Foundation Day of Three States: Indian History का वो दिन, जब Manipur, Meghalaya और Tripura के विलय से मजबूत हुआ भारत

Foundation Day of Three States
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देश की आजादी के करीब 25 सालों बाद देश को 3 नए राज्य मिले थे। इन तीन राज्यों का नाम मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा है। बता दें कि हर साल मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है।

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। लेकिन 21 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास में एक खास दिन है। यह वह दिन है, जब देश की आजादी के करीब 25 सालों बाद देश को 3 नए राज्य मिले थे। इन तीन राज्यों का नाम मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा है। बता दें कि हर साल मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय राज्य का स्थापना दिवस मनाया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा तीनों राज्य के स्थापना दिवस के पीछे का ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऐसे बने थे तीनों राज्य

आजादी के करीब 25 साल बाद 21 जनवरी 1972 को नॉर्थ ईस्टर्न रीजन री-ऑर्गेनाइजेशन एक्ट 1971 के तहत त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय को पूरे राज्य का दर्जा मिला था। इससे पहले मेघालय असम का हिस्सा था, जबकि मणिपुर और त्रिपुरा केंद्र शासित प्रदेश थे।

मणिपुर राज्य

साल 1947 से पहले मणिपुर एक स्वतंत्र रियासत थी। भारत सरकार के साथ महाराजा बोधचंद्र सिंह ने 'इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन' पर साइन किया था। जिसके बाद साल 1948 में पहला चुनाव हुआ था। साथ ही यह एक संवैधानिक राजशाही बन गया। साल 1949 में महाराजा ने मणिपुर की चुनी हुई विधानसभा से सलाह किए बिना ही विलय समझौते पर साइन किए थे। जिसके बाद मणिपुर की राज्य विधानसभा को भंग किया और यह एक पार्ट C राज्य बना। वहीं 01 नवंबर 1956 को मणिपुर यूनियन टेरिटोरियल काउंसिल एक्ट 1956 के तहत एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया। फिर 21 जनवरी 1972 को नॉर्थ-ईस्टर्न एरियाज एक्ट 1971 के तहत मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।

मेघालय राज्य

मेघालय की राज्य बनने की यात्रा असम से ज्यादा स्वायत्तता की मांगों के साथ शुरू हुई थी। साल 1969 में असम पुनर्गठन अधिनियम ने मेघालय को असम में एक स्वायत्त राज्य के रूप में स्थापित की। जिसके बाद NEA (R) एक्ट 1971 के तहत मेघालय को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इसकी राजधानी का नाम शिलांग है।

त्रिपुरा राज्य

बता दें कि त्रिपुरा एक रियासत थी और इसका साल 1949 में भारत में विलय हो गया। इसमें रानी कंचन प्रभा ने अहम भूमिका निभाई थी। भारत में विलय के बाद त्रिपुरा पार्ट C राज्य बन गया था। साल 1956 में त्रिपुरा केंद्र शासित प्रदेश बना और फिर 21 जनवरी 1971 को NEA-(R) एक्ट, 1971 के जरिए त्रिपुरा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। इसकी राजधानी अगरतला है।

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