Badrinath Dham Update: शीतकाल में बंद होंगे कपाट, जानें क्यों Joshimath में होती है भगवान की पूजा

Badrinath Dham
Creative Common License/Wikimedia Commons

बर्फबारी के दौरान भगवान बद्री विशाल के पूजा स्थल को स्थानातंरित कर दिया जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कपाट बंद होने के बाद बद्री विशाल की पूजा कहां होती है।

हर साल सर्दियों के मौसम की शुरूआत में बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी होती है और मौसम बेहद सर्द हो जाता है। कपाट बंद होने की डेट हर साल दशहरा के बाद घोषित की जाती है। यह एक अहम धार्मिक घटना होती है। जब मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान बद्री विशाल की पूजा की जाती है। ऐसे में अब आपने मन में यह सवाल होगा कि बद्रीनाथ के कपाट बंद हो जाते हैं, तो बद्री विशाल की पूजा कहां होती है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बर्फबारी के दौरान भगवान बद्री विशाल के पूजा को स्थानातंरित कर दिया जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कपाट बंद होने के बाद बद्री विशाल की पूजा कहां होती है।

इसे भी पढ़ें: Famous Temple: Tirupati Balaji Temple के 5 Divine Facts, जिनके आगे विज्ञान भी हैरान, क्या आप जानते हैं

कहां होती है बद्रीविशाल की पूजा

बता दें कि जब बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं, तो भगवान बद्री विशाल की पूजा की व्यवस्था को उनके शीतकालीन गद्दी स्थल पर स्थानांतरित कर दी जाती है। सर्दियों में बद्री विशाल की पूजा जोशीमठ स्थित श्री नरसिंह मंदिर में की जाती है। इस दौरान बद्रीनाथ मंदिर से भगवान के प्रतिनिधि के तौर पर कुबेर जी और उद्धव जी की डोली भी जोशीमठ लाई जाती है।

सदियों पुरानी इस परंपरा का पालन करते हुए मुख्य पुजारी और अन्य लोग एक विशेष धार्मिक यात्रा के तहत भगवान की गद्दी को जोशीमठ लेकर जाते हैं। वहीं इस दौरान श्रद्धालु श्री नरसिंह मंदिर में बद्री विशाल की पूजा और दर्शन कर सकते हैं।

All the updates here:

अन्य न्यूज़