Khajrana Ganesh Temple: Indore के Khajrana Ganesh का रहस्य, एक 'Ulta Swastik' से कैसे पूरी होती है हर मनोकामना

Khajrana Ganesh Temple
प्रतिरूप फोटो
Creative Common License/Wikimedia Commons

खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। माना जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब से मूर्ति को बचाने के लिए इसको एक कुएं में छिपा दिया गया था। फिर बाद में अहिल्याबाई ने मूर्ति निकलवाकर मंदिर में स्थापित किया था।

इंदौर का खजराना गणेश मंदिर अटूट श्रद्धा और भव्यता के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। खजराना गणेश मंदिर का निर्माण 1735 में मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। माना जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब से मूर्ति को बचाने के लिए इसको एक कुएं में छिपा दिया गया था। फिर बाद में अहिल्याबाई ने मूर्ति निकलवाकर मंदिर में स्थापित किया था। इस मंदिर से जुड़ी कुई अद्भुत परंपराएं जुड़ी हुई हैं। जिनमें सबसे अनोखी और चर्चित परंपरा है कि भगवान गणेश की पीठ पर 'उल्टा स्वास्तिक' बनाना है। वहीं भक्त दूर-दूर से अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं और विशेष अनुष्ठान को करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस मंदिर और यहां से जुड़ी मान्यता के बारे में बताने जा रहे हैं।

उल्टा स्वास्तिक बनाने की क्या है मान्यता

खजराना गणेश मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाना मन्नत मांगने का एक तरीका माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अगर कोई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ मंदिर की पिछली दीवार पर सिंदूर से उल्टा स्वास्तिक बनाता है, तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कठिन कार्य सिद्ध हो जाते हैं। लोग अपनी इच्छाएं और परेशानियां भगवान के चरणों में सौंपने के प्रतीक में उल्टा स्वास्तिक चिह्न बनाते हैं।

इसे भी पढ़ें: Thakur Ji Darshan: ठाकुर जी के सामने से दर्शन क्यों हैं मना, जानें इसके पीछे का Divine Energy और Science

वहीं जब भक्त की मुराद पूरी हो जाती है, तो परंपरा के मुताबिक उनको मंदिर में दोबारा आना होता है। वहीं मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त भी उसी दीवार पर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं। साथ ही भगवान का आभार प्रकट करते हैं। वहीं लोग मोदक या लड्डू का भी भोग लगाते हैं।

क्या है धागा बांधने और परिक्रमा की परंपरा

उल्टा स्वास्तिक बनाने के अलावा इस मंदिर में धागा बांधने की एक प्राचीन परंपरा है। भक्त अपनी मन्नत को पूरा करने के लिए मंदिर की दीवार रक्षा सूत्र बांधते हैं। वहीं मंदिर की तीन परिक्रमा करने का भी महत्व है। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान और भक्त के बीच गहरा आध्यात्मिक संबंध बन जाता है। वहीं विघ्नहर्ता उनके जीवन की सभी बाधाओं को दूर कर देते हैं।

क्रिकेट टीम का 'सुपर सिलेक्टर' है मंदिर

बता दें कि इस मंदिर को भारतीय क्रिकेट टीम का 'सुपर सिलेक्टर' भी माना जाता है। जब भी इंदौर में कोई बड़ा मैच होता है, या फिर भारतीय टीम का कोई अहम दौरा होता है, तो कई खिलाड़ी और क्रिकेट प्रेमी यहां पर मन्नत मांगने के लिए आते हैं। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम की जीत के लिए अक्सर यहां पर उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है। यहां के स्थानीय लोगों की मानें, तो शहर का कोई भी शुभ काम चाहे वह नया व्यापार हो या शादी, खजराना गणेश जी को पहला निमंत्रण दिए बिना अधूरा रहता है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़