क्या धरती पर आएंगे Aliens? वैज्ञानिकों ने दी यह चेतावनी

क्या धरती पर आएंगे Aliens? वैज्ञानिकों ने दी यह चेतावनी

हाल ही में BioScience जर्नल में प्रकाशित हुए रिसर्च पेपर के मुताबिक इंसान जितनी ज्यादा अंतरिक्ष की छानबीन करेगा, वहाँ की यात्राएं करेगा, उतने ज्यादा एलियन जीवों की अंतरिक्षयानों के साथ धरती पर लौटेंगे की संभावना है।

साइंटिस्ट हर दिन अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी बढ़ाने में लगे हैं। नए नए यान अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। नए ग्रहों की जाँच पड़ताल करना, इंसानों जैसे जीवों को खोजने के प्रयास होते रहते है। ऐसे में एक रिसर्च पेपर सामने आया है जिसमें स्पेस टेक्नोलॉजी, एलियंस से जुड़े काफी चौकाने वाले खुलासे किए गए है। हाल ही में BioScience जर्नल में प्रकाशित हुए रिसर्च पेपर के मुताबिक इंसान जितनी ज्यादा अंतरिक्ष की छानबीन करेगा, वहाँ की यात्राएं करेगा, उतने ज्यादा एलियन जीवों की अंतरिक्षयानों के साथ धरती पर लौटेंगे की संभावना है। अंतरिक्ष से आई हर चीज इंसान आँखों से देख पाए ये मुमकिन नहीं है। लेकिन अंतरिक्ष के इन जीवों का धरती के जीवों के बीच रहना बड़ा खतरा बन सकता है।

मैकगिल विश्वविद्यालय में इन्वेशन बायोलॉजी के प्रोफेसर एंथनी रिकियार्डी ने कहा कि इंसानों की अंतरिक्ष में जाने की इच्छा उन्हें एलियन जीवों की समस्या का सामना करने पर मजबूर करेंगी। इंसान जितने अधिक अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष में ले जाएंगे, उतने ही अधिक एलियन जीवों का सामना करना पड़ेगा। शायद ये जीव बहुत सूक्ष्म हो, लेकिन अंतरिक्ष यान के साथ धरती पर आ सकते हैं। ऐसे में इन जीवों ने धरती के पर्यावरण के अनुरूप अपने आप को ढाल लिया तो ये धरती पर मौजूद जीवों को प्रभावित कर सकते हैं। बिलकुल वैसे ही जैसे इंसान अंतरिक्ष में जा सकते हैं और किसी अन्य ग्रह पर अपना घर बना सकते हैं। एंथनी और उनके साथी चाहते हैं कि एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल लाइफ पर एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट और इनवेशन बायोलॉजिस्ट मिलकर काम करें ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।

वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल इसकी संभावना बहुत कम है। लेकिन जिस तरह से इंसान तेजी से अंतरिक्ष में अपने पैर जमा रहा है, उससे एलियन जीव के धरती पर आने की समस्या और बढ़ जाएगी और इसे रोकना मुश्किल होगा। एंथनी का कहना है कि नासा जैसी अंतरिक्ष एजेंसियां एलियन जीवों के खतरे से पूरी तरह वाकिफ हैं। इसलिए वर्ष 1960 से ग्रह सुरक्षा नीतियां बनाई गई हैं।