कच्चे तेल (Crude Oil) की वायदा कीमत में छह प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट

कच्चे तेल (Crude Oil) की वायदा कीमत में छह प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट
प्रतिरूप फोटो

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच घरेलू वायदा बाजार में सोमवार को कच्चे तेल का भाव छह प्रतिशत से अधिक टूटकर 7,601 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की उम्मीद से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

नयी दिल्ली, तीन अगस्त अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की उम्मीद के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल का भाव सोमवार को छह प्रतिशत से अधिक टूटकर 7,601 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के वायदा अनुबंधों का भाव 512 रुपये यानी 6.31 प्रतिशत फिसलकर 7,601 रुपये प्रति बैरल रह गया।

कारोबार के दौरान यह अनुबंध अपने निचले सर्किट स्तर तक भी पहुंच गया। इसी तरह सितंबर आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव भी निवेशकों की व्यापक बिकवाली के बीच 415 रुपये यानी 5.3 प्रतिशत टूटकर 7,424 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। कारोबारियों ने बताया कि घरेलू बाजार में यह तेज गिरावट विदेशी बाजारों की कमजोरी के अनुरूप रही।

बाजार सहभागियों ने जोखिम वाले सौदों में कटौती की क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयासों से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान टल सकता है। घरेलू बाजार में बिकवाली अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट के अनुरूप रही। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर अक्टूबर में आपूर्ति वाले ब्रेंट कच्चे तेल के अनुबंधों का वायदा भाव 6.38 डॉलर यानी 7.3 प्रतिशत टूटकर 81.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

वहीं, अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का भाव भी 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया। न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईएमईएक्स) पर इसकी कीमत 5.89 डॉलर यानी करीब सात प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.78 डॉलर प्रति बैरल रही। विश्लेषकों ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की।

इससे वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं, हालांकि उनका कहना है कि क्षेत्र में घटनाक्रम पर अब भी सतर्क नजर बनाए रखने की जरूरत है। गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ वार्ता सोमवार को होगी। हालांकि, उन्होंने किसी समझौते की समयसीमा नहीं बताई।

ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद सुलझाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद में प्रस्तावित सैन्य हमले को टाल दिया है।

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