SPF 30 या 50, कौन है बेहतर? Sunscreen पर पैसे खर्च करने से पहले जानें ये Golden Rules

SPF 30 vs 50
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गर्मियों में त्वचा को यूवी किरणों से बचाने के लिए सही सनस्क्रीन चुनना बेहद जरूरी है। जानें आपकी स्किन के लिए एसपीएफ 30 और एसपीएफ 50 में से कौन सा बेहतर है और खरीदते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम व पीए रेटिंग जैसी बातों का ध्यान क्यों रखना चाहिए।

गर्मियों में तेज धूप से बचने के लिए हम सभी कई तरीके अपनाते हैं। जैसे- जैसे तापमान बढ़ रहा है वैसे ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है। जब हम घर से बाहर कदम रखते हैं, तो चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ता है। सूरज की रोशनी से निकलने वाली यूवी किरणें हमारी स्किन को काफी नुकसान पहुंचाती है। इसलिए तेज धूप से बचने के लिए स्किन का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से हमारी स्किन अच्छी रहती है। 

आइए जानते है चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना क्यों जरुरी है, कितने SPF वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए और सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें।

सनस्क्रीन त्वचा के लिए क्यों जरूरी है?

गौरतलब है कि सूरज की रोशनी से  UVAऔर UVB किरणें निकलती हैं। इन्हीं हानिकारक किरणों से सनस्क्रीन त्वचा पर ढाल का काम करती है। इन अल्ट्रावायलेट किरणों की वजह से त्वचा में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जिनसे सनस्क्रीन बचाव करती है। 

सनस्क्रीन लगाने के फायदे

- समय से पहले बुढ़ापे को रोकना- अक्सर धूप के कारण चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन आने लगता है, जिसको फोटो-एजिंग कहा जाता है। सनस्क्रीन इस रोकने का काम करती है।

- हाइपरपिग्मेंटेशन से बचाव- धूप के कॉन्टेक्ट में आने से चेहरे पर डार्क स्पॉट्स और पिग्मेंटेशन हो जाती है। सनस्क्रीन त्वचा की चमक और ईवन टोन बनाए रखती है।

- स्किन कैंसर का खतरा- नियमित सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किन कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है।

कितने SPF वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए?

आपको बता दें कि, SPF (Sun Protection Factor) मापता है कि सनस्क्रीन UVB किरणों से आपकी त्वचा की कितनी देर तक बचा सकती है।

- SPF 15- यह लगभग 93% UVB किरणों को रोकता है और घर के अंदर रहने वालों के लिए यह ठीक है।

- SPF 30- यह करीब 97% किरणों को ब्लॉक करता है।

- SPF 50- यह लगभग 98% किरणों को रोकता है। अगर आप लंबे समय तक बाहर रहती हैं या समुद्र किनारे जा रहे है, तो इसके लिए SPF 50 बेहतर ऑप्शन है। 

इस बात का ध्यान रखें कि सनस्क्रीन 100% सुरक्षा नहीं देती, इसलिए इसे हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना जरुरी है।

सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

- ब्रॉड स्पेक्ट्रम- सिर्फ वही सनस्क्रीन लें जिस पर ब्रॉड स्पेक्ट्रम लिखा हो। इसका सीधा मतलब होता है कि यह  UVA और UVB दोनों किरणों से बचाएगी।

- PA रेटिंग- सनस्क्रीन खरीदते समय  पैकेजिंग पर PA+, PA++ या PA+++ चेक करें। जितने ज्यादा + होंगे, उतनी ही बेहतर सुरक्षा UVA किरणों से मिलेगी।

- त्वचा का प्रकार- यदि त्वचा ऑयली है, तो जेल-बेस्ड या मैट सनस्क्रीन चुनें। अगर त्वचा ड्राई है, तो लोशन या क्रीम-बेस्ड हाइड्रेटिंग सनस्क्रीन लें।

-वॉटर रेजिस्टेंट- यदि आपको पसीना ज्यादा आता है या आप स्विमिंग करते हैं, तो वॉटर रेजिस्टेंट ऑप्शन का चयन करें।

सनस्क्रीन न लगाने के नुकसान

यदि आप सनस्क्रीन नहीं लगाते हैं, तो आपकी त्वचा को कई नुकसान झेलने पड़ सकते हैं-

- सनबर्न- त्वचा का लाल होना, जलन और खुजली।

- डार्क स्पॉट्स- चेहरे पर डार्क स्पॉट्स और  पिग्मेंटेशन।

- इलास्टिसिटी खत्म होना- अगर आप सनस्क्रीन का प्रयोग नहीं करेंगे तो आपकी स्किन उम्र से पहले ही बूढ़ी और लटकी नजर आएगी। 

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