Famous Ganesh Temple in India: Siddhivinayak से लेकर Trinetra Ganesh तक, भारत के 11 प्रसिद्ध मंदिरों का धार्मिक महत्व

Famous Ganesh Temple
Creative Common License

गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश को समर्पित इन मंदिरों की रौनक देखते ही बनती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भगवान गणेश के 11 चमत्कारी मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।

वैसे तो भारत में भगवान गणेश को समर्पित हजारों मंदिर हैं। वहीं देश-विदेश में भगवान गणेश की कई प्राचीन मूर्तियां विराजमान हैं। लेकिन कुछ खास मंदिर हैं, जिनकी प्रसिद्धि और प्रताप दूर-दूर तक फैला है। इन मंदिरों में लाखों की संख्या में भक्त दर्शन और गणपति बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं। वहीं गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश को समर्पित इन मंदिरों की रौनक देखते ही बनती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भगवान गणेश के 11 चमत्कारी मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं।

मनकुला विनयगर मंदिर

पुडुचेरी का मनकुला विनायक मंदिर करीब 300 साल से अधिक पुराना है। यह भगवान गणेश का मंदिर है, जोकि बंगाल की खाड़ी के पास स्थित है। मनकुला का मतलब रेत का तालाब होता है। मनकुला विनायक मंदिर अपनी स्वर्ण रथ यात्रा और हाथियों के आशीर्वाद के लिए काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर में विराजमान भगवान गणेश को को वरसिद्धि विनायक के नाम से जाना जाता है।

इसे भी पढ़ें: Bhimashankar Temple Facts: जानिए 6वें ज्योतिर्लिंग का पौराणिक इतिहास और चांदी के Kavach की मान्यता

मधुर महागणपति मंदिर

यह मंदिर केलर कासरगोड स्थित मधु वाहिनी नदी के तट पर बना है। यह अपने त्रिस्तरीय गोपुरम और अनोखी गणेश प्रतिमा के लिए काफी फेमस है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक टीपू सुल्तान ने इस मंदिर पर एक बार आक्रमण किया था, लेकिन दैवीय हस्तक्षेप के बाद उसको छोड़ दिया। गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर की दिव्यता और भव्यता देखने लायक होती है।

दगडूशेठ गणपति मंदिर

यह मंदिर कर्नाटक के बेलगावी में स्थित है। यह मंदिर भगवान गणेश की भव्य मूर्ति और सामुदायिक समारोहों के लिए काफी प्रसिद्ध है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों जगहों से भक्त मंदिर आते हैं। वहीं गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां पर हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं।

अष्टविनायक मंदिर

महाराष्ट्र का अष्टविनायक मंदिर गणपति बप्पा के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की पवित्र तीर्थयात्रा पुणे के आसपास 8 प्राचीन मंदिरों में से होकर गुजरती है। जिनमें से हर एक ही अनोखी कथा और स्वयंभू बप्पा की मूर्ति है। मोरगांव से रंजनगांव तक भक्त भक्ति में डूबकर इन मंदिरों की परिक्रमा करते हैं। वहीं पौराणिक कथाओं में भी इस मंदिर का जिक्र मिलता है।

करपगा विनायक मंदिर

तमिलनाडु के पिल्लैयारपट्टी में स्थित यह मंदिर कराईकुडी के बेहद समीप है। इस प्राचीन चट्टानी मंदिर में एक गुफा में भगवान गणेश की 6 फीट प्रतिमा तराशी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर करीब 1600 साल पुराना है। जोकि करपगा विनायक के नाम से फेमस है। यहां पर भी गणेश चतुर्थी के मौके पर विशेष रौनक देखने को मिलती है।

गणेश टोक मंदिर

यह मंदिर सिक्किम के गंगटोक में स्थित है। यह भगवान गणेश को समर्पित एक छोटा और प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर है। इस मंदिर से आपको गंगटोक शहर का पूरा मनोहर दृश्य देखने को मिलता है। नया व्यापार शुरू करने से पहले भक्त इस मंदिर में आकर बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

कनिपकम विनायक मंदिर

आंध्र प्रदेश के चित्तूर में स्थित कनिपकम विनायक मंदिर को 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था। इस मंदिर का निर्माण चोल राजाओं द्वारा कराया गया था। इस मंदिर में भगवान गणेश की स्वयंभू मूर्ति स्थापित है। माना जाता है कि समय के साथ-साथ मूर्ति का भी आकार बढ़ रहा है। भक्तों का मानना है कि गणपति बप्पा ही उनके जीवन में आए किसी भी तरह के विवाद को सुलझाते हैं। इस कारण उनको वरसिद्धि विनायक के नाम से जाना जाता है।

सिद्धिविनायक मंदिर

कर्नाटक के बैंगलोर में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर करीब 600 साल से ज्यादा पुराना है। यह मंदरि बप्पा के शक्तिशाली मंदिर के रूप में पूजा जाता है। मंदिर में विराजमान गणपति की मूर्ति की पूजा वरसिद्धि विनायक यानी की वरदान देने वाले भगवान के रूप में की जाती है। गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर की दिव्यता और भव्यता देखने लायक होती है।

उच्ची पिल्लयार मंदिर

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में 7वीं शताब्दी का रॉकफोर्ट उच्ची पिल्लयार मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है। इस मंदिर को स्थानीय लोग पिल्लयार के नाम से भी जानते हैं। पौराणिक कहानियों के मुताबिक यह भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा और रावण की विभीषण की मूर्ति छिपाने में बप्पा की अहम भूमका थी।

त्रिनेत्र गणेश जी

राजस्थान के रणथंभौर किले के अंदर बना भगवान गणेश का यह सबसे पुराना मंदिर है। इस मंदिर में स्थापित गणेश जी की मूर्ति के तीन नेत्र हैं। जिस कारण उनको त्रिनेत्र गणेश जी के नाम से भी जाना जाता है। गणपति के इस मंदिर में हर शुभ काम को करने से पहले उनको निमंत्रण भेजा जाता है।

सिद्धि विनायक मंदिर

महाराष्ट्र का सिद्धिविनायक मंदिर सबसे फेमस मंदिरों में से एक है। यहां पर बप्पा को मनोकामना पूरी करने वाले भगवान के रूप में पूजा जाता है। साल 1801 में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। यह मंदिर पूरे भारत में काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर में विराजमान बप्पा की मूर्ति की सूंड दाईं ओर मुड़ी है, जिसको बेहद शक्तिशाली और दुर्लभ माना जाता है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़