दिल्ली सरकार ने 75,800 करोड़ रुपये का ‘रोजगार बजट’ पेश किया; 20 लाख रोजगार सृजन का उद्देश्य

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 27, 2022   00:02
दिल्ली सरकार ने 75,800 करोड़ रुपये का ‘रोजगार बजट’ पेश किया; 20 लाख रोजगार सृजन का उद्देश्य

सिसोदिया ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन ‘रोजगार बाजार 2.0’ शुरू किया जाएगा और इसका उद्देश्य दिल्ली के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख रोजगार उपलब्ध करवाना है।

नयी दिल्ली| दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 75,800 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।

उन्होंने इसे ‘रोजगार बजट’ बताते हुए अगले पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार पैदा करने के लिए कई कदमों की घोषणा भी की। अगले वित्त वर्ष के बजट में दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना, रात्रि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और खुदरा एवं थोक बाजारों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं।

दिल्ली के वित्त मंत्रालय का प्रभार संभालने वाले सिसोदिया ने अपने बजट भाषण में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट आवंटन पिछले वर्ष की तुलना में 9.86 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2021-22 के लिए बजट आवंटन 69,000 करोड़ रुपये था।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था कोविड-19 के प्रभाव से धीरे-धीरे उबर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार बजट दिल्ली की अर्थव्यवस्था को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगा और इससे रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे।’’

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐसा बजट पेश करने के लिए सिसोदिया की प्रशंसा की जिसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली के लिए “रोजगार बजट” पेश करने पर बहुत-बहुत बधाई।

यह बजट युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार तैयार करेगा। इस बजट में दिल्ली के हर वर्ग का ख्याल रखा गया है।’’ वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में शिक्षा के लिए 16,278 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 9,669 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार का यह लगातार आठवां बजट है।

सिसोदिया ने बजट भाषण में कहा कि सरकार 20 लाख रोजगार पैदा करने के लिए अगले पांच साल में 4,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी और अगले वित्त वर्ष में इसके लिए 800 करोड़ रुपये अलग रखे जाएंगे। अपने ‘रोजगार बजट’ में दिल्ली सरकार ने खुदरा और थोक बाजारों को बढ़ावा देने के लिए शहर में कई शॉपिंग फेस्टिवल के आयोजन की योजना बनाई है।

इसका उद्देश्य इन स्थानों को पर्यटन स्थल बनाना और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए रोजगार पैदा करना है। ‘दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल’ और ‘दिल्ली होलसेल शॉपिंग फेस्टिवल’ के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

सिसोदिया ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन ‘रोजगार बाजार 2.0’ शुरू किया जाएगा और इसका उद्देश्य दिल्ली के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख रोजगार उपलब्ध करवाना है।

बजट में राष्ट्रीय राजधानी में एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाने का प्रस्ताव रखा गया है जिससे करीब 80,000 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसे दिल्ली के बापरोला इलाके में स्थापित किया जाएगा।

सिसोदिया ने कहा कि इस कदम से सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां भी दिल्ली आने के लिए प्रोत्साहित होंगी। उन्होंने दिल्ली के स्थानीय जायके को बढ़ावा देने के लिए फूड ट्रक नीति लाने का भी प्रस्ताव बजट में रखा है

इसके तहत खानपान के परंपरागत व्यंजन परोसने वाले फूड ट्रक दिल्ली की सड़कों पर शाम आठ बजे से देर रात दो बजे तक लगाए जा सकेंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट शहरी कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा और पूसा संस्थान के साथ मिलकर इसे एक आंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे 25,000 नए रोजगार पैदा होने की संभावना है। दिल्ली सरकार अपने विभागों और एजेंसियों के लिए बजट आवंटन का रोजगार ऑडिट भी करवाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट आवंटन के बारे में बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि 1,900 करोड़ रुपये की मदद से राज्य द्वारा संचालित अस्पतालों को बेहतर बनाया जाएगा वहीं 475 करोड़ रुपये मोहल्ला क्लिनिक और पॉलीक्लिनिक के लिए अलग रखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगले दो वर्ष में यमुना नदी को पूरी तरह से साफ किया जाएगा।





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