हिंदुस्तान कॉपर का बड़ा फैसला, Copper Production बढ़ाने के लिए ₹7,000 Crore के Capital Investment की तैयारी

Copper
प्रतिरूप फोटो
AI Image

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड ने रणनीतिक विस्तार और घरेलू तांबा उत्पादन बढ़ाने के लिए आगामी पांच से छह वर्षों में 7000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश का खाका तैयार किया है। कंपनी अन्वेषण और खदानों के पुनरुद्धार के माध्यम से बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती मांग को लक्षित कर रही है। यह पहल तांबा भंडार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की बाजार स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विश्लेषणात्मक कदम है।

 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने मंगलवार को कहा कि वह अगले पांच से छह साल में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत निवेश की योजना बना रही है। यह कंपनी के विस्तार अभियान का हिस्सा है, जिसमें अन्वेषण, खदानों का पुनरुद्धार और रणनीतिक साझेदारियां शामिल हैं। शेयर बाजार को दी सूचना में कंपनी ने बताया कि उसने तांबा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में कई रणनीतिक पहल की हैं और अगले 5-6 वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत निवेश की योजना तैयार की है।

यह कदम देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक परिवहन और अन्य स्वच्छ-ऊर्जा उपयोग के चलते तांबे की बढ़ती मांग के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी ने कहा कि उसने पिछले तीन वर्षों में 13.55 करोड़ टन तांबा अयस्क भंडार और संसाधनों को अपने खाते में जोड़ा है, जो उसके संसाधन आधार में निरंतर सुधार को रेखांकित करता है।

एचसीएल ने कहा कि वह भारत और विदेशों दोनों जगह नए तांबे के भंडार के अधिग्रहण की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। कंपनी ने आगे कहा कि इस योजना का एक मुख्य ध्यान घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए देशभर में बंद पड़ी खदानों को फिर से खोलना है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़