Odisha में Adani Group का सबसे बड़ा दांव, Abu Dhabi संग 1.08 लाख करोड़ से बनेगा विशाल Aluminum Plant

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Ankit Jaiswal । Jul 2 2026 7:57PM

ओडिशा में 1.08 लाख करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना स्थापित की जा रही है, जिसमें एल्युमिना रिफाइनरी, स्मेल्टर और कैप्टिव पावर प्लांट शामिल होंगे। अडानी समूह के इस निवेश से न केवल भारत की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह परियोजना 53,500 से अधिक रोजगार पैदा कर राज्य के औद्योगिक विकास को भी गति प्रदान करेगी।

अडानी समूह ने देश के धातु क्षेत्र में एक बड़े निवेश की घोषणा करते हुए ओडिशा में विशाल एल्युमिनियम परियोजना स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अबू धाबी स्थित इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग ने संयुक्त उद्यम के तहत करीब 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत एल्युमिनियम संयंत्र विकसित करने का फैसला किया है। इस परियोजना को लेकर दोनों कंपनियों ने ओडिशा सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

बता दें कि यह समझौता 2.0 के माध्यम से किया गया है, जो इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी की सहयोगी यूनिट  है। गौरतलब है कि इस निवेश को ओडिशा में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और भारत के धातु उद्योग के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश बताया जा रहा है।

भारत में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, आधारभूत ढांचे के विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल उपकरणों की मांग के कारण एल्युमिनियम की खपत लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियां भविष्य की जरूरतों के अनुसार उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि देश में डिजिटलीकरण और विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार के साथ एल्युमिनियम की मांग लगातार बढ़ेगी और यह भारत के लिए लंबे समय का बड़ा अवसर है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कुल निवेश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा ऋण के माध्यम से जुटाया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत निवेश इक्विटी के रूप में किया जाएगा। परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में करीब 66 हजार करोड़ रुपये और दूसरे चरण में लगभग 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

इस परियोजना के तहत 40 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाला एल्युमिनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव बिजली संयंत्र तथा 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम विनिर्माण पार्क स्थापित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

कंपनी के अनुसार, परियोजना से निर्माण और संचालन के दौरान मिलाकर करीब 53,500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे ओडिशा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

गौरतलब है कि कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था की है। इसके अलावा भविष्य में बॉक्साइट खदानों की नीलामी में भी भाग लेने की संभावना जताई गई है, ताकि कच्चे माल की आपूर्ति लंबे समय तक बनी रहे।

करण अडानी ने बताया कि सभी आवश्यक सरकारी मंजूरियां अगले 12 से 18 महीनों में मिलने की उम्मीद है। इसके बाद पहले चरण का निर्माण शुरू होगा, जिसे चालू होने में लगभग साढ़े तीन वर्ष लग सकते हैं। पूरी परियोजना को पूरी तरह तैयार होने में करीब चार से पांच वर्ष का समय लगने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल ओडिशा ही नहीं बल्कि पूरे देश के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र, निर्यात क्षमता और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। साथ ही ऊर्जा दक्षता और कम लागत पर उत्पादन की रणनीति के जरिए भारतीय एल्युमिनियम उद्योग को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में भी यह परियोजना अहम साबित हो सकती है।

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