Crude Oil में गिरावट और Japan डील का डबल बूस्टर, IT Sector की तेजी से दौड़ा Share Market

निवेशकों को राहत देते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसका नेतृत्व पिछले कुछ सत्रों की बिकवाली के बाद सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों ने किया। कच्चे तेल में गिरावट और जापान के साथ नए समझौतों जैसे सकारात्मक संकेतों से बाजार को समर्थन मिला, लेकिन बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली के कारण सेंसेक्स की 579 अंकों की तेजी कुछ सीमित रही।
घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को निवेशकों को राहत दी और पूरे कारोबारी सत्र के दौरान मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करने के बाद अच्छी बढ़त पर बंद हुआ। मौजूद जानकारी के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों में जोरदार खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-जापान के बीच हुए नए रणनीतिक समझौतों ने बाजार का माहौल सकारात्मक बनाए रखा। हालांकि बैंकिंग और कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण तेजी की रफ्तार कुछ सीमित जरूर रही हैं।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 656 अंकों से अधिक की छलांग भी लगाई। वहीं राष्ट्रीय शेयर बाजार का निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 प्रतिशत मजबूत होकर 24,175.70 अंक पर बंद हुआ।
बता दें कि गुरुवार के कारोबार में सबसे अधिक तेजी सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों में देखने को मिली। इन्फोसिस का शेयर 5.65 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा टेक महिंद्रा में 4.34 प्रतिशत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 4.32 प्रतिशत और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 4.25 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन, टाइटन कंपनी, आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। लार्सन एंड टुब्रो में सबसे अधिक 0.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली हैं। राष्ट्रीय शेयर बाजार में मैक्स हेल्थकेयर भी प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय बाजार को बड़ा सहारा दिया। वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 1.45 प्रतिशत गिरकर 70.53 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई और आयात लागत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद रहती है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है।
बाजार को उस समय और समर्थन मिला जब भारत और जापान ने कई महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौतों की घोषणा की। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, रक्षा उपकरणों के संयुक्त विकास, आर्थिक सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सहयोग और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने जैसे क्षेत्रों में नई पहल पर सहमति जताई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से आने वाले समय में निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिल सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी। ऐसे में गुरुवार को इन शेयरों में आई जोरदार वापसी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि बैंकिंग क्षेत्र और कुछ बड़ी कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण बाजार की तेजी और अधिक नहीं बढ़ सकी।
अगर एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 7.89 प्रतिशत गिर गया। जापान का निक्केई 225 2.47 प्रतिशत और चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट 2.03 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में कारोबार सकारात्मक रहा, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है।
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