प्रॉपर्टी खरीदारों को बड़ा तोहफा! 1 अक्टूबर से नहीं पड़ेगी TAN की जरूरत, केवल PAN से निपटेगा TDS का काम

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रेनू तिवारी । Sep 25 2026 3:11PM

खरीदार TDS काटने, जमा करने और रिपोर्ट करने के लिए अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह बदलाव नए इनकम-टैक्स कानून में बदलाव का हिस्सा है और इसका मकसद नॉन-रेजिडेंट विक्रेताओं के साथ लेन-देन करने वाले व्यक्तियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना है।

यदि आप किसी अनिवासी भारतीय (NRI) या नॉन-रेजिडेंट से घर, जमीन या कोई भी अचल संपत्ति (Immovable Property) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। आमतौर पर निवासी भारतीय विक्रेता के मुकाबले किसी NRI से प्रॉपर्टी खरीदना कागजी प्रक्रियाओं और टैक्स नियमों के कारण थोड़ा जटिल और समय खपाने वाला होता था। लेकिन 1 अक्टूबर, 2026 से इनकम टैक्स विभाग इस प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने जा रहा है।आयकर विभाग ने रेजिडेंट खरीदारों (Resident Buyers) के लिए टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) काटने और जमा करने की प्रक्रिया को सरल कर दिया है, जिससे खरीदारों को अतिरिक्त टैक्स रजिस्ट्रेशन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 

इसके बजाय, खरीदार TDS काटने, जमा करने और रिपोर्ट करने के लिए अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह बदलाव नए इनकम-टैक्स कानून में बदलाव का हिस्सा है और इसका मकसद नॉन-रेजिडेंट विक्रेताओं के साथ लेन-देन करने वाले व्यक्तियों के लिए नियमों का पालन आसान बनाना है।

NRI से प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अलग TAN की ज़रूरत नहीं

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मौजूदा सिस्टम के तहत, नॉन-रेजिडेंट से अचल संपत्ति खरीदने वाले रेजिडेंट व्यक्ति या HUF को TDS काटना होता है और लेन-देन के लिए TAN लेना होता है। एक व्यक्तिगत खरीदार के लिए, यह पहले से ही बड़े प्रॉपर्टी लेन-देन में नियमों के पालन का एक और कदम जोड़ सकता है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने बजट 2026 FAQs में साफ़ किया था कि यह ज़रूरत 1 अक्टूबर, 2026 से हटा दी जाएगी। इसके बजाय खरीदार TDS से जुड़े नियमों के पालन के लिए अपने PAN का इस्तेमाल कर सकेंगे। खरीदार अलग TAN लेने के बजाय PAN-आधारित चालान-सह-स्टेटमेंट मैकेनिज्म के ज़रिए लेन-देन की रिपोर्ट कर सकेंगे।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस कदम से रेजिडेंट व्यक्तियों और HUFs पर नियमों के पालन का बोझ कम होगा, क्योंकि वे अपने PAN का इस्तेमाल करके इनकम टैक्स काट सकेंगे।

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NRI प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS अभी भी लागू है

इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि NRI विक्रेताओं से जुड़े प्रॉपर्टी लेन-देन से TDS हटा दिया गया है। TDS की ज़िम्मेदारी बनी रहेगी। बदलाव इस बात में है कि खरीदार को नियमों का पालन कैसे करना है।

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खरीदारों को अभी भी लागू TDS तय करना होगा, ज़रूरी स्टेज पर टैक्स काटना होगा और तय प्रोसेस के ज़रिए इसे जमा करना और रिपोर्ट करना होगा। तो, भले ही TAN से जुड़े कागज़ी काम कम किए जा रहे हैं, लेकिन खरीदार इस लेन-देन को हर मामले में किसी निवासी विक्रेता से प्रॉपर्टी खरीदने जैसा नहीं मान सकते।

दूसरे शब्दों में, खरीदारों के लिए नए नियमों से 1 अक्टूबर से अनिवासी विक्रेताओं के साथ प्रॉपर्टी की डील आसान और कम झंझट वाली हो जानी चाहिए।

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