कच्चे तेल की 'महा-उछाल': ₹10,888 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा भाव, पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य ने बढ़ाई चिंता

Crude oil
ANI
रेनू तिवारी । Apr 7 2026 2:25PM

कच्चे तेल का वायदा भाव मंगलवार को 300 रुपये की बढ़त के साथ 10,888 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। आपूर्ति को लेकर लगातार चिंताओं एवं पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कीमतों में यह तेजी आई।

वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में मची हलचल के बीच भारतीय वायदा बाज़ार (MCX) में कच्चे तेल की कीमतों ने मंगलवार को सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। आपूर्ति में बाधा की आशंका और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल का भाव ₹10,888 प्रति बैरल के ऐतिहासिक शिखर पर पहुँच गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का भाव 300 रुपये या 2.83 प्रतिशत चढ़कर अपने अब तक के सबसे उच्च स्तर 10,888 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

इसे भी पढ़ें: Udhayanidhi Stalin का BJP पर बड़ा हमला, बोले- Puducherry बनी जनविरोधी नीतियों की Laboratory

 

इसी तरह मई में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत एमसीएक्स पर 170 रुपये या 1.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,485 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक आपूर्ति के जटिल हालात और ऊर्जा निर्यात के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

इसे भी पढ़ें: Assam Election 2026: Assam में नया सियासी समीकरण, क्या JMM-जय भारत Alliance बनाएगा पहला आदिवासी CM

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद यह तेजी आई, क्योंकि व्यापारियों को आपूर्ति में संभावित बाधा और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई में आपूर्ति वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल का वायदा भाव 4.14 डॉलर या 3.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 116.55 डॉलर प्रति बैरल हो गया। वहीं ब्रेंट तेल के जून में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 1.5 प्रतिशत चढ़कर 111.40 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

All the updates here:

अन्य न्यूज़