झटपट तैयार करें हलवाइयों जैसी बासुंदी, जानिए आसान रेसिपी

By मिताली जैन | Publish Date: May 14 2019 4:40PM
झटपट तैयार करें हलवाइयों जैसी बासुंदी, जानिए आसान रेसिपी
Image Source: Google

झटपट बासुंदी बनाने के लिए सबसे पहले गैस ऑन करके एक बर्तन में एक लीटर दूध डालें और उसे धीमी आंच पर पकाएं। याद रखें कि आपका दूध तली में लगे नहीं। इसके लिए एक तो आप भारी तले वाले बर्तन का इस्तेमाल करें। साथ ही दूध को बीच−बीच में चलाते रहें।

बासुंदी का स्वाद बेहद ही लाजवाब होता है। वैसे तो इसे किसी त्योहार या विशेष अवसर पर ही बनाया जाता है। आपने भी कभी न कभी इसका स्वाद अवश्य चखा होगा। उसे खाने के बाद हमेशा ही उसे खुद बनाने का मन करता है। लेकिन बहुत से लोगों को इसे बनाने का तरीका नहीं पता होता। अगर आपके साथ भी ऐसा ही है तो आज हम आपको बांसुदी बनाने की बेहद आसान रेसिपी बता रहे हैं। अब जब भी आपका कुछ अलग व मीठा खाने का मन करे तो आप झटपट बासुंदी बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं इसे बनाना−


सामग्री−
एक लीटर फुलक्रीम दूध
मिल्कमेड
आधा कप कटे हुए बादाम व काजू
केसर 


आधा चम्मच इलायची पाउडर


विधि−झटपट बासुंदी बनाने के लिए सबसे पहले गैस ऑन करके एक बर्तन में एक लीटर दूध डालें और उसे धीमी आंच पर पकाएं। याद रखें कि आपका दूध तली में लगे नहीं। इसके लिए एक तो आप भारी तले वाले बर्तन का इस्तेमाल करें। साथ ही दूध को बीच−बीच में चलाते रहें। करीबन 15 से 20 मिनट तक दूध को पकाएं। आप देखेंगे कि दूध पककर आधा हो गया है। 
 
अब आप इसमें धीरे−धीरे मिल्क मेड मिक्स करें। अगर आपको मिल्कमेड का स्वाद पसंद नहीं है तो आप चीनी का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके बाद दूध को चलाएं। अब इसमें कटे हुए काजू, बादाम, इलायची पाउडर, केसर, डालें और अच्छी तरह मिक्स करंे। केसर और इलायची पाउडर की वजह से बासुंदी की महक, स्वाद और रंग काफी अच्छा हो जाता है। 
कुछ देर तक इसे पकाएं। अब आपकी केसर बासुंदी बनकर तैयार है। अब आप इसे एक बाउल में निकालें और हल्का ठंडा होने दें। इसके बाद बासुंदी को फ्रिज में रखें और अच्छी तरह ठंडा होने दें।
बासुंदी का स्वाद ठंडे में ही आता है। इसलिए जब बासुंदी ठंडी हो जाए तो इसे परिवार के सभी सदस्यों को सर्व करें।
 
मिताली जैन

रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप   



Disclaimer: The views expressed here are solely those of the author in his/her private capacity and do not necessarily reflect the opinions, beliefs and viewpoints of Prabhasakshi and do not in any way represent the views of Prabhasakshi.

Related Story