बॉलीवुड में जोर-शोर से उठाया जाता है गे-लेस्बियन का मुद्दा, देखें यह फिल्में जो बदल देगी आपकी सोच

बॉलीवुड में जोर-शोर से उठाया जाता है गे-लेस्बियन का मुद्दा, देखें यह फिल्में जो बदल देगी आपकी सोच

सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2018 को LGBT समुदाय पर बहुत बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने साफ कर दिया कि अब Homosexuality क्राइम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को अवैध करार दिया है। इसके बाद से LGBT समुदाय इस दिन को Independence day के रूप में सेलिब्रेट करते है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2018 को LGBT समुदाय पर बहुत बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने साफ कर दिया कि अब Homosexuality क्राइम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 को अवैध करार दिया है। इसके बाद से LGBT समुदाय इस दिन को Independence day के रूप में सेलिब्रेट करते है। Homosexuality को लेकर भारत में लंबे समय से बहस चलती आ रही है। भले ही यह फैसला काफी समय बाद आया हो लेकिन बॉलिवुड में पहले से ही इस मुद्दे पर काफी फिल्में बन रही है। शुरूआती दौर में बॉलिवुड की इन फिल्मों ने काफी विरोध और नाराजगी भी झेली। लेकिन आज ऐसे बॉलिवुड के कई रोल हैं जो खूब चलन में हैं। तो चलिए आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ खास फिल्मों के बारे में जो इस सब्जेक्ट पर आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी। 

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हाल ही में आयुष्मान खुराना की फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान का ट्रेलर रिलीज हुआ है। इस फिल्म का ट्रेलर आपको चौंका देगा क्योंकि यह फिल्म कोई आम फिल्म नहीं है जिसमें आप लड़का-लड़की की लव स्टारी देखते है बल्कि यह फिल्म दो लड़कों के प्यार की कहानी पर आधारित है। समाज में एक लड़का-लड़की के प्यार का संघर्ष क्या होता था यह तो बॉलीवुड की कई फिल्मों में अलग-अलग स्टोरी से देखा जा चुका है लेकिन एक गे लड़के को अपने प्यार को पाने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा वह इस फिल्म में आप देखेंगे। बता दें कि सोशल मीडिया में ट्रेलर को काफी पसंद किया गया है। इतने गंभीर मुद्दे को आयुष्मान खुराना ने बड़े ही अच्छे ढंग से पेश करने की कोशिश की है। 

इसी तरह बॉलिवुड की कई फिल्मों ने LGBT समुदाय के विषयों और संमलैंगिक रिश्तों के प्रति समाज की सोच और व्यवहार को दिखाया है। ऐसी ही एक और फिल्म है कपूर एंड संस, इस फिल्म में फवाद खान गे के रोल में थे। इस फिल्म में दिखाया गया कि कैसे Homosexual लोगों की जिंदगी भी आम लोगों की जिंदगी की तरह उतार-चढ़ाव से भरी होती है। 

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बॉम्बे टॉकिज फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे न्यु जनरेशन को लोग सबके सामने आराम से स्वीकार करते हैं कि वह gay या lesbian है। लेकिन कुछ लोग झूठ बोलकर अपनी और अपने आसपास की जिंदगी खराब कर देते हैं। 

फिल्म FIRE, जब LGBT पर बात हो रही है तो इस फिल्म को कैसे भुलाया जा सकता है, दीपा मेहता के डायरेक्शन पर बनीं इस फिल्म में शबाना आजमी और नंदिता दास के रिश्तो को दिखाया गया था। इस फिल्म को अपने बोल्ड सबजेक्ट और सीन के लिए काफी विरोध और सेंसर की मार भी झेलनी पड़ी थी। 

‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ फिल्म की बात करें तो सोनम कपूर इस फिल्म में लेस्बियन होती हैं उन्हें बचपन से ही पता होता है कि वह लड़कियों को देखकर अट्रेक्ट होती हैं। इस फिल्म की लव स्टोरी ने भी लोगों को काफी चौंकाया था साथ ही इस फिल्म ने एक स्ट्रोंग मैसेज भी समाज में पहुंचाने की कोशिश की थी। वहीं बात करें ‘अलीगढ़’ मूवी की तो मनोज वाजपेयी की इस फिल्म ने सबके रौंगटे खड़े कर दिए थे। अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के एक गे प्रोफेसर की कहानी को फिल्म में दर्शाया गया है। 

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साल 2008 में आई फैशन मूवी में एक्टर समीर सोनी ने एक गे का रोल निभाया है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे समाज किसी गे को नकार देता है और अपनी पहचान बदलने को मजबूर कर देता है। 

1997 में आई फिल्म ‘दायरा’ जिसके डायरेक्टर अमोल पालेकर हैं। इस फिल्म में एक गांव की लड़की की मजबूरी को दिखाया गया है जब वह एक लड़का बनने पर मजबूर होती है। cross dressing पर समाज के नजरिए को फिल्म में बखूबी दिखाया गया है।

तो यह तो थी कुछ ऐसी फिल्में जिसे बॉलिवु़ड ने एक कड़वी सच्चाई के साथ पेश किया है। कुछ ने ऐसी फिल्मों को दिल से स्वीकारा है और साथ ही Homosexuality को crime नहीं समझा है वहीं कुछ ने Homosexuality को बिल्कुल नहीं स्वीकारा है और इसे एक समाज के खिलाफ समझा है। 

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