कृषि कर्जमाफी से ऋण संस्कृति समाप्त हो जायेगी: रघुराम राजन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 27, 2019   08:31
कृषि कर्जमाफी से ऋण संस्कृति समाप्त हो जायेगी: रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी पुस्तक ‘द थर्ड पिलर-हाउ मार्केट्स एंड स्टेट लीव द कम्युनिटी बिहाइंड’ के विमोचन के मौके पर कहा कि पहले हमें यह समझने की जरूरत है कि लोग इतने परेशान और नाराज क्यों हैं।

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को कहा कि भारत को कर्ज माफी के बजाय कृषि क्षेत्र के संकट को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी से ऋण संस्कृति ही समाप्त हो जाएगी। राजन ने अपनी पुस्तक ‘द थर्ड पिलर-हाउ मार्केट्स एंड स्टेट लीव द कम्युनिटी बिहाइंड’ के विमोचन के मौके पर कहा कि पहले हमें यह समझने की जरूरत है कि लोग इतने परेशान और नाराज क्यों हैं। कृषि क्षेत्र में काफी परेशानी है। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि कृषि कर्ज माफी इसका जवाब नहीं है। लेकिन इसके कुछ और जवाब भी हैं।

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उन्होंने कहा कि जिस एक और क्षेत्र पर ध्यान दिया जाना चाहिए वह है रोजगार सृजन है। लोग यह चाहते हैं। राजन ने जोर देकर कहा कि रोजगार सृजन किया जाए। संकट दूर किया जाए। आप जो भी उपाय करें, लोगों को उसमें रोजगार पाने में मदद मिलनी चाहिए। इनसे रोजगार के रास्ते में अड़चन पैदा नहीं होनी चाहिए।





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