National Voters Day: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय मतदाता दिवस? इतिहास से लेकर 2026 की Theme के बारे में जानें

National Voters Day
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राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।

हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। कहते है कि लोकतंत्र की असली ताकत मतदान पेटी में होती है। जब कोई नागरिक वोट डालने बूथ तक पहुंचता है, तो यह केवल एक बटन नहीं दबाता, वह देश की दिशा तय करता है। गौरतलब है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, इसी दिन देश गणतंत्र हुआ। 26 जनवरी के दिन भारतीय संविधान आधिकारिक तौर पर लागू हुआ, जिसमें हर नागरिक को अधिकार मिले तो कुछ कर्तव्य भी तय किए गए। उन्हीं कर्तव्यों में से एक है, भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करना। इस कर्तव्य के जरिए हर एक नागरिक लोकतांत्रिक देश के निर्माण में योगदान देता है।

खासतौर पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसी नागरिक शक्ति का उत्सव है, जो हर साल हमें हमारे सबसे बड़े अधिकार और कर्तव्य यानी मतदान की याद दिलाता है। यदि आप वोट नहीं देते, तो आप फैसले का अधिकार छोड़ देते हैं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस यही सिखाता है कि लोकतंत्र तभी जीवित रहता है, जब नागरिक सक्रिय रहते हैं। आइए जानते हैं कि वोट देना क्यों जरूरी? आखिर मतदान दिवस मनाने की जरुरत क्यों पड़ी।

 

मतदान दिवस 2026 कब है?

राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत में हर वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 1950 में भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस की स्मृति को सम्मान देने और नागरिकों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई।

मतदाता दिवस 2026 की थीम क्या है?

प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की आधिकारिक थीम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित की जाती है। मतदाता दिवस 2026 की थीम है My India, My Vote यानी मेरा भारत, मेरा मतदान। वोटर्स डे की इस बार की थीम इस बात पर फोकस करती हैं कि,

 - युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ें

 - जागरूक और जिम्मेदार मतदान हो सके

 - समावेशी लोकतंत्र

 - नैतिक और निष्पक्ष चुनाव

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास

भारत निर्वाचन आयोग का गठन 25 जनवरी 1950 को किया गया था। लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और नागरिकों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वर्ष 2011 से हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर नए मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र प्रदान किए जाते हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मतदाता दिवस का महत्व

 - लोकतंत्र की मजबूती- हर जागरूक वोट, लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करता है।

 - युवाओं की भागीदारी- यह दिन पहली बार वोट देने वालों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ता है।

 - अधिकार और जिम्मेदारी की याद- मतदान केवल अधिकार नहीं, देश के प्रति जिम्मेदारी भी है।

 - निष्पक्ष चुनाव का संदेश - स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव ही मजबूत राष्ट्र की पहचान हैं। 

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