़ से 24 और झारसुगुडा से 23 मामले आए। ओडिशा में 2192 संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है जबकि अब तक 3,28,622 लोग ठीक हो चुके हैं। राज्य में बुधवार को 30168 नमूनों की जांच के साथ अब तक कुल मिलाकर 72.92 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की गयी है।

वैक्सीन की आलोचना करने वालों को विशेषज्ञों के समूह ने धोया !

कोविड-19 रोधी दो टीकों, खासकर स्वदेश विकसित भारत बायोटेक के टीके को मंजूरी देने के सरकार के फैसले की आलोचना करने वालों को चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के एक समूह ने आड़े हाथों लेते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उनके कथन ‘‘निंदनीय’’ हैं तथा भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए विश्वसनीयता का भारी संकट पैदा कर रहे हैं। वक्तव्य पर चिकित्सा क्षेत्र के 45 पेशेवरों और वैज्ञानिकों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें ‘‘निहित स्वार्थी तत्वों के गैरजिम्मेदाराना बयानों’’ पर हैरानी जताई गई है तथा आलोचकों पर आरोप लगाया गया है कि वे राजनीति से प्रेरित बयान देकर कोविड-19 टीकों के क्षेत्र में हालिया शोध पर संदेह जाहिर करके भारतीय विशेषज्ञों की ईमानदारी को कलंकित कर रहे हैं। इस बयान पर एम्स के पूर्व निदेशकों टीडी डोगरा और एमसी मिश्रा,सीएसआईआर-आईआईसीटी, हैदराबाद के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक ए. गंगाग्नी राव तथा मणिपाल एजुकेशन ऐंड मेडिकल ग्रुप के बोर्ड के अध्यक्ष रंजन पई ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कहा गया है कि ये टीके मानवता को उनकी ओर से उपहार हैं। गौरतलब है कि भारत में कोविड-19 के दो टीकों के आपात स्थिति में इस्तेमाल को हाल में मंजूरी दी गई है, जिनमें से एक ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का कोविशील्ड है जिसका उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है तथा दूसरी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन है। कुछ विशेषज्ञों और विपक्ष के कुछ नेताओं ने टीकों को मंजूरी देने के फैसले पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि कोवैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण अभी तक पूरा नहीं हुआ है और इसके प्रभाव को लेकर आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि उसने सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है। इस वक्तव्य में कहा गया है कि भारत टीकों की आपूर्ति के मामले में वैश्विक अगुआ बनकर उभरा है तो इसके पीछे चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के प्रयास हैं। भारत से 188 से अधिक देशों में टीके भेजे जा रहे हैं तथा भारत का टीका बाजार 2019 में 94 अरब रुपये का हो चुका है।  

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उत्तराखंड में कोविड-19 के 154 नए मामले

उत्तराखंड में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 154 नए मामले सामने आये जबकि तीन और मरीजों की संक्रमण के कारण मौत हो गई। यहां प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, 154 नये मरीजों के मिलने के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 94324 हो गयी है। नये मामलों में से सर्वाधिक 40 देहरादून जिले में सामने आए जबकि हरिद्वार में 37, नैनीताल में 30 और ऊधमसिंह नगर में 15 नये मरीज मिले। बृहस्पतिवार को प्रदेश में तीन और कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई जिससे संक्रमण से प्रदेश में अब तक 1596 मरीज जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में बृहस्पतिवार को 187 और मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। अब तक कुल 88948 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और उपचाराधीन मामलों की संख्या 2510 है। प्रदेश में कोविड-19 के 1270 मरीज प्रदेश से बाहर चले गए हैं।

राजस्थान में कोविड-19 से दो और मरीजों की मौत

राजस्थान में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 281 नये मामले सामने आये जिससेराज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,14,372 हो गई। वहीं राज्य में संक्रमण से दो और लोगों की मौत होने से राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 2744 हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक के बीते 24 घंटे में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से दो और मौत हुई हैं जिससे मरने वालों की संख्या अब बढ़कर 2744हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक जयपुर में 509,जोधपुर में 299,अजमेर में 221,कोटा में 168, बीकानेर में 167, भरतपुर में 120,उदयपुर में 112,पाली में 109और सीकर में 100संक्रमितों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को राज्य में 384लोग कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हुए जिससे राज्य में अब तक ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 3,05,953हो गई है। इसके साथ ही संक्रमण के 281नये मामले सामने आने से राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,14,372हो गयी जिनमें से 5675रोगी उपचाराधीन हैं। नये मामलों में जयपुर-जोधपुर में 36-36, कोटा में 26, उदयपुर में 25, भीलवाडा में 24, अजमेर में 22 नये संक्रमित शामिल हैं।

दिल्ली में कोविड-19 के 340 नये मामले

दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 340 नये मामले सामने आये तथा चार संक्रमितों की मौत हो गई। हालांकि, इस महामारी से होने वाली मृत्यु की प्रतिदिन की दर कई महीनों के बाद दहाई की संख्या से घट कर इकाई पर आई है। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण की दर घट कर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं, जनवरी में यह 11 वां मौका है, जब प्रतिदिन के नये मामलों की संख्या 500 से कम है। उन्होंने बताया कि शहर में अब तक 6.31 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए, जबकि चार और मरीजों की मौत होने जाने से कुल मृतक संख्या बढ़ कर 10,722 हो गई। बुधवार को कोविड-19 से 11 मरीजों की मौत हुई थी। दिल्ली में अभी कोविड-19 के 2,937 मरीज उपचाराधीन हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को की गई 71,325 नमूनों की जांच में 340 नये मामलों की पुष्टि हुई।

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गणतंत्र दिवस समारोह में कोई विदेशी शासनाध्यक्ष मुख्य अतिथि नहीं होगा

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 की स्थिति के कारण इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया गया है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पिछले पांच दशकों में यह पहला मौका होगा जब भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि नहीं होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘ कोविड-19 की स्थिति के कारण यह फैसला किया गया है कि इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष नहीं होगा। ’’ यह फैसला ऐसे समय में किया गया है कि जब ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नये प्रारूप के फैलने के कारण ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपनी भारत यात्रा रद्द करने का हाल ही में फैसला किया था। भारत ने जॉनसन को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था। जॉनसन ने इस आमंत्रण को बड़े सम्मान की बात कह कर स्वीकार किया था। हालांकि, इस महीने के प्रारंभ में कोविड-19 के नये प्रारूप के फैलने के कारण जॉनसन ने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी।





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