Campa को Energy Drink के रूप में बेच सकेगी Reliance, Delhi High Court ने दी अंतरिम राहत

Campa Energy Drink
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Ankit Jaiswal । Oct 6 2026 7:52PM

दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को कैंपा उत्पादों को फिलहाल एनर्जी ड्रिंक के रूप में बेचने की अनुमति दे दी है। कंपनी ने अदालत में भारी मात्रा में तैयार माल और पहले से छपी पैकिंग का हवाला दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा बिना नोटिस दिए आदेश जारी करने पर सवाल उठाए।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के कैंपा ब्रांड के लिए मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कंपनी को फिलहाल अपने कैंपा उत्पादों को “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में बेचने और प्रचारित करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब खाद्य सुरक्षा नियामक के आदेश से रिलायंस के पास बड़ी मात्रा में ऐसा तैयार माल फंस गया था, जिस पर पहले से “एनर्जी ड्रिंक” लिखा हुआ था।

मौजूद जानकारी के अनुसार, मामला एफएसएसएआई के 30 जून के आदेश से जुड़ा है। नियामक ने ज्यादा मात्रा में कैफीन वाले पेय को “एनर्जी ड्रिंक” नाम से बेचने वाली कंपनियों को इस तरह का नाम इस्तेमाल करना बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद रिलायंस ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और अपने कैंपा उत्पादों की बिक्री पर पड़ रहे असर को अदालत के सामने रखा।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने खाद्य सुरक्षा नियामक से सवाल किया कि आदेश जारी करने से पहले रिलायंस को कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि अपनी गलती सुधारने में अभी देर नहीं हुई है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।

बता दें कि इस मामले में केवल रिलायंस ही प्रभावित नहीं है। पेप्सिको और मॉन्स्टर बेवरेज ने भी पिछले सप्ताह एफएसएसएआई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, ऑस्ट्रिया की रेड बुल को पहले ही अदालत से अपने उत्पादों के लिए “एनर्जी ड्रिंक” नाम का इस्तेमाल जारी रखने की अस्थायी राहत मिल चुकी है। पेप्सिको और मॉन्स्टर बेवरेज की याचिकाओं पर भी मंगलवार को सुनवाई होनी है।

रिलायंस के पेय कारोबार के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि कंपनी के पास बड़ी मात्रा में पहले से तैयार माल मौजूद है। अक्टूबर में दाखिल अपनी याचिका में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने बताया कि उसके पास “एनर्जी ड्रिंक” लिखे हुए करीब 168 मिलियन डिब्बे और 120 मिलियन प्लास्टिक बोतलें तैयार हैं। इसके अलावा 400 मिलियन डिब्बों और 360 मिलियन बोतलों के लिए पहले से छपी पैकिंग भी उसके पास मौजूद है।

कंपनी ने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों में अधिकारियों ने उसके उत्पादों का माल जब्त किया है। इसके साथ ही ऑनलाइन खरीदारी करने वाले मंचों को भी इन उत्पादों को हटाने के निर्देश दिए गए। रिलायंस के मुताबिक, इससे उसके कारोबार में काफी परेशानी पैदा हुई और तैयार माल की बिक्री प्रभावित हुई है। खाद्य सुरक्षा नियामक ने इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

गौरतलब है कि रिलायंस ने 2023 में कैंपा ब्रांड को दोबारा बाजार में उतारा था। कंपनी ने अपने बड़े खुदरा नेटवर्क और कम कीमतों का सहारा लेकर कोका-कोला और पेप्सिको जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती देने की कोशिश की है। कैंपा की वापसी के बाद रिलायंस की नजर तेजी से बढ़ते पेय बाजार पर भी रही है।

एनर्जी ड्रिंक के बाजार में इस विवाद का असर इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि भारत में इसकी बिक्री तेजी से बढ़ रही है। यूरोमॉनिटर के अनुसार, देश में इस श्रेणी के पेय की खुदरा बिक्री हर साल 12.6% की दर से बढ़ रही है। यह वृद्धि अमेरिका और चीन के मुकाबले भी ज्यादा है।

खाद्य सुरक्षा नियामक की कार्रवाई इस साल देशभर में चलाए जा रहे बड़े खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। इसमें कई जगह जांच, छापेमारी, कारोबार बंद कराने की कार्रवाई और नए चेतावनी लेबल से जुड़े नियम शामिल हैं। ऐसे में दिल्ली हाई कोर्ट का अंतरिम रुख फिलहाल रिलायंस के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन 5 नवंबर की सुनवाई से यह साफ होगा कि कैंपा के लिए “एनर्जी ड्रिंक” नाम को लेकर आगे क्या फैसला होता है।

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